2 Kings · chapter 4 · verse 13
2 Kings 4:13 in Hindi
तब उस ने गेहजी से कहा, इस से कह, कि तू ने हमारे लिये ऐसी बड़ी चिन्ता की है, तो तेरे लिये क्या किया जाए? क्या तेरी चर्चा राजा, वा प्रधान सेनापति से की जाए? उस ने उत्तर दिया मैं तो अपने ही लोगों में रहती हूँ।
Tab us ne gehajee se kahaa, is se kah, ki too ne hamaare liye aisee badee chintaa kee hai, to tere liye kyaa kiyaa jaae? Kyaa teree charchaa raajaa, vaa pradhaan senaapati se kee jaae? Us ne uttar diyaa maim to apane hee logom mem rahatee hoon.
2 Kings 4:13 in English
- King James Version (KJV)
- And he said unto him, Say now unto her, Behold, thou hast been careful for us with all this care; what [is] to be done for thee? wouldest thou be spoken for to the king, or to the captain of the host? And she answered, I dwell among mine own people.
- World English Bible (WEB)
- He said to him, “Say now to her, ‘Behold, you have cared for us with all this care. What is to be done for you? Would you like to be spoken for to the king, or to the captain of the army?’” She answered, “I dwell among my own people.”
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto him, Say now unto her, Behold, thou hast been careful for us with all this care; what is to be done for thee? wouldest thou be spoken for to the king, or to the captain of the host? And she answered, I dwell among mine own people.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to him, Now say to her, See, you have taken all this trouble for us; what is to be done for you? will you have any request made for you to the king or the captain of the army? But she said, I am living among my people.
- Darby Translation (DBY)
- And he said to him, Say now to her, Behold, thou hast been careful for us with all this care; what is to be done for thee? wouldest thou be spoken for to the king, or to the captain of the host? And she said, I dwell among mine own people.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said to him, Say now to her, Behold, thou hast been careful for us with all this care; what [is] to be done for thee? wouldst thou be spoken for to the king, or to the captain of the host? And she answered, I dwell among my own people.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he saith to him, 'Say, I pray thee, unto her, Lo, thou hast troubled thyself concerning us with all this trouble; what — to do for thee? is it to speak for thee unto the king, or unto the head of the host?' and she saith, 'In the midst of my people I am dwelling.'
Read in context
- 11एक दिन की बात है, कि वह वहां जाकर उस उपरौठी कोठरी में टिका और उसी में लेट गया।
- 12और उस ने अपने सेवक गेहजी से कहा, उस शुनेमिन को बुला ले। उसके बुलाने से वह उसके साम्हने खड़ी हुई।
- 13तब उस ने गेहजी से कहा, इस से कह, कि तू ने हमारे लिये ऐसी बड़ी चिन्ता की है, तो तेरे लिये क्या किया जाए? क्या तेरी चर्चा राजा, वा प्रधान सेनापति से की जाए? उस ने उत्तर दिया मैं तो अपने ही लोगों में रहती हूँ।
- 14फिर उस ने कहा, तो इसके लिये क्या किया जाए? गेहजी ने उत्तर दिया, निश्चय उसके कोई लड़का नहीं, और उसका पति बूढ़ा है।
- 15उस ने कहा, उसको बुला ले। और जब उस ने उसे बुलाया, तब वह द्वार में खड़ी हुई।
Cross references
- 2 Timothy 1:16–18 2 तीमुथियुस 1:16–18उनेसिफुरूस के घराने पर प्रभु दया करे, क्योंकि उस ने बहुत बार मेरे जी को ठंडा किया, और मेरी जंजीरों से लज्जित न हुआ। पर जब वह रोमा में आया, तो बड़े यत्न से ढूंढकर मुझ से भेंट की। (प्रभु करे, कि उस दिन उस पर प्रभु की दया हो)। और जो जो सेवा उस ने इफिसुस में की है उन्हें भी तू भली भांति जानता है।।
