2 Samuel · chapter 22 · verse 8
2 Samuel 22:8 in Hindi
तब पृथ्वी हिल गई और डोल उठी; और आकाश की नेवें कांपकर बहुत ही हिल गई, क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।
Tab pruthvee hil gaee aur dol uthee; aur aakaash kee nevem kaampakar bahut hee hil gaee, kyonki vah ati krodhit huaa thaa.
2 Samuel 22:8 in English
- King James Version (KJV)
- Then the earth shook and trembled; the foundations of heaven moved and shook, because he was wroth.
- World English Bible (WEB)
- Then the earth shook and trembled. The foundations of heaven quaked and were shaken, because he was angry.
- American Standard Version (ASV)
- Then the earth shook and trembled, The foundations of heaven quaked And were shaken, because he was wroth.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the earth was moved with a violent shock; the bases of heaven were moved and shaking, because he was angry.
- Darby Translation (DBY)
- Then the earth shook, and quaked; The foundations of the heavens trembled And shook because he was wroth.
- Webster's Bible (WBS)
- Then the earth shook and trembled: the foundations of heaven moved and shook, because he was wroth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And shake and tremble doth the earth, Foundations of the heavens are troubled, And are shaken, for He hath wrath!
Read in context
- 6अधोलोक की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं, मृत्यु के फन्दे मेरे साम्हने थे।
- 7अपने संकट में मैं ने यहोवा को पुकारा; और अपने परमेश्वर के सम्मुख चिल्लाया। औंर उस ने मेरी बात को अपने मन्दिर में से सुन लिया, और मेरी दोहाई उसके कानों में पहुंची।
- 8तब पृथ्वी हिल गई और डोल उठी; और आकाश की नेवें कांपकर बहुत ही हिल गई, क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।
- 9उसके नथनों से धुंआ निकला, और उसके मुंह से आग निकलकर भस्म करने लगी; जिस से कोयले दहक उठे।
- 10और वह स्वर्ग को झुकाकर नीचे उतर आया; और उसके पांवों के तले घोर अंधकार छाया था।
Cross references
- Job 26:11 अय्यूब 26:11उसकी घुड़की से आकाश के खम्भे थरथराकर चकित होते हैं।
- Psalm 97:4 भजन संहिता 97:4उसकी बिजलियों से जगल प्रकाशित हुआ, पृथ्वी देखकर थरथरा गई है!
- Psalm 77:18 भजन संहिता 77:18बवणडर में तेरे गरजने का शब्द सुन पड़ा था; जगत बिजली से प्रकाशित हुआ; पृथ्वी कांपी और हिल गई।
- Judges 5:4 न्यायियों 5:4हे यहोवा, जब तू सेईर से निकल चला, जब तू ने एदोम के देश से प्रस्थान किया, तब पृथ्वी डोल उठी, और आकाश टूट पड़ा, बादल से भी जल बरसने लगा।।
- Matthew 28:2 मत्ती 28:2और देखो एक बड़ा भुईंडोल हुआ, क्योंकि प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया।
- Psalm 18:7 भजन संहिता 18:7तब पृथ्वी हिल गई, और कांप उठी और पहाड़ों की नेवे कंपित होकर हिल गई क्योंकि वह अति क्रोधित हुआ था।
- Acts 4:31 प्रेरितों के काम 4:31जब वे प्रार्थना कर चुके, तो वह स्थान जहां वे इकट्ठे थे हिल गया, और वे सब पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण हो गए, और परमेश्वर का वचन हियाव से सुनाते रहे।।
- Nahum 1:5 नहूम 1:5उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाड़ियां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहनेवालों समेत थरथरा उठता है।।
- Habakkuk 3:6–11 हबक्कूक 3:6–11वह खड़ा होकर पृथ्वी को नाप रहा था; उस ने देखा और जाति जाति के लोग घबरा गए; तब सनातन पर्वत चकनाचूर हो गए, और सनातन की पहाड़ियां झुक गई उसकी गति अनन्त काल से एक सी है। मुझे कूशान के तम्बू में रहनेवाले दु:ख से दबे दिखाई पड़े; और मिद्यान देश के डेरे डगमगा गए। हे यहोवा, क्या तू नदियों पर रिसियाया था? क्या तेरा क्रोध नदियों पर भड़का था, अथवा क्या तेरी जलजलाहट समुद्र पर भड़की थी, जब तू अपने घोड़ों पर और उद्धार करनेवाले विजयी रथों पर चढ़कर आ रहा था? तेरा धनुष खोल में से निकल गया, तेरे दण्ड का वचन शाप के साथ हुआ था। तू ने धरती को नदियों से चीर डाला। पहाड़ तुझे देखकर कांप उठे; आंधी और जलप्रलय निकल गए; गहिरा सागर बोल उठा और अपने हाथों अर्थात् लहरों को ऊपर उठाया। तेरे उड़नेवाले तीरों के चलने की जयोति से, और तेरे चमकीले भाले की झलक के प्रकाश से सूर्य और चन्द्रमा अपने अपने स्थान पर ठहर गए।।
- Matthew 27:51 मत्ती 27:51और देखो मन्दिर का परदा ऊपर से नीचे तक फट कर दो टुकड़े हो गया: और धरती डोल गई और चटानें तड़कर गईं।