Acts · chapter 20 · verse 18
Acts 20:18 in Hindi
जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा।
Jab ve us ke paas aae, to un se kahaa, tum jaanate ho, ki pahile hee din se jab maim aasiyaa mem pahunchaa, maim har samay tumhaare saath kis prakaar rahaa.
Acts 20:18 in English
- King James Version (KJV)
- And when they were come to him, he said unto them, Ye know, from the first day that I came into Asia, after what manner I have been with you at all seasons,
- World English Bible (WEB)
- When they had come to him, he said to them, “You yourselves know, from the first day that I set foot in Asia, how I was with you all the time,
- American Standard Version (ASV)
- And when they were come to him, he said unto them, Ye yourselves know, from the first day that I set foot in Asia, after what manner I was with you all the time,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they had come, he said to them, You yourselves have seen what my life has been like all the time from the day when I first came into Asia,
- Darby Translation (DBY)
- And when they were come to him, he said to them, Ye know how I was with you all the time from the first day that I arrived in Asia,
- Webster's Bible (WBS)
- And when they had come to him, he said to them, Ye know, from the first day that I came into Asia, after what manner I have been with you at all seasons,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and when they were come unto him, he said to them, 'Ye — ye know from the first day in which I came to Asia, how, with you at all times I was;
Read in context
- 16क्योंकि पौलुस ने इफिसुस के पास से होकर जाने की ठानी थी, कि कहीं ऐसा न हो, कि उसे आसिया में देर लगे; क्योंकि वह जल्दी करता था, कि यदि हो सके, तो उसे पिन्तेकुस का दिन यरूशलेम में कटे।।
- 17और उस ने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया।
- 18जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा।
- 19अर्थात् बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्त्रा के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा।
- 20और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।
Cross references
- 1 Thessalonians 1:5–6 1 थिस्सलुनीकियों 1:5–6क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्रा ही में बरन सामर्थ और पवित्रा आत्मा, और बड़े निश्चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे। और तुम बड़े क्लेश में पवित्रा आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मानकर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
- Acts 19:1 प्रेरितों के काम 19:1और जब अपुल्लोस कुरिन्थुस में था, तो पौलुस ऊपर से सारे देश से होकर इफिसुस में आया, और कई चेलों को देखकर।
- Acts 18:19 प्रेरितों के काम 18:19और उस ने इफिसुस में पहुंचकर उन को वहां छोड़ा, और आप ही अराधनालय में जाकर यहूदियों से विवाद करने लगा।
- Acts 19:10 प्रेरितों के काम 19:10दो वर्ष तक यही होता रहा, यहां तक कि आसिया के रहनेवाले क्या यहूदी, क्या यूनानी सब ने प्रभु का वचन सुन लिया।
- 2 Thessalonians 3:7–9 2 थिस्सलुनीकियों 3:7–9क्योंकि तुम आप जानते हो, कि किस रीति से हमारी सी चाल चलनी चाहिए; क्योंकि हम तुम्हारे बीच में अनुचित चाल न चले। और किसी की रोटी सेंत में न खाई; पर परिश्रम और कष्ट से रात दिन काम धन्धा करते थे, कि तुम में से किसी पर भार न हो। यह नहीं, कि हमें अधिकार नहीं; पर इसलिये कि अपने आप को तुम्हारे लिये आदर्श ठहराएं, कि तुम हमारी सी चाल चलो।
