2 Samuel · chapter 22 · verse 5
2 Samuel 22:5 in Hindi
मृत्यु के तरंगों ने तो मेरे चारों ओर घेरा डाला, नास्तिकपन की धाराओं ने मुझ को घबड़ा दिया था;
Mrutyu ke tarangom ne to mere chaarom or gheraa daalaa, naastikapan kee dhaaraaom ne mujh ko ghabadaa diyaa thaa;
2 Samuel 22:5 in English
- King James Version (KJV)
- When the waves of death compassed me, the floods of ungodly men made me afraid;
- World English Bible (WEB)
- For the waves of death surrounded me. The floods of ungodliness made me afraid.
- American Standard Version (ASV)
- For the waves of death compassed me; The floods of ungodliness made me afraid:
- Bible in Basic English (BBE)
- For the waves of death came round me, and the seas of evil put me in fear;
- Darby Translation (DBY)
- For the waves of death encompassed me, Torrents of Belial made me afraid.
- Webster's Bible (WBS)
- When the waves of death compassed me, the floods of ungodly-men made me afraid;
- Young's Literal Translation (YLT)
- When the breakers of death compassed me, The streams of the worthless terrify me,
Read in context
- 3मेरा चट्टानरूपी परमेश्वर है, जिसका मैं शरणागत हूँ, मेरी ढाल, मेरा बचानेवाला सींग, मेरा ऊंचा गढ़, और मेरा शरणस्थान है, हे मेरे उठ्ठार कर्त्ता, तू उपद्रव से मेरा उठ्ठार किया करता है।
- 4मैं यहोवा को जो स्तुति के योग्य है पुकारूंगा, और अपने शत्रुओं से बचाया जाऊंगा।
- 5मृत्यु के तरंगों ने तो मेरे चारों ओर घेरा डाला, नास्तिकपन की धाराओं ने मुझ को घबड़ा दिया था;
- 6अधोलोक की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं, मृत्यु के फन्दे मेरे साम्हने थे।
- 7अपने संकट में मैं ने यहोवा को पुकारा; और अपने परमेश्वर के सम्मुख चिल्लाया। औंर उस ने मेरी बात को अपने मन्दिर में से सुन लिया, और मेरी दोहाई उसके कानों में पहुंची।
Cross references
- Jonah 2:3 योना 2:3तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी भड़काई हुई सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं।
- Psalm 69:14–15 भजन संहिता 69:14–15मुझ को दलदल में से उबार, कि मैं धंस न जाऊं; मैं अपने बैरियों से, और गहिरे जल में से बच जाऊं। मैं धारा में डूब न जाऊं, और न मैं गहिरे जल में डूब मरूं, और न पाताल का मुंह मेरे ऊपर बन्द हो।।
- Revelation 17:15 प्रकाशितवाक्य 17:15फिर उस ने मुझ से कहा, कि जो पानी तू ने देखे, जिन पर वेश्या बैठी है, वे लोग, और भीड़ और जातियां, और भाषा हैं।
- Jeremiah 46:7–8 यिर्मयाह 46:7–8यह कौन है, जो नील नदी की नाई, जिसका जल महानदों का सा उछलता है, बढ़ा चला आता है? मिस्र नील नदी की नाई बढ़ता है, उसका जल महानदों का सा उछलता है। वह कहता है, मैं चढ़कर पृथ्वी को भर दूंगा, मैं नगरों को उनके निवासियों समेत नाश कर दूंगा।
- Psalm 93:3–4 भजन संहिता 93:3–4हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं। महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है।।
- Isaiah 59:19 यशायाह 59:19तब पश्चिम की ओर लोग यहोवा के नाम का, और पूर्व की ओर उसकी महिमा का भय मानेंगे; क्योंकि जब शत्रु महानद की नाईं चढ़ाई करेंगे तब यहोवा का आत्मा उसके विरूद्ध झण्डा खड़ा करेगा।।
- Psalm 18:4 भजन संहिता 18:4मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया;
- Revelation 17:1 प्रकाशितवाक्य 17:1और जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उन में से एक ने आकर मुझ से यह कहा कि इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊं, जो बहुत से पानियों पर बैठी है।
- Revelation 12:15–16 प्रकाशितवाक्य 12:15–16और सांप ने उस स्त्री के पीछे अपने मुंह से नदी की नाई पानी बहाया, कि उसे इस नदी से बहा दे। परन्तु पृथ्वी ने उस स्त्री की सहायता की, और अपना मुंह खोलकर उस नदी को जो अजगर ने अपने मुंह से बहाई थी, पी लिया।
- 1 Thessalonians 5:3 1 थिस्सलुनीकियों 5:3जब लोग कहते होंगे, कि कुशल हैं, और कुछ भय नहीं, तो उन पर एकाएक विनाश आ पड़ेगा, जिस प्रकार गर्भवती पर पीड़ा; और वे किसी रीति से बचेंगे।