Acts · chapter 2 · verse 28
Acts 2:28 in Hindi
तू ने मुझे जीवन का मार्ग बताया हे; तू मुझे अपने दर्शन के द्वारा आनन्द से भर देगा।
Too ne mujhe jeevan kaa maarg bataayaa he; too mujhe apane darshan ke dvaaraa aanand se bhar degaa.
Acts 2:28 in English
- King James Version (KJV)
- Thou hast made known to me the ways of life; thou shalt make me full of joy with thy countenance.
- World English Bible (WEB)
- You made known to me the ways of life. You will make me full of gladness with your presence.’
- American Standard Version (ASV)
- Thou madest known unto me the ways of life; Thou shalt make me full of gladness with thy countenance.
- Bible in Basic English (BBE)
- You have made me see the ways of life; I will be full of joy when I see your face.
- Darby Translation (DBY)
- Thou hast made known to me [the] paths of life, thou wilt fill me with joy with thy countenance.
- Webster's Bible (WBS)
- Thou hast made known to me the ways of life; thou wilt make me full of joy with thy countenance.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thou didst make known to me ways of life, Thou shalt fill me with joy with Thy countenance.
Read in context
- 26इसी कारण मेरा मन आनन्द हुआ, और मेरी जीभ मगन हुई; बरन मेरा श्रीर भी आशा में बसा रहेगा।
- 27क्योंकि तू मेरे प्राणों को अधोलोक में न छोड़ेगा; और न अपने पवित्रा जन को सड़ने ही देगा!
- 28तू ने मुझे जीवन का मार्ग बताया हे; तू मुझे अपने दर्शन के द्वारा आनन्द से भर देगा।
- 29हे भाइयो, मैं उस कुलपति दाऊद के विषय में तुम से साहस के साथ कह सकता हूं कि वह तो मर गया और गाड़ा भी गया और उस की कब्र आज तक हमारे यहां वर्तमान है।
- 30सो भविष्यद्वक्ता होकर और यह जानकर कि परमेश्वर ने मुझ से शपथ खाई है, कि परमेश्वर ने मुझ से शपथ खाई है, कि मैं तेरे वंश में से एक व्यक्ति को तेरे सिंहासन पर बैठाऊंगा।
Cross references
- Psalm 16:11 भजन संहिता 16:11तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।।
- Psalm 21:6 भजन संहिता 21:6क्योंकि तू ने उसको सर्वदा के लिये आशीषित किया है; तू अपने सम्मुख उसको हर्ष और आनन्द से भर देता है।
- Psalm 25:4 भजन संहिता 25:4हे यहोवा अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे।
- Psalm 42:5 भजन संहिता 42:5हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Proverbs 8:20 नीतिवचन 8:20मैं धर्म की बाट में, और न्याय की डगरों के बीच में चलती हूं,
- Psalm 17:15 भजन संहिता 17:15परन्तु मैं तो धर्मी होकर तेरे मुख का दर्शन करूंगा जब मैं जानूंगा तब तेरे स्वरूप से सन्तुष्ट हूंगा।।
- Proverbs 2:19 नीतिवचन 2:19जो उसके पास जाते हैं, उन में से कोई भी लौटकर नहीं आता; और न वे जीवन का मार्ग पाते हैं।।
- John 11:25–26 यूहन्ना 11:25–26यीशु ने उस से कहा, पुनरूत्थान और जीवन मैं ही हूं, जा कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?
- Hebrews 12:2 इब्रानियों 12:2और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दहिने जा बैठा।
- Psalm 21:4 भजन संहिता 21:4उस ने तुझ से जीवन मांगा, ओर तू ने जीवनदान दिया; तू ने उसको युगानुयुग का जीवन दिया है।
- Psalm 4:6–7 भजन संहिता 4:6–7बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका! तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उनको अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होती थी।
- John 14:6 यूहन्ना 14:6यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।