Psalms · chapter 93 · verse 3
Psalm 93:3 in Hindi
हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं।
He yahovaa, mahaanadom kaa kolaahal ho rahaa hai, mahaanadom kaa badaa shabd ho rahaa hai, mahaanad garajate hain.
Psalm 93:3 in English
- King James Version (KJV)
- The floods have lifted up, O LORD, the floods have lifted up their voice; the floods lift up their waves.
- World English Bible (WEB)
- The floods have lifted up, LORD, the floods have lifted up their voice. The floods lift up their waves.
- American Standard Version (ASV)
- The floods have lifted up, O Jehovah, The floods have lifted up their voice; The floods lift up their waves.
- Bible in Basic English (BBE)
- The rivers send up, O Lord, the rivers send up their voices; they send them up with a loud cry.
- Darby Translation (DBY)
- The floods lifted up, O Jehovah, the floods lifted up their voice; the floods lifted up their roaring waves.
- Webster's Bible (WBS)
- The floods have lifted up, O LORD, the floods have lifted up their voice; the floods lift their waves.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Floods have lifted up, O Jehovah, Floods have lifted up their voice, Floods lift up their breakers.
Read in context
- 1यहोवा राजा है; उस ने माहात्म्य का पहिरावा पहिना है; यहोवा पहिरावा पहिने हुए, और सामर्थ्य का फेटा बान्धे है। इस कारण जगत स्थिर है, वह नहीं टलने का।
- 2हे यहोवा, तेरी राजगद्दी अनादिकाल से स्थिर है, तू सर्वदा से है।।
- 3हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं।
- 4महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है।।
- 5तेरी चितौनियां अति विश्वासयोग्य हैं; हे यहोवा तेरे भवन को युग युग पवित्राता ही शोभा देती है।।
Cross references
- Psalm 96:11 भजन संहिता 96:11आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें;
- Psalm 69:1–2 भजन संहिता 69:1–2हे परमेश्वर, मेरा उद्धार कर, मैं जल में डूबा जाता हूं। मैं बड़े दलदल में धसा जाता हूं, और मेरे पैर कहीं नहीं रूकते; मैं गहिरे जल में आ गया, और धारा में डूबा जाता हूं।
- Isaiah 17:12–13 यशायाह 17:12–13हाय, हाय! देश देश के बहुत से लोगों का कैसा नाद हो रहा है, वे समुद्र की लहरों की नाईं गरजते हैं। राज्य राज्य के लोगों का कैसा गर्जन हो रहा है, वे प्रचण्ड धारा के समान नाद करते हैं! राज्य राज्य के लोग बाढ़ के बहुत से जल की नाई नाद करते हैं, परन्तु वह उनको घुड़केगा, और वे दूर भाग जाएंगे, और ऐसे उड़ाए जाएंगे जैसे पहाड़ों पर की भूसी वायु से, और धूलि बवण्डर से घुमाकर उड़ाई जाती है।
- Psalm 18:4 भजन संहिता 18:4मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया;
- Psalm 98:7–8 भजन संहिता 98:7–8समुद्र औश्र उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें! नदियां तालियां बजाएं; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें।
- Psalm 124:3–5 भजन संहिता 124:3–5तो वे हम को उसी समय जीवित निगल जाते, जब उनका क्रोध हम पर भड़का था, हम उसी समय जल में डूब जाते और धारा में बह जाते; उमड़ते जल में हम उसी समय ही बह जाते।।
- Jeremiah 46:7–8 यिर्मयाह 46:7–8यह कौन है, जो नील नदी की नाई, जिसका जल महानदों का सा उछलता है, बढ़ा चला आता है? मिस्र नील नदी की नाई बढ़ता है, उसका जल महानदों का सा उछलता है। वह कहता है, मैं चढ़कर पृथ्वी को भर दूंगा, मैं नगरों को उनके निवासियों समेत नाश कर दूंगा।
- Isaiah 55:12 यशायाह 55:12क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे।
- Revelation 17:15 प्रकाशितवाक्य 17:15फिर उस ने मुझ से कहा, कि जो पानी तू ने देखे, जिन पर वेश्या बैठी है, वे लोग, और भीड़ और जातियां, और भाषा हैं।
- Psalm 69:14–16 भजन संहिता 69:14–16मुझ को दलदल में से उबार, कि मैं धंस न जाऊं; मैं अपने बैरियों से, और गहिरे जल में से बच जाऊं। मैं धारा में डूब न जाऊं, और न मैं गहिरे जल में डूब मरूं, और न पाताल का मुंह मेरे ऊपर बन्द हो।। हे यहोवा, मेरी सुन ले, क्योंकि तेरी करूणा उत्तम है; अपनी दया की बहुतायत के अनुसार मेरी ओर ध्यान दे।
- Revelation 12:15 प्रकाशितवाक्य 12:15और सांप ने उस स्त्री के पीछे अपने मुंह से नदी की नाई पानी बहाया, कि उसे इस नदी से बहा दे।
- Psalm 2:1–3 भजन संहिता 2:1–3जाति जाति के लोग क्यों हुल्लड़ मचाते हैं, और देश देश के लोग व्यर्थ बातें क्यों सोच रहे हैं? यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि आओ, हम उनके बन्धन तोड़ डालें, और उनकी रस्सियों को अपने ऊपर से उतार फेंके।।