Judges · chapter 9 · verse 7
Judges 9:7 in Hindi
इसका समाचार सुनकर योताम गरिज्जीम पहाड़ की चोटी पर जाकर खड़ा हुआ, और ऊंचे स्वर से पुकारा के कहने लगा, हे शकेम के मनुष्यों, मेरी सुनो, इसलिये कि परमेश्वर तुम्हारी सुनें।
Isakaa samaachaar sunakar yotaam garijjeem pahaad kee chotee par jaakar khadaa huaa, aur oonche svar se pukaaraa ke kahane lagaa, he shakem ke manushyom, meree suno, isaliye ki parameshvar tumhaaree sunen.
Judges 9:7 in English
- King James Version (KJV)
- And when they told [it] to Jotham, he went and stood in the top of mount Gerizim, and lifted up his voice, and cried, and said unto them, Hearken unto me, ye men of Shechem, that God may hearken unto you.
- World English Bible (WEB)
- When they told it to Jotham, he went and stood on the top of Mount Gerizim and lifted up his voice, cried out, and said to them, “Listen to me, you men of Shechem, that God may listen to you.
- American Standard Version (ASV)
- And when they told it to Jotham, he went and stood on the top of mount Gerizim, and lifted up his voice, and cried, and said unto them, Hearken unto me, ye men of Shechem, that God may hearken unto you.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now Jotham, on hearing of it, went to the top of Mount Gerizim, and crying out with a loud voice said to them, Give ear to me, you townsmen of Shechem, so that God may give ear to you.
- Darby Translation (DBY)
- And they told it to Jotham, and he went and stood on the top of mount Gerizim, and lifted up his voice, and cried, and said to them, Hearken to me, ye citizens of Shechem, that God may hearken to you.
- Webster's Bible (WBS)
- And when they told [it] to Jotham, he went and stood in the top of mount Gerizim, and lifted up his voice and cried, and said to them, Hearken to me, ye men of Shechem, that God may hearken to you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they declare [it] to Jotham, and he goeth and standeth on the top of mount Gerizim, and lifteth up his voice, and calleth, and saith to them, 'Hearken unto me, O masters of Shechem, and God doth hearken unto you:
Read in context
- 5तब उस ने ओप्रा में अपने पिता के घर जाके अपने भाइयों को जो यरूब्बाल के सत्तर पुत्रा थे एक ही पत्थर पर घात किया; परन्तु यरूब्बाल का योताम नाम लहुरा पुत्रा छिपकर बच गया।।
- 6तब शकेम के सब मनुष्यों और बेतमिल्लो के सब लोगों ने इकट्ठे होकर शकेम के खम्भे से पासवाले बांजवृक्ष के पास अबीमेलेक को राजा बनाया।
- 7इसका समाचार सुनकर योताम गरिज्जीम पहाड़ की चोटी पर जाकर खड़ा हुआ, और ऊंचे स्वर से पुकारा के कहने लगा, हे शकेम के मनुष्यों, मेरी सुनो, इसलिये कि परमेश्वर तुम्हारी सुनें।
- 8किसी युग में वृक्ष किसी का अभिषेक करके अपने ऊपर राजा ठहराने को चले; तब उन्हों ने जलपाई के वृक्ष से कहा, तू हम पर राज्य कर।
- 9तब जलपाई के वृक्ष ने कहा, क्या मैं अपनी उस चिकनाहट को छोड़कर, जिस से लोग परमेश्वर और मनुष्य दोनों का आदर मान करते हैं, वृक्षों का अधिकारी होकर इधर उधर डोलने को चलूं?
