Acts · chapter 28 · verse 19
Acts 28:19 in Hindi
परन्तु जब यहूदी इस के विरोध में बोलने लगे, तो मुझे कैसर की दोहाई देनी पड़ी: न यह कि मुझे अपने लागों पर कोई दोष लगाना था।
Parantu jab yahoodee is ke virodh mem bolane lage, to mujhe kaisar kee dohaaee denee padee: na yah ki mujhe apane laagom par koee dosh lagaanaa thaa.
Acts 28:19 in English
- King James Version (KJV)
- But when the Jews spake against [it], I was constrained to appeal unto Cæsar; not that I had ought to accuse my nation of.
- World English Bible (WEB)
- But when the Jews spoke against it, I was constrained to appeal to Caesar, not that I had anything about which to accuse my nation.
- American Standard Version (ASV)
- But when the Jews spake against it, I was constrained to appeal unto Cæsar; not that I had aught whereof to accuse my nation.
- Bible in Basic English (BBE)
- But when the Jews made protest against it, I had to put my cause into Caesar's hands; not because I have anything to say against my nation.
- Darby Translation (DBY)
- But the Jews speaking against it, I was compelled to appeal to Caesar, not as having anything to accuse my nation of.
- Webster's Bible (WBS)
- But when the Jews spoke against [it] , I was constrained to appeal to Cesar; not that I had aught to accuse my nation of.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the Jews having spoken against [it], I was constrained to appeal unto Caesar — not as having anything to accuse my nation of;
Read in context
- 17तीन दिन के बाद उस ने यहूदियों के बड़े लोगों को बुलाया, और जब वे इकट्ठे हुए तो उन से कहा; हे भाइयों, मैं ने अपने लोगों के या बापदादों के व्यवहारों के विरोध में कुछ भी नहीं किया, तौभी बन्धुआ होकर यरूशलेम से रोमियों के हाथ सौंपा गया।
- 18उन्हों ने मुझे जांच कर छोड़ देना चाहा, क्योंकि मुझ में मृत्यु के योग्य कोई दोष न था।
- 19परन्तु जब यहूदी इस के विरोध में बोलने लगे, तो मुझे कैसर की दोहाई देनी पड़ी: न यह कि मुझे अपने लागों पर कोई दोष लगाना था।
- 20इसलिये मैं ने तुम को बुलाया है, कि तुम से मिलूं और बातचीत करूं; क्योंकि इस्त्राएल की आशा के लिये मैं इस जंजीर से जकड़ा हुआ हूं।
- 21उन्हों ने उस से कहा; न हम ने तेरे विषय में यहूदियों से चिटि्ठयां पाईं, और न भाइयों में से किसी ने आकर तेरे विषय में कुछ बताया, और न बुरा कहा।
Cross references
- Acts 26:32 प्रेरितों के काम 26:32अग्रिप्पा ने फेस्तुस से कहा; यदि यह मनुष्य कैसर की दोहाई न देता, तो दूट सकता था।।
- Acts 25:10–12 प्रेरितों के काम 25:10–12पौलुस ने कहा; मैं कैसर के न्याय आसन के साम्हने खड़ा हूं: मेरे मुक में का यहीं फैसला होना चाहिए: जैसा तू अच्छी तरह जानता है, यहूदियों का मैं ने कुछ अपराध नहीं किया। यदि अपराधी हूं और मार डाले जाने योग्य कोई काम किया है; तो मरने से नहीं मुकरता; परन्तु जिन बातों का ये मुझ पर दोष लगाते हैं, यदि उन में से कोई बात सच न ठहरे, तो कोई मुझे उन के हाथ नहीं सौंप सकता: मैं कैसर की दोहाई देता हूं। तब फेस्तुस ने मन्त्रियों की सभा के साथ बातें करके उत्तर दिया, तू ने कैसर की दोहाई दी है, तू कैसर के पास जाएगा।।
- Acts 25:21 प्रेरितों के काम 25:21परन्तु जब पौलुस ने दोहाई दी, कि मेरे मुक में का फैसला महाराजाधिराज के यहां हो; तो मैं ने आज्ञा दी, कि जब तक उसे कैसर के पास न भेजूं, उस की रखवाली की जाए।
- Acts 25:25 प्रेरितों के काम 25:25परन्तु मैं ने जान लिया, कि उस ने ऐसा कुछ नहीं किया कि मार डाला जाए; और जब कि उस ने आप ही महाराजाधिराज की दोहाई दी, तो मैं ने उसे भेजने का उपाय निकाला।
- 1 Peter 2:22–23 1 पतरस 2:22–23न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली। वह गाली सुनकर गाली नहीं देता था, और दुख उठाकर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- Jews · G2453Ἰουδαῖος Ioudaîos
- against · G483ἀντιλέγω antilégō
- constrained · G315ἀναγκάζω anankázō
- appeal · G1941ἐπικαλέομαι epikaléomai
- Cæsar · G2541Καῖσαρ Kaîsar
- not · G3756οὐ ou
- that · G5613ὡς hōs
- had · G2192ἔχω échō
- ought · G5100τὶς tìs
- accuse · G2723κατηγορέω katēgoréō
- my · G3450μοῦ moû
- nation · G1484ἔθνος éthnos
- of · G2723κατηγορέω katēgoréō