Psalms · chapter 120 · verse 7
Psalm 120:7 in Hindi
मैं तो मेल चाहता हूं; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!
Maim to mel chaahataa hoom; parantu mere bolate hee, ve ladanaa chaahate haim!
Psalm 120:7 in English
- King James Version (KJV)
- I [am for] peace: but when I speak, they [are] for war.
- World English Bible (WEB)
- I am for peace, but when I speak, they are for war.
- American Standard Version (ASV)
- I am [for] peace: But when I speak, they are for war.
- Bible in Basic English (BBE)
- I am for peace: but when I say so, they are for war.
- Darby Translation (DBY)
- I [am for] peace; but when I speak, they [are] for war.
- Webster's Bible (WBS)
- I [am] for peace: but when I speak, they [are] for war.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I [am] peace, and when I speak they [are] for war!
Read in context
- 5हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!
- 6बहुत काल से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
- 7मैं तो मेल चाहता हूं; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!
Cross references
- Matthew 5:9 मत्ती 5:9धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
- Psalm 109:4 भजन संहिता 109:4मेरे प्रेम के बदले में वे मुझ से विरोध करते हैं, परन्तु में तो प्रार्थना में लवलीन रहता हूं।
- Psalm 34:14 भजन संहिता 34:14बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर।।
- Hebrews 12:14 इब्रानियों 12:14सब से मेल मिलाप रखने, और उस पवित्राता के खोजी हो जिस के बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा।
- Psalm 35:20 भजन संहिता 35:20क्योंकि वे मेल की बातें नहीं बोलते, परन्तु देश में जो चुपचाप रहते हैं, उनके विरूद्व छल की कल्पनाएं करते हैं।
- Romans 12:18 रोमियों 12:18जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।
- Ephesians 2:14–17 इफिसियों 2:14–17क्योंकि वही हमारा मेल है, जिस ने दोनों को एक कर लिया: और अलग करनेवाल दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। और अपने शरीर में बैर अर्थात् वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न करके मेल करा दे। और क्रूस पर बैर को नाश करके इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। और उस ने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल- मिलाप का सुसमाचार सुनाया।
- 1 Samuel 24:9–11 1 शमूएल 24:9–11और दाऊद ने शाऊल से कहा, जो मनुष्य कहते हैं, कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है? देख, आज तू ने अपनी आंखों से देखा है कि यहोवा ने आज गुफा में तुझे मेरे हाथ सौंप दिया था; और किसी किसी ने तो मुझ से तुझे मारने को कहा था, परन्तु मुझे तुझ पर तरस आया; और मैं ने कहा, मैं अपने प्रभु पर हाथ न चलाऊंगा; क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है। फिर, हे मेरे पिता, देख, अपने बागे की छोर मेरे हाथ में देख; मैं ने तेरे बागे की छोर तो काट ली, परन्तु तुझे घात न किया; इस से निश्चय करके जान ले, कि मेरे मन में कोई बुराई वा अपराध का सोच नहीं है। और मैं ने तेरा कुछ अपराध नहीं किया, परन्तु तू मेरे प्राण लेने को मानो उसका अहेर करता रहता है।
- Psalm 55:20 भजन संहिता 55:20उस ने अपने मेल रखनेवालों पर भी हाथ छोड़ा है, उस ने अपनी वाचा को तोड़ दिया है।
- 2 Samuel 20:19 2 शमूएल 20:19मैं तो मेलमिलापवाले और विश्वासयोग्य इस्राएलियों में से हूँ; परन्तु तू एक प्रधन नगर नाश करने का यत्न करता है; तू यहोवा के भाग को क्यों निगल जाएगा?
- 1 Samuel 26:2–4 1 शमूएल 26:2–4तब शाऊल उठकर इस्राएल केतीन हजार छांटे हुए योद्धा संग लिए हुए गया कि दाऊद को जीप के जंगल में खोजे। और शाऊल ने अपनी छावनी मार्ग के पास हकीला नाम पहाड़ी पर जो यशीमोन के साम्हने है डाली। परन्तु दाऊद जंगल में रहा; और उस ने जान लिया, कि शाऊल मेरा पीछा करने केा जंगल में आया है; तब दाऊद ने भेदियों को भेजकर निश्चय कर लिया कि शाऊल सचमुच आ गया है।