Psalms · chapter 18 · verse 6
Psalm 18:6 in Hindi
अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा; मैं ने अपने परमेश्वर को दोहाई दी। और उस ने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।।
Apane sankat mem maim ne yahovaa parameshvar ko pukaaraa; maim ne apane parameshvar ko dohaaee dee. Aur us ne apane mandir mem se meree baatem sunee. Aur meree dohaaee usake paas pahunchakar usake kaanom mem padee..
Psalm 18:6 in English
- King James Version (KJV)
- In my distress I called upon the LORD, and cried unto my God: he heard my voice out of his temple, and my cry came before him, [even] into his ears.
- World English Bible (WEB)
- In my distress I called on the LORD, and cried to my God. He heard my voice out of his temple. My cry before him came into his ears.
- American Standard Version (ASV)
- In my distress I called upon Jehovah, And cried unto my God: He heard my voice out of his temple, And my cry before him came into his ears.
- Bible in Basic English (BBE)
- In my trouble my voice went up to the Lord, and my cry to my God: my voice came to his hearing in his holy Temple, and my prayer came before him, even into his ears.
- Darby Translation (DBY)
- In my distress I called upon Jehovah, and I cried out to my God; he heard my voice out of his temple, and my cry came before him, into his ears.
- Webster's Bible (WBS)
- In my distress I called upon the LORD, and cried to my God: he heard my voice out of his temple, and my cry came before him, [even] into his ears.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In mine adversity I call Jehovah, And unto my God I cry. He heareth from His temple my voice, And My cry before Him cometh into His ears.
Read in context
- 4मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया;
- 5पाताल की रस्सियां मेरे चारो ओर थीं, और मृत्यु के फन्दे मुझ पर आए थे।
- 6अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा; मैं ने अपने परमेश्वर को दोहाई दी। और उस ने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।।
- 7तब पृथ्वी हिल गई, और कांप उठी और पहाड़ों की नेवे कंपित होकर हिल गई क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।
- 8उसके नथनों से धुआं निकला, और उसके मुंह से आग निकलकर भस्म करने लगी; जिस से कोएले दहक उठे।
Cross references
- Psalm 50:15 भजन संहिता 50:15और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।।
- 2 Samuel 22:7 2 शमूएल 22:7अपने संकट में मैं ने यहोवा को पुकारा; और अपने परमेश्वर के सम्मुख चिल्लाया। औंर उस ने मेरी बात को अपने मन्दिर में से सुन लिया, और मेरी दोहाई उसके कानों में पहुंची।
- Psalm 34:15 भजन संहिता 34:15यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।
- Psalm 130:1–2 भजन संहिता 130:1–2हे यहोवा, मैं ने गहिरे स्थानों में से तुझ को पुकारा है! हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!
- Psalm 120:1 भजन संहिता 120:1संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उस ने मेरी सुन ली।
- Psalm 27:4–5 भजन संहिता 27:4–5एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।। क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
- Psalm 18:3–4 भजन संहिता 18:3–4मैं यहोवा को जो स्तुति के योग्य है पुकारूंगा; इस प्रकार मैं अपने शत्रुओं से बचाया जाऊंगा।। मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया;
- 2 Chronicles 30:27 2 इतिहास 30:27अन्त में लेवीय याजकों ने खड़े होकर प्रजा को आशीर्वाद दिया, और उनकी सुनी गई, और उनकी प्रार्थना उसके पपित्रा धाम तक अर्थात् स्वर्ग तक पहुंची।
- Exodus 2:23 निर्गमन 2:23बहुत दिनों के बीतने पर मि का राजा मर गया। और इस्राएली कठिन सेवा के कारण लम्बी लम्बी सांस लेकर आहें भरने लगे, और पुकार उठे, और उनकी दोहाई जो कठिन सेवा के कारण हुई वह परमेश्वर तक पहुंची।
- Acts 12:5 प्रेरितों के काम 12:5सो बन्दीगृह में पतरस की रखवाली हो रही थी; परन्तु कलीसिया उसके लिये लौ लगाकर परमेश्वर से प्रार्थना कर रही थी।
- Habakkuk 2:20 हबक्कूक 2:20परन्तु यहोवा अपने पवित्रा मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे।।
- Psalm 11:4 भजन संहिता 11:4परमेश्वर अपने पवित्रा भवन में है; परमेश्वर का सिंहासन स्वर्ग में है; उसकी आंखें मनुष्य की सन्तान को नित देखती रहती हैं और उसकी पलकें उनको जांचती हैं।