2 Samuel · chapter 22 · verse 7
2 Samuel 22:7 in Hindi
अपने संकट में मैं ने यहोवा को पुकारा; और अपने परमेश्वर के सम्मुख चिल्लाया। औंर उस ने मेरी बात को अपने मन्दिर में से सुन लिया, और मेरी दोहाई उसके कानों में पहुंची।
Apane sankat mem maim ne yahovaa ko pukaaraa; aur apane parameshvar ke sammukh chillaayaa. Aunr us ne meree baat ko apane mandir mem se sun liyaa, aur meree dohaaee usake kaanom mem pahunchee.
2 Samuel 22:7 in English
- King James Version (KJV)
- In my distress I called upon the LORD, and cried to my God: and he did hear my voice out of his temple, and my cry [did enter] into his ears.
- World English Bible (WEB)
- In my distress, I called on the LORD. Yes, I called to my God. He heard my voice out of his temple. My cry came into his ears.
- American Standard Version (ASV)
- In my distress I called upon Jehovah; Yea, I called unto my God: And he heard my voice out of his temple, And my cry [came] into his ears.
- Bible in Basic English (BBE)
- In my trouble my voice went up to the Lord, and my cry to my God: my voice came to his hearing in his holy Temple, and my prayer came to his ears.
- Darby Translation (DBY)
- In my distress I called upon Jehovah, And I cried to my God; And he heard my voice out of his temple, And my cry [came] into his ears.
- Webster's Bible (WBS)
- In my distress I called upon the LORD, and cried to my God: and he heard my voice out of his temple, and my cry [entered] into his ears.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In mine adversity I call Jehovah, And unto my God I call, And He heareth from His temple my voice, And my cry [is] in His ears,
Read in context
- 5मृत्यु के तरंगों ने तो मेरे चारों ओर घेरा डाला, नास्तिकपन की धाराओं ने मुझ को घबड़ा दिया था;
- 6अधोलोक की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं, मृत्यु के फन्दे मेरे साम्हने थे।
- 7अपने संकट में मैं ने यहोवा को पुकारा; और अपने परमेश्वर के सम्मुख चिल्लाया। औंर उस ने मेरी बात को अपने मन्दिर में से सुन लिया, और मेरी दोहाई उसके कानों में पहुंची।
- 8तब पृथ्वी हिल गई और डोल उठी; और आकाश की नेवें कांपकर बहुत ही हिल गई, क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।
- 9उसके नथनों से धुंआ निकला, और उसके मुंह से आग निकलकर भस्म करने लगी; जिस से कोयले दहक उठे।
Cross references
- Psalm 18:6 भजन संहिता 18:6अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा; मैं ने अपने परमेश्वर को दोहाई दी। और उस ने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।।
- Jonah 2:7 योना 2:7जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्रा मन्दिर में पहुंच गई।
- Psalm 116:4 भजन संहिता 116:4तब मैं ने यहोवा से प्रार्थना की, कि हे यहोवा बिनती सुनकर मेरे प्राण को बचा ले!
- Psalm 120:1 भजन संहिता 120:1संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उस ने मेरी सुन ली।
- Psalm 34:15–17 भजन संहिता 34:15–17यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं। यहोवा बुराई करनेवालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले। धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उनको सब विपत्तियों से छुड़ाता है।
- Psalm 27:4 भजन संहिता 27:4एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।।
- Exodus 3:7 निर्गमन 3:7फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मि में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम करानेवालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है;
- Habakkuk 2:20 हबक्कूक 2:20परन्तु यहोवा अपने पवित्रा मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे।।
- Psalm 34:6 भजन संहिता 34:6इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।।
- Matthew 26:38–39 मत्ती 26:38–39तब उस ने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो। फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
- James 5:4 याकूब 5:4देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है।
- Hebrews 5:7 इब्रानियों 5:7उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।