Acts · chapter 5 · verse 24
Acts 5:24 in Hindi
जब मन्दिर के सरदार और महायाजकों ने ये बातें सनीं, तो उन के विषय में भारी चिन्ता में पड़ गए कि यह क्या हुआ चाहता है?
Jab mandir ke saradaar aur mahaayaajakom ne ye baatem saneem, to un ke vishay mem bhaaree chintaa mem pad gae ki yah kyaa huaa chaahataa hai?
Acts 5:24 in English
- King James Version (KJV)
- Now when the high priest and the captain of the temple and the chief priests heard these things, they doubted of them whereunto this would grow.
- World English Bible (WEB)
- Now when the high priest, the captain of the temple, and the chief priests heard these words, they were very perplexed about them and what might become of this.
- American Standard Version (ASV)
- Now when the captain of the temple and the chief priests heard these words, they were much perplexed concerning them whereunto this would grow.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now, at these words, the captain of the Temple and the chief priests were greatly troubled about what might be the end of this business.
- Darby Translation (DBY)
- And when they heard these words, both the priest and the captain of the temple and the chief priests were in perplexity as to them, what this would come to.
- Webster's Bible (WBS)
- Now when the high priest, and the captain of the temple, and the chief priests heard these things, they doubted of them to what this would grow.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And as the priest, and the magistrate of the temple, and the chief priests, heard these words, they were doubting concerning them to what this would come;
Read in context
- 22परन्तु प्यादों ने वहां पहुंचकर उन्हें बन्दीगृह में न पाया, और लौटकर संदेश दिया।
- 23कि हम ने बन्दीगृह को बड़ी चौकसी से बन्द किया हुआ, और पहरेवालों को बाहर द्वारों पर खड़े हुए पाया; परनतु जब खोला, तो भीतर कोई न मिला।
- 24जब मन्दिर के सरदार और महायाजकों ने ये बातें सनीं, तो उन के विषय में भारी चिन्ता में पड़ गए कि यह क्या हुआ चाहता है?
- 25इतने में किसी ने आकर उन्हें बताया, कि देखो, जिन्हें तुम ने बन्दीगृह में बन्द रखा था, वे मनुष्य मन्दिर में खड़े हुए लोगों को उपदेश दे रहे हैं।
- 26तक सरदार, प्यादों के साथ जाकर, उन्हें ले आया, परन्तु बरबस नहीं, क्योंकि वे लोगों से डरते थे, कि हमें पत्थरवाह न करें।
Cross references
- Acts 4:1 प्रेरितों के काम 4:1जब वे लोगों से यह कह रहे थे, तो याजक और मन्दिर के सरदार और सदूकी उन पर चढ़ आएं।
- Acts 5:26 प्रेरितों के काम 5:26तक सरदार, प्यादों के साथ जाकर, उन्हें ले आया, परन्तु बरबस नहीं, क्योंकि वे लोगों से डरते थे, कि हमें पत्थरवाह न करें।
- Isaiah 53:1–2 यशायाह 53:1–2जो समाचार हमें दिया गया, उसका किस ने विश्वास कया? और यहोवा का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? क्योंकि वह उसके साम्हने अंकुर की नाईं, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते।
- Luke 22:4 लूका 22:4उस ने जाकर महायाजकों और पहरूओं के सरदारों के साथ बातचीत की, कि उस को किस प्रकार उन के हाथ पकड़वाए।
