Deuteronomy · chapter 27 · verse 13
Deuteronomy 27:13 in Hindi
और रूबेन, गाद, आशेर, जबूलून, दान, और नप्ताली, ये एबाल पहाड़ पर खड़े होके शाप सुनाएं।
Aur rooben, gaad, aasher, jabooloon, daan, aur naptaalee, ye ebaal pahaad par khade hoke shaap sunaaen.
Deuteronomy 27:13 in English
- King James Version (KJV)
- And these shall stand upon mount Ebal to curse; Reuben, Gad, and Asher, and Zebulun, Dan, and Naphtali.
- World English Bible (WEB)
- These shall stand on Mount Ebal for the curse: Reuben, Gad, Asher, Zebulun, Dan, and Naphtali.
- American Standard Version (ASV)
- And these shall stand upon mount Ebal for the curse: Reuben, Gad, and Asher, and Zebulun, Dan, and Naphtali.
- Bible in Basic English (BBE)
- And these are to be on Mount Ebal for the curse: Reuben, Gad, and Asher, and Zebulun, Dan, and Naphtali.
- Darby Translation (DBY)
- And these shall stand upon mount Ebal to curse: Reuben, Gad, and Asher, and Zebulun, Dan, and Naphtali.
- Webster's Bible (WBS)
- And these shall stand upon mount Ebal to curse; Reuben, Gad, and Asher, and Zebulun, Dan, and Naphtali.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And these do stand, for the reviling, on mount Ebal: Reuben, Gad, and Asher, and Zebulun, Dan, and Naphtali.
Read in context
- 11फिर उसी दिन मूसा ने प्रजा के लोगों को यह आज्ञा दी,
- 12कि जब तुम यरदन पार हो जाओ तब शिमौन, लेवी, यहूदा, इस्साकार, युसुफ, और बिन्यामीन, ये गिरिज्जीम पहाड़ पर खडे होकर आशीर्वाद सुनाएं।
- 13और रूबेन, गाद, आशेर, जबूलून, दान, और नप्ताली, ये एबाल पहाड़ पर खड़े होके शाप सुनाएं।
- 14तब लेवीय लोग सब इस्राएली पुरूषों से पुकारके कहें,
- 15कि शापित हो वह मनुष्य जो कोई मूर्त्ति कारीगर से खुदवाकर वा ढलवाकर निराले स्थान में स्थापन करे, क्योंकि इस से यहोवा को घृणा लगती है। तब सब लोग कहें, आमीन।।
Cross references
- Deuteronomy 27:4 व्यवस्थाविवरण 27:4फिर जिन पत्थरों के विषय में मैं ने आज आज्ञा दी है, उन्हें तुम यरदन के पार होकर एबाल पहाड़ पर खड़ा करना, और उन पर चूना पोतना।
- Genesis 30:6–13 उत्पत्ति 30:6–13और राहेल ने कहा, परमेश्वर ने मेरा न्याय चुकाया और मेरी सुनकर मुझे एक पुत्रा दिया: इसलिये उस ने उसका नाम दान रखा। और राहेल की लौंडी बिल्हा फिर गर्भवती हुई और याकूब से एक पुत्रा और उत्पन्न हुआ। तब राहेल ने कहा, मैं ने अपनी बहिन के साथ बड़े बल से लिपटकर मल्लयुद्ध किया और अब जीत गई: सो उस ने उसका नाम नप्ताली रखा। जब लिआ: ने देखा कि मैं जनने से रहित हो गई हूं, तब उस ने अपनी लौंडी जिल्पा को लेकर याकूब की पत्नी होने के लिये दे दिया। और लिआ: की लौंडी जिल्पा के भी याकूब से एक पुत्रा उत्पन्न हुआ। तब लिआ: ने कहा, अहो भाग्य! सो उस ने उसका नाम गाद रखा। फिर लिआ: की लौंडी जिल्पा के याकूब से एक और पुत्रा उत्पन्न हुआ। तब लिआ: ने कहा, मै धन्य हूं; निश्चय स्त्रियां मुझे धन्य कहेंगी: सो उस ने उसका नाम आशेर रखा।
- Genesis 29:32 उत्पत्ति 29:32सो लिआ: गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ, और उस ने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, कि यहोवा ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है: सो अब मेरा पति मुझ से प्रीति रखेगा।
- Joshua 8:33 यहोशू 8:33और वे, क्या देशी क्या परदेशी, सारे इस्राएली अपने वृद्ध लोगों, सरदारों, और न्यायियों समेत यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले लेवीय याजकों के साम्हने उस सन्दूक के इधर उधर खड़े हुए, अर्थात् आधे लोग तो गिरिज्जीम पर्वत के, और आधे एबाल पर्वत के साम्हने खड़े हुए, जैसा कि यहोवा के दास मूसा ने पहिले आज्ञा दी थी, कि इस्राएली प्रजा को आर्शीवाद दिए जाएं।
- Genesis 49:3–4 उत्पत्ति 49:3–4हे रूबेन, तू मेरा जेठा, मेरा बल, और मेरे पौरूष का पहिला फल है; प्रतिष्ठा का उत्तम भाग, और शक्ति का भी उत्तम भाग तू ही है। तू जो जल की नाईं उबलनेवाला है, इसलिये औरों से श्रेष्ठ न ठहरेगा; क्योंकि तू अपने पिता की खाट पर चढ़ा, तब तू ने उसको अशुद्ध किया; वह मेरे बिछौने पर चढ़ गया।।
- Genesis 30:20 उत्पत्ति 30:20तब लिआ: ने कहा, परमेश्वर ने मुझे अच्छा दान दिया है; अब की बार मेरा पति मेरे संग बना रहेगा, क्योंकि मेरे उस से छ: पुत्रा उत्पन्न चुके हैं: से उस ने उसका नाम जबूलून रखा।
- Deuteronomy 11:29 व्यवस्थाविवरण 11:29और जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को उस देश में पहुंचाए जिसके अधिकारी होने को तू जाने पर है, तब आशीष गरीज्जीम पर्वत पर से और शाप एबाल पर्वत पर से सुनाना।