Deuteronomy · chapter 33 · verse 16
Deuteronomy 33:16 in Hindi
और पृथ्वी और जो अनमोल पदार्थ उस में भरे हैं, और जो झाड़ी में रहता था उसकी प्रसन्नता। इन सभों के विषय में यूसुफ के सिर पर, अर्थात् उसी के सिर के चांद पर जो अपने भाइयों से न्यारा हुआ था आशीष ही आशीष फले।।
Aur pruthvee aur jo anamol padaarth us mem bhare haim, aur jo jhaadee mem rahataa thaa usakee prasannataa. In sabhom ke vishay mem yoosuph ke sir par, arthaat usee ke sir ke chaand par jo apane bhaaiyom se nyaaraa huaa thaa aasheesh hee aasheesh phale..
Deuteronomy 33:16 in English
- King James Version (KJV)
- And for the precious things of the earth and fulness thereof, and [for] the good will of him that dwelt in the bush: let [the blessing] come upon the head of Joseph, and upon the top of the head of him [that was] separated from his brethren.
- World English Bible (WEB)
- for the precious things of the earth and its fullness, the good will of him who lived in the bush. Let this come on the head of Joseph, on the crown of the head of him who was separated from his brothers.
- American Standard Version (ASV)
- And for the precious things of the earth and the fulness thereof, And the good will of him that dwelt in the bush. Let [the blessing] come upon the head of Joseph, And upon the crown of the head of him that was separate from his brethren.
- Bible in Basic English (BBE)
- The good things of the earth and all its wealth, the good pleasure of him who was seen in the burning tree: may they come on the head of Joseph, on the head of him who was prince among his brothers.
- Darby Translation (DBY)
- And by the precious things of the earth and the fulness thereof. And let the good will of him that dwelt in the bush Come upon the head of Joseph, Upon the top of the head of him that was separated from his brethren.
- Webster's Bible (WBS)
- And for the precious things of the earth and fullness of it, and [for] the good will of him that dwelt in the bush; let [the blessing] come upon the head of Joseph, and upon the top of the head of him that was separated from his brethren.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And by precious things — of earth and its fulness, And the good pleasure Of Him who is dwelling in the bush, — Let it come for the head of Joseph, And for the crown of him Who is separate from his brethren.
Read in context
- 14और सूर्य के पकाए हुए अनमोल फल, और जो अनमोल पदार्थ चंद्रमा के उगाए उगते हैं,
- 15और प्राचीन पहाड़ों के उत्तम पदार्थ, और सनातन पहाड़ियों के अनमोल पदार्थ,
- 16और पृथ्वी और जो अनमोल पदार्थ उस में भरे हैं, और जो झाड़ी में रहता था उसकी प्रसन्नता। इन सभों के विषय में यूसुफ के सिर पर, अर्थात् उसी के सिर के चांद पर जो अपने भाइयों से न्यारा हुआ था आशीष ही आशीष फले।।
- 17वह प्रतापी है, मानो गया का पहिलौठा है, और उसके सींग बनैले बैल के से हैं; उन से वह देश देश के लोगों को, वरन पृथ्वी के छोर तक के सब मनुष्यों को ढकेलेगा; वे एप्रैम के लाखों लाख, और मनश्शे के हजारों हजार हैं।।
- 18फिर जबूलून के विषय में उस ने कहा, हे जबूलून, तू बाहर निकलते समय, और हे इस्साकार, तू अपने डेरों में आनन्द करे।।
Cross references
- Exodus 3:2–4 निर्गमन 3:2–4और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उस ने दृष्टि उठाकर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती। तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती। जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा।
- Acts 7:35 प्रेरितों के काम 7:35जिस मूसा को उन्होंने यह कहकर नकारा था कि तुझे किस ने हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया है; उसी को परमेश्वर ने हाकिम और छुड़ाने वाला ठहरा कर, उस स्वर्ग दूत के द्वारा जिस ने उसे झाड़ी में दर्शन दिया था, भेजा।
- Genesis 49:26 उत्पत्ति 49:26तेरे पिता के आशीर्वाद मेरे पितरों के आशीर्वाद से अधिक बढ़ गए हैं और सनातन पहाड़ियों की मन- चाही वस्तुओं की नाई बने रहेंगे: वे यूसुफ के सिर पर, जो अपने भाइयों में से न्यारा हुआ, उसी के सिर के मुकुट पर फूले फलेंगे।।
- Psalm 24:1 भजन संहिता 24:1पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करनेवाले भी।
- Mark 12:26 मरकुस 12:26मरे हुओं के जी उठने के विषय में क्या तुम ने मूसा की पुस्तक में झाड़ी की कथा में नही पढ़ा, कि परमेश्वर ने उस से कहा, मैं इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं?
- Genesis 37:28 उत्पत्ति 37:28सो यूसुफ के भाइयों ने उसको उस गड़हे में से खींचके बाहर निकाला, और इश्माएलियों के हाथ चांदी के बीस टुकड़ों में बेच दिया: और वे यूसुफ को मि में ले गए।
- Genesis 37:36 उत्पत्ति 37:36और मिद्यानियों ने यूसुफ को मि में ले जाकर पोतीपर नाम, फिरौन के एक हाकिम, और जल्लादों के प्रधान, के हाथ बेच डाला।।
- Genesis 43:32 उत्पत्ति 43:32तब उन्हों ने उसके लिये तो अलग, और भाइयों के लिये भी अलग, और जो मिद्दी उसके संग खाते थे, उनके लिये भी अलग, भोजन परोसा; इसलिये कि मिद्दी इब्रियों के साथ भोजन नहीं कर सकते, वरन मिद्दी ऐसा करना घृणा समझते थे।
- Genesis 39:2–3 उत्पत्ति 39:2–3और यूसुफ अपने मिद्दी स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; सो वह भाग्यवान् पुरूष हो गया। और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सुफल कर देता है।
- Psalm 50:12 भजन संहिता 50:12यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत् और जो कुछ उस में है वह मेरा है।
- Acts 7:30–33 प्रेरितों के काम 7:30–33जब पूरे चालीस वर्ष बीत गए, तो एक स्वर्ग दूत ने सीनै पहाड़ के जंगल में उसे जलती हुई झाड़ी की ज्वाला में दर्शन दिया। मूसा ने उस दर्शन को देखकर अचम्भा किया, और जब देखने के लिये पास गया, तो प्रभु का यह शब्द हुआ। कि मैं तेरे बाप दादों, इब्राहीम, इसहाक और याकूब का परमेश्वर हूं: तब तो मूसा कांप उठा, यहां तक कि उसे देखने का हियाव न रहा। तब प्रभु ने उस से कहा; अपने पावों से जूती उतार ले, क्योंकि जिस जगह तू खड़ा है, वह पवित्र भूमि है।
- Psalm 89:11 भजन संहिता 89:11आकाश तेरा है, पृथ्वी भी तेरी है; जगत और जो कुछ उस में है, उसे तू ही ने स्थिर किया है।
Original words (Hebrew)
- things · H4022מֶגֶד meged
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- fulness · H4393מְלֹא mᵉlôʼ
- will · H7522רָצוֹן râtsôwn
- dwelt · H7931שָׁכַן shâkan
- bush · H5572סְנֶה çᵉneh
- come · H935בּוֹא bôwʼ
- head · H7218רֹאשׁ rôʼsh
- Joseph · H3130יוֹסֵף Yôwçêph
- head · H6936קׇדְקֹד qodqôd
- separated · H5139נָזִיר nâzîyr
- brethren · H251אָח ʼâch