Colossians · chapter 1 · verse 3
Colossians 1:3 in Hindi
हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना करके अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात् परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
Ham tumhaare liye nit praarthanaa karake apane prabhu yeeshu maseeh ke pitaa arthaat parameshvar kaa dhanyavaad karate hain.
Colossians 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- We give thanks to God and the Father of our Lord Jesus Christ, praying always for you,
- World English Bible (WEB)
- We give thanks to God the Father of our Lord Jesus Christ, praying always for you,
- American Standard Version (ASV)
- We give thanks to God the Father of our Lord Jesus Christ, praying always for you,
- Bible in Basic English (BBE)
- We give praise to God the Father of our Lord Jesus Christ, making prayer for you at all times,
- Darby Translation (DBY)
- We give thanks to the God and Father of our Lord Jesus Christ continually [when] praying for you,
- Webster's Bible (WBS)
- We give thanks to God and the Father of our Lord Jesus Christ, praying always for you,
- Young's Literal Translation (YLT)
- We give thanks to the God and Father of our Lord Jesus Christ, always praying for you,
Read in context
- 1पौलुस की ओर से, जो परमेश्वर की इच्छा से मसीह यीशु का प्रेरित है, और भाई तीमुथियुस की ओर से।
- 2मसीह में उन पवित्रा और विश्वासी भाइयों के नाम जो कुलुस्से में रहते हैं।। हमारे पिता परमेश्वर की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति प्राप्त होती रहे।।
- 3हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना करके अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात् परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
- 4क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्रा लोगों से प्रेम रखते हो।
- 5उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो।
Cross references
- 1 Thessalonians 1:2 1 थिस्सलुनीकियों 1:2हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
- 2 Timothy 1:3 2 तीमुथियुस 1:3जिस परमेश्वर की सेवा मैं अपने बापदादों की रीति पर शुद्ध विवेक से करता हूं, उसका धन्यवाद हो कि अपनी प्रार्थनाओं में तुझे लगातार स्मरण करता हूं।
- Colossians 1:9 कुलुस्सियों 1:9इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
- Romans 1:8–9 रोमियों 1:8–9पहिले मैं तुम सब के लिये यीशु मसीह के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि तुम्हारे विश्वास की चर्चा सारे जगत में हो रही है। परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
- 1 Corinthians 1:4 1 कुरिन्थियों 1:4मैं तुम्हारे विषय में अपने परमेश्वर का धन्यवाद सदा करता हूं, इसलिये कि परमेश्वर का यह अनुग्रह तुम पर मसीह यीशु में हुआ।
- Philippians 1:3–5 फिलिप्पियों 1:3–5मैं जब जब तुम्हें स्मरण करता हूं, तब तब अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं। और जब कभी तुम सब के लिये बिनती करता हूं, तो सदा आनन्द के साथ बिनती करता हूं। इसलिये, कि तुम पहिले दिन से लेकर आज तक सुसमाचार के फैलाने में मेरे सहभागी रहे हो।
- 1 Thessalonians 3:10–13 1 थिस्सलुनीकियों 3:10–13हम राज दिन बहुत ही प्रार्थना करते रहते हैं, कि तुम्हारा मुंह देखें, और तुम्हारे विश्वास की घटी पूरी करें।। अब हमारा परमेश्वर और पिता आप ही और हमारा प्रभु यीशु, तुम्हारे यहां आने के लिये हमारी अगुवाई करे। और प्रभु ऐसा करे, कि जेसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए। ताकि वह तुम्हारे मनों को ऐसा स्थिर करे, कि जब हमारा प्रभु यीशु अपने सब पवित्रा लोगों के साथ आए, तो वे हमारे परमेश्वर और पिता के साम्हने पवित्राता में निर्दोष ठहरें।।
- Colossians 1:13 कुलुस्सियों 1:13उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्रा के राज्य में प्रवेश कराया।
- Philippians 4:6 फिलिप्पियों 4:6किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
- Ephesians 3:14–19 इफिसियों 3:14–19मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं, जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है। कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ। और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़कर और नेव डाल कर। सब पवित्रा लागों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है। और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।।
- Ephesians 1:15 इफिसियों 1:15इस कारण, मैं भी उस विश्वास का समाचार सुनकर जो तुम लोगों में प्रभु यीशु पर है और सब पवित्रा लोगों पर प्रगट है।
- 2 Thessalonians 2:16–17 2 थिस्सलुनीकियों 2:16–17हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिस ने हम से प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शान्ति और उत्तम आशा दी है। तुम्हारे मनों में शान्ति दे, और तुम्हें हर एक अच्छे काम, और वचन में दृढ़ करे।।
Original words (Greek)
- thanks · G2168εὐχαριστέω eucharistéō
- God · G2316θεός theós
- and · G2532καί kaí
- Father · G3962πατήρ patḗr
- our · G2257ἡμῶν hēmōn
- Lord · G2962κύριος kýrios
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- Christ · G5547Χριστός Christós
- praying · G4336προσεύχομαι proseúchomai
- always · G3842πάντοτε pántote
- for · G4012περί perí
- you · G5216ὑμῶν hymōn