Acts · chapter 15 · verse 26
Acts 15:26 in Hindi
ये तो ऐसे मनुष्य हैं, जिन्हों ने अपने प्राण हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम के लिये जोखिम में डाले हैं।
Ye to aise manushy haim, jinhom ne apane praan hamaare prabhu yeeshu maseeh ke naam ke liye jokhim mem daale hain.
Acts 15:26 in English
- King James Version (KJV)
- Men that have hazarded their lives for the name of our Lord Jesus Christ.
- World English Bible (WEB)
- men who have risked their lives for the name of our Lord Jesus Christ.
- American Standard Version (ASV)
- men that have hazarded their lives for the name of our Lord Jesus Christ.
- Bible in Basic English (BBE)
- Men who have given up their lives for the name of our Lord Jesus Christ.
- Darby Translation (DBY)
- men who have given up their lives for the name of our Lord Jesus Christ.
- Webster's Bible (WBS)
- Men that have hazarded their lives for the name of our Lord Jesus Christ.
- Young's Literal Translation (YLT)
- men who have given up their lives for the name of our Lord Jesus Christ —
Read in context
- 24हम ने सुना है, कि हम में से कितनों ने वहां जाकर, तुम्हें अपनी बातों से घबरा दिया; और तुम्हारे मन उलट दिए हैं परन्तु हम ने उन को आज्ञा नहीं दी थी।
- 25इसलिये हम ने एक चित्त होकर ठीक समझा, कि चुने हुऐ मनुष्यों को अपने प्यारे बरनबास और पौलुस के साथ तुम्हारे पास भेजें।
- 26ये तो ऐसे मनुष्य हैं, जिन्हों ने अपने प्राण हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम के लिये जोखिम में डाले हैं।
- 27और हम ने यहूदा और सीलास को भेजा है, जो अपने मुंह से भी ये बातें कह देंगे।
- 28पवित्रा आत्मा को, और हम को ठीक जान पड़ा, कि इन आवश्यक बातों को छोड़; तुम पर और बोझ न डालें;
Cross references
- Acts 14:19 प्रेरितों के काम 14:19परन्तु कितने यहूदियों ने अन्ताकिया और इकुनियम से आकर लोगों को अपनी ओर कर लिया, और पौलुस को पत्थरवाह किया, और मरा समझकर उसे नगर के बाहर घसीट ले गए।
- Acts 9:23–25 प्रेरितों के काम 9:23–25जब बहुत दिन बीत गए, तो यहूदियों ने मिलकर उसके मार डालने की युक्ति निकाली। परन्तु उन की युक्ति शाऊल को मालूम को गई: वे तो उसके मार डालने के लिये रात दिन फाटकों पर लगे रहे थे। परन्तु रात को उसके चेलों ने उसे लेकर टोकरे में बैठाया, और शहरपनाह पर ऐ लटकाकर उतार दिया।।
- Philippians 2:29–30 फिलिप्पियों 2:29–30इसलिये तुम प्रभु में उस से बहुत आनन्द के साथ भेंट करना, और ऐसों का आदर किया करना। क्योंकि वही मसीह के काम के लिये अपने प्राणों पर जोखिम उठाकर मरने के निकट हो गया था, ताकि जो घटी तुम्हारी ओर से मेरी सेवा में हुई, उसे पूरा करे॥
- 1 Corinthians 15:30 1 कुरिन्थियों 15:30और हम भी क्यों हर घड़ी जाखिम में पड़े रहते हैं?
- 2 Corinthians 11:23–27 2 कुरिन्थियों 11:23–27(मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में। पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्तालीस उन्तालीस कोड़े खाए। तीन बार मैं ने बेंतेें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक राज दिन मैं ने समुद्र में काटा। मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जातिवालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जाखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में; परिश्रम और कष्ट में; बार बार जागते रहने में; भूख- पियास में; बार बार उपवास करते में; जाड़े में; उघाड़े रहने में।
- Acts 13:50 प्रेरितों के काम 13:50परन्तु यहूदियों ने भक्त और कुलीन स्त्रियों को और नगर के बड़े लोगों को उसकाया, और पौलुस और बरनबास पर उपद्रव करवाकर उन्हें अपने सिवानों से निकाल दिया।
- Judges 5:18 न्यायियों 5:18जबलून अपने प्राण पर खेलनेवाले लोग ठहरे; नप्ताली भी देश के ऊंचे ऊंचे स्थानों पर वैसा ही ठहरा।