- Hebrews 6:10 इब्रानियों 6:10क्योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उनके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्रा लोगों की सेवा की, और कर रहे हो।
- Philippians 4:18–19 फिलिप्पियों 4:18–19मेरे पास सब कुछ है, बरन बहुतायत से भी है: जो वस्तुएं तुम ने इपफ्रुदीतुस के हाथ से भेजी थीं उन्हें पाकर मैं तृप्त हो गया हूं, वह तो सुगन्ध और ग्रहण करने के योग्य बलिदान है, जो परमेश्वर को भाता है। और मेरा परमशॆवर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा।
- 1 Timothy 6:6–8 1 तीमुथियुस 6:6–8पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्हीं पर सन्तोष करना चाहिए।
- 1 Thessalonians 5:12–13 1 थिस्सलुनीकियों 5:12–13और हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, कि जो तुम में परिश्रम करते हैं, और प्रभु में तुम्हारे अगुवे हैं, और तुम्हें शिक्षा देते हैं, उन्हें मानो। और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल- मिलाप से रहो।
- Romans 16:6 रोमियों 16:6मरियम को जिस ने तुम्हारे लिये बहुत परिश्रम किया, नमस्कार।
- Hebrews 13:5 इब्रानियों 13:5तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।
- 2 Samuel 19:13 2 शमूएल 19:13फिर अमासा से यह कहो, कि क्या तू मेरी हड्डी और मांस नहीं है? और यदि तू योआब के स्थान पर सदा के लिये सेनापति न ठहरे, तो परमेश्वर मुझ से वैसा ही वरन उस से भी अधिक करे।
- Matthew 10:40–42 मत्ती 10:40–42जो तुम्हें ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है। जो भविष्यद्वक्ता को भविष्यद्वक्ता जानकर ग्रहण करे, वह भविष्यद्वक्ता का बदला पाएगा; और जो धर्मी जानकर धर्मी को ग्रहण करे, वह धर्मी का बदला पाएगा। जो कोई इन छोटों में से एक को चेला जानकर केवल एक कटोरा ठंडा पानी पिलाए, मैं तुम से सच कहता हूं, वह किसी रीति से अपना प्रतिफल न खोएगा।।
- Psalm 37:3 भजन संहिता 37:3यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह।
- Romans 16:2 रोमियों 16:2कि तुम जैसा कि पवित्रा लोगों को चाहिए, उसे प्रभु में ग्रहण करो; और जिस किसी बात में उस को तुम से प्रयोजन हो, उस की सहायता करो; क्योंकि वह भी बहुतों की बरन मेरी भी उपकारिणी हुई है।।
- 2 Samuel 19:32–38 2 शमूएल 19:32–38बर्जिल्लै तो वृठ्ठ पुरूष था, अर्थात् अस्सी पर्ष की आयु का था जब तक राजा महनैम में रहता था तब तक वह उसका पालन पोषण करता रहा; क्योंकि वह बहुत धनी था। तब राजा ने बर्जिल्लै से कहा, मेरे संग पार चल, और मैं तुझे यरूशलेम में अपने पास रखकर तेरा पालन पोषण करूंगा। बर्जिल्लै ने राजा से कहा, मुझे कितने दिन जीवित रहना है, कि मैं राजा के संग यरूशलेंम को जाऊं? आज मैं अस्सी वर्ष का हूँ; क्या मैं भले- बुरे का विवेक कर सकता हूँ? क्या तेरा दास जो कुछ खाता पीता है उसका स्वाद पहिचान सकता है? क्या मुझे गवैरयों वा गायिकाओं का शब्द अब सुन पड़ता है? तेरा दास अब अपने प्रभु राजा के लिये क्यों बोझ का कारण हो? तेरे दास राजा के संग यरदन पार ही तक जाएगा। राजा इसका ऐसा बड़ा बदला मुझे क्यों दे? अपने दास को लौटने दे, कि मैं अपने ही नगर में अपने माता पिता के कब्रिस्तान के पास मरूं। परन्तु तेरा दास किम्हाम उपस्थित है; मेरे प्रभु राजा के संग वह पार जाए; और जैसा तुझे भाए वैया ही उस से व्यवहार करना। राजा ने कहा, हां, किम्हान मेरे संग पार चलेगा, और जैसा तुझे भाए वैसा ही मैं उस से व्यवहार करूंगा वरन जो कुछ तू मुझ से चाहेगा वह मैं तेरे लिये करूंगा।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Say · H559אָמַר ʼâmar
- careful · H2729חָרַד chârad
- care · H2731חֲרָדָה chărâdâh
- done · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- wouldest · H3426יֵשׁ yêsh
- spoken · H1696דָבַר dâbar
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- captain · H8269שַׂר sar
- host · H6635צָבָא tsâbâʼ
- answered · H559אָמַר ʼâmar
- dwell · H3427יָשַׁב yâshab
- among · H8432תָּוֶךְ tâvek
- people · H5971עַם ʻam