Zechariah · chapter 6 · verse 1
Zechariah 6:1 in Hindi
मैं ने फिर आंखें उठाईं, और क्या देखा कि दो पहाड़ों के बीच से चार रथ चले आते हैं; और वे पहाड़ पीतल के हैं।
Maim ne phir aankhem uthaaeem, aur kyaa dekhaa ki do pahaadom ke beech se chaar rath chale aate haim; aur ve pahaad peetal ke hain.
Zechariah 6:1 in English
- King James Version (KJV)
- And I turned, and lifted up mine eyes, and looked, and, behold, there came four chariots out from between two mountains; and the mountains [were] mountains of brass.
- World English Bible (WEB)
- Again I lifted up my eyes, and saw, and behold, four chariots came out from between two mountains; and the mountains were mountains of bronze.
- American Standard Version (ASV)
- And again I lifted up mine eyes, and saw, and, behold, there came four chariots out from between two mountains; and the mountains were mountains of brass.
- Bible in Basic English (BBE)
- And again lifting up my eyes I saw four war-carriages coming out from between the two mountains; and the mountains were mountains of brass.
- Darby Translation (DBY)
- And I lifted up mine eyes again, and saw, and behold, there came four chariots out from between two mountains; and the mountains were mountains of brass.
- Webster's Bible (WBS)
- And I turned, and lifted up my eyes, and looked, and behold, there came four chariots out from between two mountains; and the mountains [were] mountains of brass.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I turn back, and lift up mine eyes, and look, and lo, four chariots are coming forth from between two of the mountains, and the mountains [are] mountains of brass.
Read in context
- 1मैं ने फिर आंखें उठाईं, और क्या देखा कि दो पहाड़ों के बीच से चार रथ चले आते हैं; और वे पहाड़ पीतल के हैं।
- 2पहिले रथ में लाल घोड़े और दूरे रथ में काले,
- 3तीसरे रथ में श्वेत और चौथे रथ में चितकबरे और बादामी घोड़े हैं।
Cross references
- Ephesians 1:11 इफिसियों 1:11उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
- Zechariah 1:18–19 जकर्याह 1:18–19फिर मैं ने जो आंखें उठाई, तो क्या देखा कि चार सींग हैं। तब जो दूत मुझ से बातें करता था, उस से मैं ने पूछा, ये क्या हैं? उस ने मुझ से कहा, ये वे ही सींग हैं, जिन्हों ने यहूदा और इस्राएल और यरूशलेम को तितर- बितर किया है।
- Acts 4:28 प्रेरितों के काम 4:28कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- Daniel 8:22 दानिय्येल 8:22और वह सींग जो टूट गया और उसकी सन्ती जो चार सींग निकले, इसका अर्थ यह है कि उस जाति से चार राज्य उदय होंगे, परन्तु उनका बल उस पहिले का सा न होगा।
- Zechariah 6:5 जकर्याह 6:5दूत ने मुझ से कहा, ये आकाश के चारों वायु हैं जो सारी पृथ्वी के प्रभु के पास उपस्थित रहते हैं, परन्तु अब निकल आए हैं।
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- Daniel 4:15 दानिय्येल 4:15तौभी उसके ठूंठ को जड़ समेत भूमि में छोड़ो, और उसको लोहे और पीतल के बन्धन से बान्धकर मैदान की हरी घास के बीच रहने दो। वह आकाश की ओस से भींगा करे और भूमि की घास खाने में मैदान के पशुओं के संग भागी हो।
- Zechariah 5:1 जकर्याह 5:1मैं ने फिर आंखें उठाईं तो क्या देखा, कि एक लिखा हुआ पत्रा उड़ रहा है।
- Daniel 4:35 दानिय्येल 4:35पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
- Psalm 36:6 भजन संहिता 36:6तेरा धर्म ऊंचे पर्वतों के समान है, तेरे नियम अथाह सागर ठहरे हैं; हे यहोवा तू मनुष्य और पशु दोनों की रक्षा करता है।।
- Daniel 7:3–7 दानिय्येल 7:3–7तब समुद्र में से चार बड़े बड़े जन्तु, जो एक दूसरे से भिन्न थे, निकल आए। पहिला जन्तु सिंह के समान था और उसके पंख उकाब के से थे। और मेरे देखते देखते उसके पंखों के पर नीचे गए और वह भूमि पर से उठाकर, मनुष्य की नाईं पांवों के बल खड़ा किया गया; और उसको मनुष्य का हृदय दिया गया। फिर मैं ने एक और जन्तु देखा जो रीछ के समान था, और एक पांजर के बल उठा हुआ था, और सके मुंह में दांतों के बीच तीन पसुली थीं; और लाग उस से कह रहे थे, उठकर बहुत मांस खा। इसके बाद मैं ने दृष्टि की और देखा कि चीते के समान एक और जन्तु है जिसकी पीठ पर पक्षी के से चार पंख हैं; और उस जन्तु के चार सिर थे; और उसको अधिकार दिया गया। फिर इसके बाद मैं ने स्वप्न में दृष्टि की और देखा, कि एक चौथा जन्तु है जो भयंकर और डरावना और बहुत सामर्थी है; और उसके बड़े बड़े लोहे के दांत हैं; वह सब कुछ खा डालता है और चूर चूर करता है, और जो बच जाता है, उसे पैरों से रौंदता है। और वह सब पहिले जन्तुओं से भिन्न है; और उसके दस सींग हैं।
- Isaiah 14:26–27 यशायाह 14:26–27यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?
Original words (Hebrew)
- turned · H7725שׁוּב shûwb
- up · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- eyes · H5869עַיִן ʻayin
- looked · H7200רָאָה râʼâh
- came · H3318יָצָא yâtsâʼ
- four · H702אַרְבַּע ʼarbaʻ
- chariots · H4818מֶרְכָּבָה merkâbâh
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- mountains · H2022הַר har
- mountains · H2022הַר har
- mountains · H2022הַר har
- brass · H5178נְחֹשֶׁת nᵉchôsheth