Acts · chapter 15 · verse 31
Acts 15:31 in Hindi
और वे पढ़कर उस उपदेश की बात से अति आनन्दित हुए।
Aur ve padhakar us upadesh kee baat se ati aanandit hue.
Acts 15:31 in English
- King James Version (KJV)
- [Which] when they had read, they rejoiced for the consolation.
- World English Bible (WEB)
- When they had read it, they rejoiced over the encouragement.
- American Standard Version (ASV)
- And when they had read it, they rejoiced for the consolation.
- Bible in Basic English (BBE)
- And after reading it, they were glad of its comfort.
- Darby Translation (DBY)
- And having read it, they rejoiced at the consolation.
- Webster's Bible (WBS)
- [Which] when they had read, they rejoiced for the consolation.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they having read, did rejoice for the consolation;
Read in context
- 29कि तुम मूरतों के बलि किए हुओं से, और लोहू से, और गला घोंटे हुओं के मांस से, और व्यभिचार से, परे रहो। इन से परे रहो; तो तुम्हारा भला होगा आगे शुभ।।
- 30फिर वे विदा होकर अन्ताकिया में पहुंचे, और सभा को इकट्ठी करके वह उन्हें पत्री दे दी।
- 31और वे पढ़कर उस उपदेश की बात से अति आनन्दित हुए।
- 32और यहूदा और सीलास ने जो आप भी भविष्यद्वक्ता थे, बहुत बातों से भाइयों को उपदेश देकर स्थिर किया।
- 33वे कुछ दिन रहकर भाइयों से शान्ति के साथ विदा हुए, कि अपने भेजनेवालों के पास जाएं।
Cross references
- Galatians 2:4–5 गलातियों 2:4–5और यह उन झूठे भाइयों के कारण हुआ, जो चोरी से घुस आए थे, कि उस स्वतंत्राता का जो मसीह यीशु में हमें मिली है, भेद लेकर हमें दास बनाएं। उन के आधीन होना हम ने एक घड़ी भर न माना, इसलिये कि सुसमाचार की सच्चाई तुम में बनी रहे।
- Philippians 3:3 फिलिप्पियों 3:3क्योंकि खतनावाले तो हम ही हैं जो परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई से उपासना करते हैं, और मसीह यीशु पर घमण्ड करते हैं और शरीर पर भरोसा नहीं रखते।
- Galatians 5:1 गलातियों 5:1मसीह ने स्वतंत्राता के लिये हमें स्वतंत्रा किया है; सो इसी में स्थिर रहो, और दासत्व के जूए में फिर से न जुतो।।
- Acts 15:1 प्रेरितों के काम 15:1फिर कितने लोग यहूदिया से आकर भाइयों को सिखाने लगे कि यदि मूसा की रीति पर तुम्हारा खतना न हो तो तुम उद्धार नहीं पा सकते।
- Acts 15:10 प्रेरितों के काम 15:10तो अब तुम क्यों परमेश्वर की परीक्षा करते हो? कि चेलों की गरदन पर ऐसा जूआ रखो, जिसे न हमारे बापदादे उठा सके थे और न हम उठा सकते।
- Acts 16:5 प्रेरितों के काम 16:5इस प्रकार कलीसिया विश्वास में स्थिर होती गई और गिनती में प्रति दिन बढ़ती गई।