Cross references
- Deuteronomy 11:29 व्यवस्थाविवरण 11:29और जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को उस देश में पहुंचाए जिसके अधिकारी होने को तू जाने पर है, तब आशीष गरीज्जीम पर्वत पर से और शाप एबाल पर्वत पर से सुनाना।
- John 4:20 यूहन्ना 4:20हमारे बापदादों ने उसी पहाड़ पर भजन किया: और तुम कहते हो कि वह जगह जहां भजन करना चाहिए यरूशलेम में है।
- Proverbs 28:9 नीतिवचन 28:9जो अपना कान व्यवस्था सुनने से फेर लेता है, उसकी प्रार्थना घृणित ठहरती है।
- Deuteronomy 27:12 व्यवस्थाविवरण 27:12कि जब तुम यरदन पार हो जाओ तब शिमौन, लेवी, यहूदा, इस्साकार, युसुफ, और बिन्यामीन, ये गिरिज्जीम पहाड़ पर खडे होकर आशीर्वाद सुनाएं।
- Isaiah 1:15 यशायाह 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- Psalm 50:15–21 भजन संहिता 50:15–21और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।। परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मरी वाचा की चर्चा क्यों करता है? तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जातना है। जब तू ने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।। तू ने अपना मुंह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है। तू बैठा हुआ अपने भाई के विरूद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है। यह काम तू ने किया, और मैं चुप रहा; इसलिये तू ने समझ लिया कि परमेश्वर बिलकुल मेरे साम्हने है। परन्तु मैं तुझे समझाऊंगा, और तेरी आंखों के साम्हने सब कुछ अलग अलग दिखाऊंगा।।
- Joshua 8:33 यहोशू 8:33और वे, क्या देशी क्या परदेशी, सारे इस्राएली अपने वृद्ध लोगों, सरदारों, और न्यायियों समेत यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले लेवीय याजकों के साम्हने उस सन्दूक के इधर उधर खड़े हुए, अर्थात् आधे लोग तो गिरिज्जीम पर्वत के, और आधे एबाल पर्वत के साम्हने खड़े हुए, जैसा कि यहोवा के दास मूसा ने पहिले आज्ञा दी थी, कि इस्राएली प्रजा को आर्शीवाद दिए जाएं।
- Proverbs 1:28–29 नीतिवचन 1:28–29उस समय वे मुझे पुकारेंगे, और मैं न सुनूंगी; वे मुझे यत्न से तो ढूंढ़ेंगे, परन्तु न पाएंगे। क्योंकि उन्हों ने ज्ञान से बैर किया, और यहोवा का भय मानना उनको न भाया।
- Proverbs 21:13 नीतिवचन 21:13जो कंगाल की दोहाई पर कान न दे, वह आप पुकारेगा और उसकी सुनी न जाएगी।
- Psalm 18:40–41 भजन संहिता 18:40–41तू ने मेरे शत्रुओं की पीठ मेरी ओर फेर दी, ताकि मैं उनको काट डालूं जो मुझ से द्वेष रखते हैं। उन्हों ने दोहाई तो दी परन्तु उन्हें कोई भी बचानेवाला न मिला, उन्हों ने यहोवा की भी दोहाई दी, परन्तु उस ने भी उनको उत्तर न दिया।
- Matthew 18:26–34 मत्ती 18:26–34इस पर उस दास ने गिरकर उसे प्रणाम किया, और कहा; हे स्वामी, धीरज धर, मैं सब कुछ भर दूंगा। तब उस दास के स्वामी ने तरस खाकर उसे छोड़ दिया, और उसका धार क्षमा किया। परन्तु जब वह दास बाहर निकला, तो उसके संगी दासों में से एक उस को मिला, जो उसके सौ दीनार धारता था; उस ने उसे पकड़कर उसका गला घोंटा, और कहा; जो कुछ तू धारता है भर दे। इस पर उसका संगी दास गिरकर, उस से बिनती करने लगा; कि धीरज धर मैं सब भर दूंगा। उस ने न माना, परन्तु जाकर उसे बन्दीगृह में डाल दिया; कि जब तक कर्ज को भर न दे, तब तक वहीं रहे। उसके संगी दास यह जो हुआ था देखकर बहुत उदास हुए, और जाकर अपने स्वामी को पूरा हाल बता दिया। तब उसके स्वामी ने उस को बुलाकर उस से कहा, हे दुष्ट दास, तू ने जो मुझ से बिनती की, तो मैं ने तो तेरा वह पूरा कर्ज क्षमा किया। सो जैसा मैं ने तुझ पर दया की, वैसे ही क्या तुझे भी अपने संगी दास पर दया करना नहीं चाहिए था? और उसके स्वामी ने क्रोध में आकर उसे दण्ड देनेवालों के हाथ में सौंप दिया, कि जब तक वह सब कर्जा भर न दे, तब तक उन के हाथ में रहे।
- James 2:13 याकूब 2:13क्योंकि जिस ने दया नहीं की, उसका न्याय बिना दया के होगा: दया न्याय पर जयवन्त होती है।।
Original words (Hebrew)
- told · H5046נָגַד nâgad
- Jotham · H3147יוֹתָם Yôwthâm
- went · H3212יָלַךְ yâlak
- stood · H5975עָמַד ʻâmad
- top · H7218רֹאשׁ rôʼsh
- mount · H2022הַר har
- Gerizim · H1630גְּרִזִים Gᵉrizîym
- up · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- voice · H6963קוֹל qôwl
- cried · H7121קָרָא qârâʼ
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Hearken · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- men · H1167בַּעַל baʻal
- Shechem · H7927שְׁכֶם Shᵉkem
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- hearken · H8085שָׁמַע shâmaʻ