Philippians · chapter 1 · verse 3
Philippians 1:3 in Hindi
मैं जब जब तुम्हें स्मरण करता हूं, तब तब अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं।
Maim jab jab tumhem smaran karataa hoom, tab tab apane parameshvar kaa dhanyavaad karataa hoon.
Philippians 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- I thank my God upon every remembrance of you,
- World English Bible (WEB)
- I thank my God whenever I remember you,
- American Standard Version (ASV)
- I thank my God upon all my remembrance of you,
- Bible in Basic English (BBE)
- I give praise to my God at every memory of you,
- Darby Translation (DBY)
- I thank my God for my whole remembrance of you,
- Webster's Bible (WBS)
- I thank my God upon every remembrance of you,
- Young's Literal Translation (YLT)
- I give thanks to my God upon all the remembrance of you,
Read in context
- 1मसीह यीशु के दास पौलुस और तीमुथियुस की ओर से सब पवित्रा लोगों के नाम, जो मसीह यीशु में होकर फिलिप्पी मेेें रहते हैं, अध्यक्षों और सेवकों समेत।
- 2हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।।
- 3मैं जब जब तुम्हें स्मरण करता हूं, तब तब अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं।
- 4और जब कभी तुम सब के लिये बिनती करता हूं, तो सदा आनन्द के साथ बिनती करता हूं।
- 5इसलिये, कि तुम पहिले दिन से लेकर आज तक सुसमाचार के फैलाने में मेरे सहभागी रहे हो।
Cross references
- 1 Corinthians 1:4 1 कुरिन्थियों 1:4मैं तुम्हारे विषय में अपने परमेश्वर का धन्यवाद सदा करता हूं, इसलिये कि परमेश्वर का यह अनुग्रह तुम पर मसीह यीशु में हुआ।
- 1 Thessalonians 1:2–3 1 थिस्सलुनीकियों 1:2–3हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं। और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
- Philemon 1:4–5 फिलेमोन 1:4–5मैं तेरे उस प्रेम और विश्वास की चर्चा सुनकर, जो सब पवित्रा लोगों के साथ और प्रभु यीशु पर है। सदा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं; और अपनी प्रार्थनाओं में भी तुझे स्मरण करता हूं।
- 2 Timothy 1:3 2 तीमुथियुस 1:3जिस परमेश्वर की सेवा मैं अपने बापदादों की रीति पर शुद्ध विवेक से करता हूं, उसका धन्यवाद हो कि अपनी प्रार्थनाओं में तुझे लगातार स्मरण करता हूं।
- Ephesians 1:15–16 इफिसियों 1:15–16इस कारण, मैं भी उस विश्वास का समाचार सुनकर जो तुम लोगों में प्रभु यीशु पर है और सब पवित्रा लोगों पर प्रगट है। तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं।
- Colossians 1:3–4 कुलुस्सियों 1:3–4हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना करके अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात् परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं। क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्रा लोगों से प्रेम रखते हो।
- 1 Thessalonians 3:9 1 थिस्सलुनीकियों 3:9और जैसा आनन्द हमें तुम्हारे कारण अपने परमेश्वर के साम्हने है, उसके बदले तुम्हारे विषय में हम किस रीति से परमेश्वर का धन्यवाद करें?
- Romans 1:8–9 रोमियों 1:8–9पहिले मैं तुम सब के लिये यीशु मसीह के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि तुम्हारे विश्वास की चर्चा सारे जगत में हो रही है। परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
- 2 Thessalonians 1:3 2 थिस्सलुनीकियों 1:3हे भाइयो, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिये कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और तुम सब को प्रेम आपस में बहुत ही होता जाता है।
- Romans 6:17 रोमियों 6:17परन्तु परमशॆवर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के माननेवाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।