Acts · chapter 20 · verse 19
Acts 20:19 in Hindi
अर्थात् बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्त्रा के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा।
Arthaat badee deenataa se, aur aansoo bahaa bahaakar, aur un pareekshaaom mem jo yahoodiyom ke shadayantraa ke kaaran mujh par aa padee; maim prabhu kee sevaa karataa hee rahaa.
Acts 20:19 in English
- King James Version (KJV)
- Serving the Lord with all humility of mind, and with many tears, and temptations, which befell me by the lying in wait of the Jews:
- World English Bible (WEB)
- serving the Lord with all humility, with many tears, and with trials which happened to me by the plots of the Jews;
- American Standard Version (ASV)
- serving the Lord with all lowliness of mind, and with tears, and with trials which befell me by the plots of the Jews;
- Bible in Basic English (BBE)
- Doing the Lord's work without pride, through all the sorrow and troubles which came on me because of the evil designs of the Jews:
- Darby Translation (DBY)
- serving the Lord with all lowliness, and tears, and temptations, which happened to me through the plots of the Jews;
- Webster's Bible (WBS)
- Serving the Lord with all humility of mind, and with many tears and temptations, which befell me by the lying in wait of the Jews:
- Young's Literal Translation (YLT)
- serving the Lord with all humility, and many tears, and temptations, that befell me in the counsels of the Jews against [me];
Read in context
- 17और उस ने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया।
- 18जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा।
- 19अर्थात् बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्त्रा के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा।
- 20और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।
- 21बरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए।
Cross references
- Colossians 3:24 कुलुस्सियों 3:24क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो।
- 2 Corinthians 2:4 2 कुरिन्थियों 2:4बड़े क्लेश, और मन के कष्ट से, मैं ने बहुत से आंसु बहा बहाकर तुम्हें लिखा, इसलिये नहीं, कि तुम उदास हो, परन्तु इसलिये कि तुम उस बड़े प्रेम को जान लो, जो मुझे तुम से है।।
- Acts 20:3 प्रेरितों के काम 20:3जब तीन महीने रहकर जहाज पर सूरिया की ओर जाने पर था, तो यहूदी उस की घात में लगे, इसलिये उस ने यह सलाह की कि मकिदुनिया होकर लोट आए।
- Romans 12:11 रोमियों 12:11प्रयत्न करने में आलसी न हो; आत्मिक उन्माद में भरो रहो; प्रभु की सेवा करते रहो।
- 2 Corinthians 4:7–11 2 कुरिन्थियों 4:7–11परन्तु महारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, बरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे। हम चारों ओर से क्लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते। सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते। हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो। क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरनहार शरीर में प्रगट हो।
- Jeremiah 13:17 यिर्मयाह 13:17और यदि तुम इसे न सुनो, तो मैं अकेले में तुम्हारे गर्व के कारण रोऊंगा, और मेरी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहेगी, क्योंकि यहोवा की भेड़ें बंधुआ कर ली गई हैं।
- Acts 14:19–20 प्रेरितों के काम 14:19–20परन्तु कितने यहूदियों ने अन्ताकिया और इकुनियम से आकर लोगों को अपनी ओर कर लिया, और पौलुस को पत्थरवाह किया, और मरा समझकर उसे नगर के बाहर घसीट ले गए। पर जब चेले उस की चारों ओर आ खड़े हुए, तो वह उठकर नगर में गया और दूसरे दिन बरनबास के साथ दिरबे को चला गया।
- 2 Corinthians 3:5 2 कुरिन्थियों 3:5यह नहीं, कि हम अपने आप से इस योग्य हैं, कि अपनी ओर से किसी बात का विचार कर सकें; पर हमारी योग्यता परमेश्वर की ओर से है।
- 2 Corinthians 7:5 2 कुरिन्थियों 7:5क्योंकि जब हम मकिदुनिया में आए, तब भी हमारे शरीर को चैन नहीं मिला, परन्तु हम चारों ओर से क्लेश पाते थे; बाहर लड़ाइयां थीं, भीतर भयंकर बातें थी।
- 2 Corinthians 12:7–10 2 कुरिन्थियों 12:7–10और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात् शैतान का एक दूत कि मुझे घूसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं। इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए। और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- Galatians 1:10 गलातियों 1:10यदि मैं अब तक मनुष्यों को प्रसन्न करता रहता, तो मसीह का दास न होता।।
- James 1:2 याकूब 1:2हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
Original words (Greek)
- Serving · G1398δουλεύω douleúō
- Lord · G2962κύριος kýrios
- with · G3326μετά metá
- all · G3956πᾶς pâs
- mind · G5012ταπεινοφροσύνη tapeinophrosýnē
- and · G2532καί kaí
- many · G4183πολύς polýs
- tears · G1144δάκρυ dákry
- and · G2532καί kaí
- temptations · G3986πειρασμός peirasmós
- befell · G4819συμβαίνω symbaínō
- me · G3427μοί moí
- by · G1722ἐν en
- wait · G1917ἐπιβουλή epiboulḗ
- Jews · G2453Ἰουδαῖος Ioudaîos