Deuteronomy · chapter 20 · verse 11
Deuteronomy 20:11 in Hindi
और यदि वह सन्धि करना अंगीकार करे और तेरे लिये अपने फाटक खोल दे, तब जितने उस में हों वे सब तेरे अधीन होकर तेरे लिये बेगार करनेवाले ठहरें।
Aur yadi vah sandhi karanaa angeekaar kare aur tere liye apane phaatak khol de, tab jitane us mem hom ve sab tere adheen hokar tere liye begaar karanevaale thaharen.
Deuteronomy 20:11 in English
- King James Version (KJV)
- And it shall be, if it make thee answer of peace, and open unto thee, then it shall be, [that] all the people [that is] found therein shall be tributaries unto thee, and they shall serve thee.
- World English Bible (WEB)
- It shall be, if it gives you answer of peace and opens to you, then it shall be that all the people who are found therein shall become forced laborers to you, and shall serve you.
- American Standard Version (ASV)
- And it shall be, if it make thee answer of peace, and open unto thee, then it shall be, that all the people that are found therein shall become tributary unto thee, and shall serve thee.
- Bible in Basic English (BBE)
- And if it gives you back an answer of peace, opening its doors to you, then all the people in it may be put to forced work as your servants.
- Darby Translation (DBY)
- And it shall be, if it make thee answer of peace, and open unto thee, then all the people that are found therein shall be tributaries unto thee, and they shall serve thee.
- Webster's Bible (WBS)
- And it shall be, if it shall make thee answer of peace, and open to thee, then it shall be, [that] all the people [that are] found therein, shall be tributaries to thee, and they shall serve thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and it hath been, if Peace it answer thee, and hath opened to thee, then it hath come to pass — all the people who are found in it are to thee for tributaries, and have served thee.
Read in context
- 9और जब प्रधान सिपाहियों से यह कह चुकें, तब उन पर प्रधानता करने के लिये सेनापतियों को नियुक्त करें।।
- 10जब तू किसी नगर से युद्ध करने को उनके निकट जाए, तब पहिले उस से सन्धि करने का समाचार दे।
- 11और यदि वह सन्धि करना अंगीकार करे और तेरे लिये अपने फाटक खोल दे, तब जितने उस में हों वे सब तेरे अधीन होकर तेरे लिये बेगार करनेवाले ठहरें।
- 12परन्तु यदि वे तुझ से सन्धि न करें, परन्तु तुझ से लड़ना चाहें, तो तू उस नगर को घेर लेना;
- 13और जब तेरा परमेश्वर यहोवा उसे तेरे हाथ में सौंप दे तब उस में के सब पुरूषों को तलवार से मार डालना।
Cross references
- Judges 1:28 न्यायियों 1:28परन्तु जब इस्राएली सामर्थी हुए, तब उन्हों ने कनानियों से बेगारी ली, परन्तु उन्हें पूरी रीति से न निकाला।।
- Joshua 11:19–20 यहोशू 11:19–20गिबोन के निवासी हिव्वियों को छोड़ और किसी नगर के लोगों ने इस्राएलियों से मेल न किया; और सब नगरों को उन्हों ने लड़ लड़कर जीत लिया। क्योंकि यहोवा की जो मनसा थी, कि अपनी उस आज्ञा के अनुसार जो उस ने मूसा को दी थी उन पर कुछ भी दया न करे; वरन सत्यानाश कर डाले, इस कारण उस ने उनके मन ऐसे कठोर कर दिए, कि उन्हों ने इस्राएलियों का साम्हना करके उन से युद्ध किया।।