- Zechariah 6:12–13 जकर्याह 6:12–13और उस से यह कह, सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस पुरूष को देख जिस का नाम शाख है, वह अपने ही स्थान से उगकर यहोवा के मन्दिर को बनाएगा। वही यहोवा के मन्दिर को बनाएगा, और महिमा पाएगा, और अपने सिंहासन पर विराजमान होकर प्रभुता करेगा। और उसके सिंहासन के पास एक याजक भी रहेगा, और दोनों के बीच मेल की सम्मति होगी।
- Acts 4:16–17 प्रेरितों के काम 4:16–17कि हम इन मनुष्यों के साथ क्या करें? क्योंकि यरूशलेम के सब रहनेवालों पर प्रगट है, कि इन के द्वारा एक प्रसिद्ध चिन्ह दिखाया गया है; और हम उसका इन्कार नही कर सकते। परन्तु इसलिये कि यह बात लोगों में और अधिक फैल न जाए, हम उन्हें धमकाएं, कि वे इस नाम से फिर किसी मनुष्य से बातें न करें।
- Daniel 2:34–35 दानिय्येल 2:34–35फिर देखते देखते, तू ने क्या देखा, कि एक पत्थर ने, बिना किसी के खोदे, आप ही आप उखड़ कर उस मूर्ति के पांवों पर लगकर जो लोहे और मिट्टी के थे, उन को चूर चूर कर डाला। तब लोहा, मिट्टी, पीतल, चान्दी और सोना भी सब चूर चूर हो गए, और धूपकाल में खलिहानों के भूसे की नाईं हवा से ऐसे उड़ गए कि उनका कहीं पता न रहा; और वह पत्थर जो मूर्ति पर लगा था, वह बड़ा पहाड़ बन कर सारी पृथ्वी में फैल गया॥
- Isaiah 9:7 यशायाह 9:7उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा, इसलिये वि उसको दाऊद की राजगद्दीपर इस समय से लेकर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा। सेनाओं के यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा।।
- Daniel 2:44–45 दानिय्येल 2:44–45और उन राजाओं के दिनों में स्वर्ग का परमेश्वर, एक ऐसा राज्य उदय करेगा जो अनन्तकाल तक न टूटेगा, और न वह किसी दूसरी जाति के हाथ में किया जाएगा। वरन वह उन सब राज्यों को चूर चूर करेगा, और उनका अन्त कर डालेगा; और वह सदा स्थिर रहेगा; जैसा तू ने देखा कि एक पत्थर किसी के हाथ के बिन खोदे पहाड़ में से उखड़ा, और उसने लोहे, पीतल, मिट्टी, चान्दी, और सोने को चूर चूर किया, इसी रीति महान् परमेश्वर ने राजा को जताया है कि इसके बाद क्या क्या होने वाला है। न स्वप्न में और न उसके फल में कुछ सन्देह है॥
- Acts 4:21 प्रेरितों के काम 4:21तब उन्हों ने उन को और धमकाकर छोड़ दिया, क्योंकि लोगों के कारण उन्हें दण्ड देने का कोई दांव नहीं मिला, इसलिये कि जो घटना हुई थी उसके कारण सब लोग परमेश्वर की बड़ाई करते थे।
- Acts 2:12 प्रेरितों के काम 2:12और वे सब चकित हुए, और घबराकर एक दूसरे से कहने लगे कि यह क्या हुआ चाहता है?
- Luke 22:52 लूका 22:52तब यीशु ने महायाजकों; और मन्दिर के पहरूओं के सरदरों और पुरनियों से, जो उस पर चढ़ आए थे, कहा; क्या तुम मुझे डाकू जानकर तलवारें और लाठियां लिए हुए निकले हो?
Original words (Greek)
- Now · G1161δέ dé
- when · G5613ὡς hōs
- priest · G2409ἱερεύς hiereús
- and · G2532καί kaí
- captain · G4755στρατηγός stratēgós
- temple · G2411ἱερόν hierón
- and · G2532καί kaí
- priests · G749ἀρχιερεύς archiereús
- heard · G191ἀκούω akoúō
- these · G5128τούτους toútous
- things · G3056λόγος lógos
- doubted · G1280διαπορέω diaporéō
- of · G4012περί perí
- them · G846αὐτός autós
- whereunto · G302ἄν án
- this · G5124τοῦτο toûto
- grow · G1096γίνομαι gínomai