- 2 Corinthians 6:3–11 2 कुरिन्थियों 6:3–11हम किसी बात में ठोकर खाने का कोई भी अवसर नहीं देते, कि हमारी सेवा पर कोई दोष न आए। परन्तु हर बात में परमेश्वर के सेवकों की नाई अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से। कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से। पवित्राता से, ज्ञान से, धीरज से, कृपालुता से, पवित्रा आत्मा से। सच्चे प्रेम से, सत्य के वचन से, परमेश्वर की सामर्थ से; धार्मिकता के हथियारों से जो दहिने, बाएं हैं। आदर और निरादर से, दुरनाम और सुनाम से, यद्यपि भरमानेवालों के ऐसे मालूम होते हैं तौभी सच्चे हैं। अनजानों के सदृश्य हैं; तौभी प्रसिद्ध हैं; मरते हुओं के ऐसे हैं और देखों जीवित हैं; मारखानेवालों के सदृश हैं परन्तु प्राण से मारे नहीं जाते। शोक करनेवाले के समान हैं, परन्तु सर्वदा आनन्द करते हैं, कंगालों के ऐसे हैं, परन्तु बहुतों को धनवान बना देते हैं; ऐसे हैं जैसे हमारे पास कुछ नहीं तौभी सब कुछ रखते हैं। हे कुरिन्थियों, हम ने खुलकर तुम से बातें की हैं, हमारा हृदय तुम्हारी ओर खुला हुआ है।
- 1 Thessalonians 2:1–10 1 थिस्सलुनीकियों 2:1–10हे भाइयों, तुम आप ही जानते हो कि हमारा तुम्हारे पास आना व्यर्थ न हुआ। बरन तुम आप ही जानते हो, कि पहिले पहिल फिलिप्पी में दुख उठाने और उपद्रव सहने पर भी हमारे परमेश्वर ने हमें ऐसा हियाव दिया, कि हम परमेश्वर का सुसमाचार भारी विरोधों के होते हुए भी तुम्हें सुनाएं। क्योंकि हमारा उपदेश न भ्रम से है और न अशुद्धता से, और न छल के साथ है। पर जैसा परमेश्वर ने हमें योग्य ठहराकर सुसमाचार सौंपा, हम वैसा ही वर्णन करते हैं; और इस में मनुष्यों को नहीं, परन्तु परमेश्वर को, जो हमारे मनों को जांचता है, प्रसन्न करते हैं। क्योंकि तुम जानते हो, कि हम न तो कभी लल्लोपत्तो की बातें किया करते थे, और न लोभ के लिये बहाना करते थे, परमेश्वर गवाह है। और यद्यपि हम मसीह के प्रेरित होने के कारण तुम पर बोझ डाल सकते थे, तौभी हम मनुष्यों से आदर नहीं चाहते थे, और न तुम से, न और किसी से। परन्तु जिस तरह माता अपने बालकों का पालन- पोषण करती है, वैसे ही हम ने भी तुम्हारे बीच में रहकर कोमलता दिखाई है। और वैसे ही हम तुम्हारी लालसा करते हुए, न केवल परमेश्वर को सुसमाचार, पर अपना अपना प्राण भी तुम्हें देने को तैयार थे, इसलिये कि तुम हमारे प्यारे हो गए थे। क्योंकि, हे भाइयों, तुम हमारे परिश्रम और कष्ट को स्मरण रखते हो, कि हम ने इसलिये रात दिन काम अन्धा करते हुए तुम में परमेश्वर का सुसमाचार प्रचार किया, कि तुम में से किसी पर भार न हों। तुम आप ही गवाह हो: और परमेश्वर भी, कि तुम्हारे बीच में जो विश्वास रखते हो हम कैसी पवित्राता और धार्मिकता और निर्दोषता से रहे।
- 2 Timothy 3:10 2 तीमुथियुस 3:10पर तू ने उपदेश, चाल चलन, मनसा, विश्वास, सहनशीलता, प्रेम, धीरज, और सताए जाने, और दुख उठाने में मेरा साथ दिया।
- 2 Corinthians 1:12 2 कुरिन्थियों 1:12क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्रा परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्राता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- when · G5613ὡς hōs
- come · G3854παραγίνομαι paragínomai
- to · G4314πρός prós
- him · G846αὐτός autós
- said · G2036ἔπω épō
- them · G846αὐτός autós
- Ye · G5210ὑμεῖς hymeîs
- know · G1987ἐπίσταμαι epístamai
- from · G575ἀπό apó
- first · G4413πρῶτος prōtos
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- that · G3739ὅς hós
- came · G1910ἐπιβαίνω epibaínō
- into · G1519εἰς eis
- Asia · G773Ἀσία Asía
- manner · G4459πῶς pōs
- been · G1096γίνομαι gínomai
- with · G3326μετά metá
- you · G5216ὑμῶν hymōn
- all · G3956πᾶς pâs
- seasons · G5550χρόνος chrónos