- 1 Kings 9:21–22 1 राजा 9:21–22उनके वंश जो उनके बाद देश में रह गए, और उनको इस्राएली सत्यानाश न कर सके, उनको तो सुलैमान ने दास कर के बेगारी में रखा, और आज तक उनको वही दशा है। परन्तु इस्राएलियों में से सुलैमान ने किसी को दास न बनाया; वे तो योठ्ठा और उसके कर्मचारी, उसके हाकिम, उसके सरदार, और उसके रथों, और सवारों के प्रधान हुए।
- Judges 1:30–35 न्यायियों 1:30–35जबलून ने कित्रोन और नहलोल के निवासियों को न निकाला; इसलिये कनानी उनके बीच में बसे रहे, और उनके वश में हो गए।। आशेर ने अक्को, सीदोन, अहलाब, अकजीब, हेलवा, अपीक, और रहोब के निवासियों के बीच में बस गए; क्योंकि उन्हों ने उनको न निकाला था।। इसलिये आशेरी लोग देश के निवासी कनानियों के बीच में बस गए; क्योंकि उन्हों ने उनको न निकाला था।। नप्ताली ने बेतशेमेश और बेतनात के निवासियों को न निकाला, परन्तु देश के निवासी कनानियों के बीच में बस गए; तौभी बेतशेमेश और बेतनात के लोग उनके वश में हो गए।। और एमोरियों ने दानियों को पहाड़ी देश में भगा दिया, और तराई में आने न दिया; इसलिये एमोरी हेरेस नाम पहाड़, अरयलोन और शालबीम में बसे ही रहे, तौभी यूसुफ का घराना यहां तक प्रबल हो गया कि वे उनके वश में हो गए।
- Psalm 120:7 भजन संहिता 120:7मैं तो मेल चाहता हूं; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!
- Leviticus 25:42–46 लैव्यव्यवस्था 25:42–46क्योंकि वे मेरे ही दास हैं, जिनको मैं मि देश से निकाल लाया हूं; इसलिये वे दास की रीति से न बेचे जाएं। उस पर कठोरता से अधिकार न करना; अपने परमेश्वर का भय मानते रहना। तेरे जो दास- दासियां हों वे तुम्हारी चारों ओर की जातियों में से हों, और दास और दासियां उन्हीं में से मोल लेना। और जो यात्री लोग तुम्हारे बीच में परदेशी होकर रहेंगे, उन में से और उनके घरानों में से भी जो तुमहारे आस पास हों, और जो तुम्हारे देश में उत्पन्न हुए हों, उन में से तुम दास और दासी मोल लो; और वे तुम्हारा भाग ठहरें। और तुम अपने पुत्रों को भी जो तुम्हारे बाद होंगे उनके अधिकारी कर सकोगे, और वे उनका भाग ठहरें; उन में से तुम सदा अपने लिये दास लिया करना, परन्तु तुम्हारे भाईबन्धु जो इस्त्राएली हों उन पर अपना अधिकार कठोरता से न जताना।।
- Joshua 9:22–23 यहोशू 9:22–23फिर यहोशू ने उनको बुलवाकर कहा, तुम तो हमारे ही बीच में रहते हो, फिर तुम ने हम से यह कहकर क्यों छल किया है, कि हम तुम से बहुत दूर रहते हैं? इसलिये अब तुम शापित हो, और तुम में से ऐसा कोई न रहेगा जो दास, अर्थात् मेरे परमेश्वर के भवन के लिये लकड़हारा और पानी भरनेवाला न हो।
- Joshua 16:10 यहोशू 16:10परन्तु जो कनानी गेजेर में बसे थे उनको एप्रैमियों ने वहां से नहीं निकाला; इसलिये वे कनानी उनके बीच आज के दिन तक बसे हैं, और बेगारी में दास के समान काम करते हैं।।
- Luke 19:14 लूका 19:14परन्तु उसके नगर के रहनेवाले उस से बैर रखते थे, और उसके पीछे दूतों के द्वारा कहला भेजा, कि हम नहीं चाहते, कि यह हम पर राज्य करे।
- Joshua 9:27 यहोशू 9:27परन्तु यहोशू ने उसी दिन उनको मण्डली के लिये, और जो स्थान यहोवा चुन ले उसमें उसकी वेदी के लिये, लकड़हारे और पानी भरनेवाले नियुक्त कर दिया, जैसा आज तक है।।