Deuteronomy · chapter 27 · verse 12
Deuteronomy 27:12 in Hindi
कि जब तुम यरदन पार हो जाओ तब शिमौन, लेवी, यहूदा, इस्साकार, युसुफ, और बिन्यामीन, ये गिरिज्जीम पहाड़ पर खडे होकर आशीर्वाद सुनाएं।
Ki jab tum yaradan paar ho jaao tab shimaun, levee, yahoodaa, issaakaar, yusuph, aur binyaameen, ye girijjeem pahaad par khade hokar aasheervaad sunaaen.
Deuteronomy 27:12 in English
- King James Version (KJV)
- These shall stand upon mount Gerizim to bless the people, when ye are come over Jordan; Simeon, and Levi, and Judah, and Issachar, and Joseph, and Benjamin:
- World English Bible (WEB)
- “These shall stand on Mount Gerizim to bless the people, when you have crossed over the Jordan: Simeon, Levi, Judah, Issachar, Joseph, and Benjamin.
- American Standard Version (ASV)
- These shall stand upon mount Gerizim to bless the people, when ye are passed over the Jordan: Simeon, and Levi, and Judah, and Issachar, and Joseph, and Benjamin.
- Bible in Basic English (BBE)
- These are to take their places on Mount Gerizim for blessing the people when you have gone over Jordan: Simeon and Levi and Judah and Issachar and Joseph and Benjamin;
- Darby Translation (DBY)
- These shall stand to bless the people upon mount Gerizim, when ye have gone over the Jordan: Simeon, and Levi, and Judah, and Issachar, and Joseph, and Benjamin.
- Webster's Bible (WBS)
- These shall stand upon mount Gerizim to bless the people, when ye have come over Jordan; Simeon, and Levi, and Judah, and Issachar, and Joseph, and Benjamin:
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'These do stand, to bless the people, on mount Gerizzim, in your passing over the Jordan: Simeon, and Levi, and Judah, and Issachar, and Joseph, and Benjamin.
Read in context
- 10इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा की बात मानना, और उसकी जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका पालन करना।
- 11फिर उसी दिन मूसा ने प्रजा के लोगों को यह आज्ञा दी,
- 12कि जब तुम यरदन पार हो जाओ तब शिमौन, लेवी, यहूदा, इस्साकार, युसुफ, और बिन्यामीन, ये गिरिज्जीम पहाड़ पर खडे होकर आशीर्वाद सुनाएं।
- 13और रूबेन, गाद, आशेर, जबूलून, दान, और नप्ताली, ये एबाल पहाड़ पर खड़े होके शाप सुनाएं।
- 14तब लेवीय लोग सब इस्राएली पुरूषों से पुकारके कहें,
Cross references
- Judges 9:7 न्यायियों 9:7इसका समाचार सुनकर योताम गरिज्जीम पहाड़ की चोटी पर जाकर खड़ा हुआ, और ऊंचे स्वर से पुकारा के कहने लगा, हे शकेम के मनुष्यों, मेरी सुनो, इसलिये कि परमेश्वर तुम्हारी सुनें।
- Joshua 8:33–35 यहोशू 8:33–35और वे, क्या देशी क्या परदेशी, सारे इस्राएली अपने वृद्ध लोगों, सरदारों, और न्यायियों समेत यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले लेवीय याजकों के साम्हने उस सन्दूक के इधर उधर खड़े हुए, अर्थात् आधे लोग तो गिरिज्जीम पर्वत के, और आधे एबाल पर्वत के साम्हने खड़े हुए, जैसा कि यहोवा के दास मूसा ने पहिले आज्ञा दी थी, कि इस्राएली प्रजा को आर्शीवाद दिए जाएं। उसके बाद उस ने आशीष और शाप की व्यवस्था के सारे वचन, जैसे जैसे व्यवस्था की पुस्तक में लिखे हुए हैं, वैसे वैसे पढ़ पढ़कर सुना दिए। जितनी बातों की मूसा ने आज्ञा दी थी, उन में से कोई ऐसी बात नहीं रह गई जो यहोशू ने इस्राएली की सारी सभा, और स्त्रियों, और बाल- बच्चों, और उनके साथ रहनेवाले परदेशी लोगों के साम्हने भी पढ़कर न सुनाई।।
- Genesis 30:18 उत्पत्ति 30:18तब लिआ: ने कहा, में ने जो अपने पति को अपनी लौंडी दी, इसलिये परमेश्वर ने मुझे मेरी मंजूरी दी है: सो उस ने उसका नाम इस्साकार रखा।
- Genesis 29:33–35 उत्पत्ति 29:33–35फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ; और उस ने यह कहा कि यह सुनके, कि मै अप्रिय हूं यहोवा ने मुझे यह भी पुत्रा दिया: इसलिये उस ने उसका नाम शिमोन रखा। फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ; और उस ने कहा, अब की बार तो मेरा पति मुझ से मिल जाएगा, क्योंकि उस से मेरे तीन पुत्रा उत्पन्न हुए: इसलिये उसका नाम लेवी रखा गया। और फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक और पुत्रा उत्पन्न हुआ; और उस ने कहा, अब की बार तो मैं यहोवा का धन्यवाद करूंगी, इसलिये उस ने उसका नाम यहूदा रखा; तब उसकी कोख बन्द को गई।।
- Genesis 35:18 उत्पत्ति 35:18तब ऐसा हुआ, कि वह मर गई, और प्राण निकलते निकलते उस ने उस बेटे को नाम बेनोनी रखा: पर उसके पिता ने उसका नाम बिन्यामीन रखा।
- Genesis 30:24 उत्पत्ति 30:24सो उस ने यह कहकर उसका नाम यूसुफ रखा, कि परमेश्वर मुझे एक पुत्रा और भी देगा।
- Deuteronomy 11:26–29 व्यवस्थाविवरण 11:26–29सुनो, मैं आज के दिन तुम्हारे आगे आशीष और शाप दोनों रख देता हूं। अर्थात् यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा की इन आज्ञाओं को जो मैं आज तुम्हे सुनाता हूं मानो, तो तुम पर आशीष होगी, और यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं को नहीं मानोगे, और जिस मार्ग की आज्ञा मैं आज सुनाता हूं उसे तजकर दूसरे देवताओं के पीछे हो लोगे जिन्हें तुम नहीं जानते हो, तो तुम पर शाप पडेग़ा। और जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को उस देश में पहुंचाए जिसके अधिकारी होने को तू जाने पर है, तब आशीष गरीज्जीम पर्वत पर से और शाप एबाल पर्वत पर से सुनाना।
Original words (Hebrew)
- stand · H5975עָמַד ʻâmad
- mount · H2022הַר har
- Gerizim · H1630גְּרִזִים Gᵉrizîym
- bless · H1288בָרַךְ bârak
- people · H5971עַם ʻam
- over · H5674עָבַר ʻâbar
- Jordan · H3383יַרְדֵּן Yardên
- Simeon · H8095שִׁמְעוֹן Shimʻôwn
- Levi · H3878לֵוִי Lêvîy
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- Issachar · H3485יִשָּׂשכָר Yissâˢkâr
- Joseph · H3130יוֹסֵף Yôwçêph
- Benjamin · H1144בִּנְיָמִין Binyâmîyn