Acts · chapter 22 · verse 12
Acts 22:12 in Hindi
और हनन्याह नाम का व्यवस्था के अनुसार एक भक्त मनुष्य, जो वहां के रहनेवाले सब यहूदियों में सुनाम था, मेरे पास आया।
Aur hananyaah naam kaa vyavasthaa ke anusaar ek bhakt manushy, jo vahaam ke rahanevaale sab yahoodiyom mem sunaam thaa, mere paas aayaa.
Acts 22:12 in English
- King James Version (KJV)
- And one Ananias, a devout man according to the law, having a good report of all the Jews which dwelt [there],
- World English Bible (WEB)
- “One Ananias, a devout man according to the law, well reported of by all the Jews who lived in Damascus,
- American Standard Version (ASV)
- And one Ananias, a devout man according to the law, well reported of by all the Jews that dwelt there,
- Bible in Basic English (BBE)
- And one Ananias, a God-fearing man, who kept the law, and of whom all the Jews in that place had a high opinion,
- Darby Translation (DBY)
- And a certain Ananias, a pious man according to the law, borne witness to by all the Jews who dwelt [there],
- Webster's Bible (WBS)
- And one Ananias, a devout man according to the law, having a good report of all the Jews who dwelt [there] ,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and a certain one, Ananias, a pious man according to the law, being testified to by all the Jews dwelling [there],
Read in context
- 10तब मै। ने कहा; हे प्रभु मैं क्या करूं? प्रभु ने मुझ से कहा; उठकर दमिश्क में जा, और जो कुद तेरे करने के लिये ठहराया गया है वहां तुझ से सब कह दिया जाएगा।
- 11जब उस ज्योति के तेज के मारे मुझे कुछ दिखाई न दिया, तो मैं अपने साथियों के हाथ पकड़े हुए दमिश्क में आया।
- 12और हनन्याह नाम का व्यवस्था के अनुसार एक भक्त मनुष्य, जो वहां के रहनेवाले सब यहूदियों में सुनाम था, मेरे पास आया।
- 13और खड़ा होकर मुझ से कहा; हे भाई शाऊल फिर देखने लग: उसी घड़ी मेरे नेत्रा खुल गए और मैं ने उसे देखा।
- 14तब उस ने कहा; हमारे बापदादों के परमेश्वर ने तुझे इसलिये ठहराया है, कि तू उस की इच्छा को जाने, और उस धर्मी को देखे, और उसके मुंह से बातें सुने।
Cross references
- Acts 10:22 प्रेरितों के काम 10:22उन्होंने कहा; कुरनेलियुस सूबेदार जो धर्मी और परमेश्वर से डरने वाला और सारी यहूदी जाति में सुनामी मनुष्य है, उस ने एक पवित्र स्वर्गदूत से यह चितावनी पाई है, कि तुझे अपने घर बुलाकर तुझ से वचन सुने।
- Acts 6:3 प्रेरितों के काम 6:3इसलिये हे भाइयो, अपने में से सात सुनाम पुरूषों को जो पवित्रा आत्मा और बुद्धि से परिपूर्ण हो, चुन लो, कि हम उन्हें इस काम पर ठहरा दें।
- 3 John 1:12 3 यूहन्ना 1:12देमेत्रियुस के विषय में सब ने बरन सत्य ने भी आप ही गवाही दी: औश्र हम भी गवाही देते हैं, और तू जानता है, कि हमारी गवाही सच्चा है।।
- 1 Timothy 3:7 1 तीमुथियुस 3:7और बाहरवालों में भी उसका सुनाम हो ऐसा न हो कि निन्दित होकर शैतान के फंदे में फंस जाए।
- 2 Corinthians 6:8 2 कुरिन्थियों 6:8आदर और निरादर से, दुरनाम और सुनाम से, यद्यपि भरमानेवालों के ऐसे मालूम होते हैं तौभी सच्चे हैं।
- Acts 8:2 प्रेरितों के काम 8:2और भक्तों ने स्तिफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया।
- Acts 17:4 प्रेरितों के काम 17:4उन में से कितनों ने, और भक्त यूनानियों में से बहुतेरों ने और बहुत सी कुलीन सित्रायों ने मान लिया, और पौलुस और सीलास के साथ मिल गए।
- Hebrews 11:2 इब्रानियों 11:2क्योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्छी गवाही दी गईं।
- Luke 2:25 लूका 2:25और देखो, यरूशलेम में शमौन नाम एक मनुष्य था, और वह मनुष्य धर्मी और भक्त था; और इस्राएल की शान्ति की बाट जोह रहा था, और पवित्रा आत्मा उस पर था।
- Acts 9:10–18 प्रेरितों के काम 9:10–18दमिश्क में हनन्याह नाम एक चेला था, उस से प्रभु ने दर्शन में कहा, हे हनन्याह! उस ने कहा; हां प्रभु। तब प्रभु ने उस से कहा, उठकर उस गली में जा जो सीधी कहलाती है, और यहूदा के घर में शाऊल नाम एक तारसी को पूछ ले; क्योंकि देख, वह प्रार्थना कर रहा है। और उस ने हनन्याह नाम एक पुरूष को भीतर आते, और अपने ऊपर आते देखा है; ताकि फिर से दृष्टि पाए। हनन्याह ने उत्तर दिया, कि हे प्रभु, मैं ने इस मनुष्य के विषय में बहुतों से सुना है, कि इस ने यरूशलेम में तेरे पवित्रा लोगों के साथ बड़ी बड़ी बुराईयां की हैं। और यहां भी इस को महायाजकों की ओर से अधिकार मिला है, कि जो लोग तेरा नाम लेते हैं, उन सब को बान्ध ले। परन्तु प्रभु ने उस से कहा, कि तू चला जा; क्योंकि यह, तो अन्यजातियों और राजाओं, और इस्त्राएलियों के साम्हने मेरा नाम प्रगट करने के लिये मेरा चुना हुआ पात्रा है। और मैं उसे बताऊंगा, कि मेरे नाम के लिये उसे कैसा कैसा दुख उठाना पड़ेगा। तब हनन्याह उठकर उस घर में गया, और उस पर अपना हाथ रखकर कहा, हे भाई शाऊल, प्रभु, अर्थात् यीशु, जो उस रास्ते में, जिस से तू आया तुझे दिखाई दिया था, उसी ने मुझे भेजा है, कि तू फिर दृष्टि पाए और पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण हो जाए। और तुरन्त उस की आंखों से छिलके से गिरे, और वह देखने लगा और उठकर बपतिस्मा लिया; फिर भोजन करके बल पाया।।