Acts · chapter 8 · verse 31
Acts 8:31 in Hindi
उस ने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्यांेकर समझूं? और उस ने फिलिप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ।
Us ne kahaa, jab tak koee mujhe na samajhaae to maim kyaanేkar samajhoom? Aur us ne philippus se binatee kee, ki chadhakar mere paas baith.
Acts 8:31 in English
- King James Version (KJV)
- And he said, How can I, except some man should guide me? And he desired Philip that he would come up and sit with him.
- World English Bible (WEB)
- He said, “How can I, unless someone explains it to me?” He begged Philip to come up and sit with him.
- American Standard Version (ASV)
- And he said, How can I, except some one shall guide me? And he besought Philip to come up and sit with him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said, How is that possible when I have no guide? And he made Philip get up by his side.
- Darby Translation (DBY)
- And he said, How should I then be able unless some one guide me? And he begged Philip to come up and sit with him.
- Webster's Bible (WBS)
- And he said, How can I, except some man should guide me? And he desired Philip that he would come up, and sit with him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he said, 'Why, how am I able, if some one may not guide me?' he called Philip also, having come up, to sit with him.
Read in context
- 29तब आत्मा ने फिलिप्पुस से कहा, निकट जाकर इस रथ के साथ हो ले।
- 30फिलिप्पुस ने उस ओर दौड़कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है?
- 31उस ने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्यांेकर समझूं? और उस ने फिलिप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ।
- 32पवित्रा शास्त्रा का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरनेवालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला।
- 33उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है।
Cross references
- Romans 10:14 रोमियों 10:14फिर जिस पर उन्हों ने विश्वास नहीं किया, वे उसका नाम क्योंकर लें? और जिस की नहीं सुनी उस पर क्योंकर विश्वास करें?
- Isaiah 29:18–19 यशायाह 29:18–19उस समय बहिरे पुस्तक की बातें सुनने लेगेंगे, और अन्धे जिन्हें अब कुछ नहीं सूझता, वे देखने लेगेंगे। नम्र लोग यहोवा के कारण फिर आनन्दित होंगे, और दरिद्र मनुष्य इस्राएल के पवित्रा के कारण मगन होंगे।
- Psalm 73:16–17 भजन संहिता 73:16–17जब मैं सोचने लगा कि इसे मैं कैसे समझूं, तो यह मेरी दृष्टि में अति कठिन समस्या थी, जब तक कि मैं ने ईश्वर के पवित्रा स्थान में जाकर उन लोगों के परिणाम को न सोचा।
- Psalm 25:8–9 भजन संहिता 25:8–9यहोवा भला और सीधा है; इसलिये वह पापियों को अपना मार्ग दिखलाएगा। वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देता, हां वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
- Proverbs 30:2–3 नीतिवचन 30:2–3निश्चय मैं पशु सरीखा हूं, वरन मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है। न मैं ने बुद्धि प्राप्त की है, और न परमपवित्रा का ज्ञान मुझे मिला है।
- 1 Corinthians 8:2 1 कुरिन्थियों 8:2यदि कोई समझे, कि मैं कुछ जानता हूं, तो जैसा जानना चाहिए वैसा अब तक नहीं जानता।
- Matthew 18:3–4 मत्ती 18:3–4और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।
- 2 Kings 5:26 2 राजा 5:26उस ने उस से कहा, जब वह पुरूष इधर मुंह फेरकर तुझ से मिलने को अपने रथ पर से उतरा, तब वह पूरा हाल मुझे मालूम था; क्या यह समय चान्दी वा वस्त्रा वा जलपाई वा दाख की बारियां, भेड़- बकरियां, गायबैल और दास- दासी लेने का है?
- 1 Corinthians 14:36–37 1 कुरिन्थियों 14:36–37क्यों परमशॆवर का वचन तुम में से निकला? या केवल तुम ही तक पहुंचा है? यदि कोई मनुष्य अपने आप को भविष्यद्वक्ता या आत्मिक जन समझे, तो यह जान ले, कि जो बातें मैं तुम्हें लिखता हूं, वे प्रभु की आज्ञाएं हैं।
- Isaiah 35:8 यशायाह 35:8और वहां एक सड़क अर्थात् राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्रा मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे।
- Mark 10:15 मरकुस 10:15मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो कोई परमेश्वर के राज्य को बालक की नाई ग्रहण न करे, वह उस में कभी प्रवेश करने न पाएगा।
- James 1:21 याकूब 1:21इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर करके, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- said · G2036ἔπω épō
- How · G4459πῶς pōs
- I · G1410δύναμαι dýnamai
- except · G1437ἐάν eán
- man · G5100τὶς tìs
- guide · G3594ὁδηγέω hodēgéō
- me · G3165μέ mé
- And · G5037τέ té
- desired · G3870παρακαλέω parakaléō
- Philip · G5376Φίλιππος Phílippos
- up · G305ἀναβαίνω anabaínō
- sit · G2523καθίζω kathízō
- with · G4862σύν sýn
- him · G846αὐτός autós