Ecclesiastes · chapter 5 · verse 11
Ecclesiastes 5:11 in Hindi
जब सम्पत्ति बढ़ती है, तो उसके खानेवाले भी बढ़ते हैं, तब उसके स्वामी को इसे छोड़ और क्या लाभ होता है कि उस सम्पत्ति को अपनी आंखों से देखे?
Jab sampatti badhatee hai, to usake khaanevaale bhee badhate haim, tab usake svaamee ko ise chhod aur kyaa laabh hotaa hai ki us sampatti ko apanee aankhom se dekhe?
Ecclesiastes 5:11 in English
- King James Version (KJV)
- When goods increase, they are increased that eat them: and what good [is there] to the owners thereof, saving the beholding [of them] with their eyes?
- World English Bible (WEB)
- When goods increase, those who eat them are increased; and what advantage is there to its owner, except to feast on them with his eyes?
- American Standard Version (ASV)
- When goods increase, they are increased that eat them; and what advantage is there to the owner thereof, save the beholding [of them] with his eyes?
- Bible in Basic English (BBE)
- When goods are increased, the number of those who take of them is increased; and what profit has the owner but to see them?
- Darby Translation (DBY)
- When goods increase, they are increased that eat them; and what profit is there to the owner thereof, except the beholding [of them] with his eyes?
- Webster's Bible (WBS)
- When goods increase, they are increased that eat them: and what good [is there] to the owners of them, saving the beholding [of them] with their eyes?
- Young's Literal Translation (YLT)
- In the multiplying of good have its consumers been multiplied, and what benefit [is] to its possessor except the sight of his eyes?
Read in context
- 9भूमि की उपज सब के लिये है, वरन खेती से राजा का भी काम निकलता है।
- 10जो रूपये से प्रीति रखता है वह रूपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से: यह भी व्यर्थ है।
- 11जब सम्पत्ति बढ़ती है, तो उसके खानेवाले भी बढ़ते हैं, तब उसके स्वामी को इसे छोड़ और क्या लाभ होता है कि उस सम्पत्ति को अपनी आंखों से देखे?
- 12परिश्रम करनेवाला चाहे थोड़ा खाए, या बहुत, तौभी उसकी नींद सुखदाई होती है; परन्तु धनी के धन के बढ़ने के कारण उसको नींद नहीं आती।
- 13मैं ने धरती पर एक बड़ी बुरी बला देखी है; अर्थात् वह धन जिसे उसके मालिक ने अपनी ही हानि के लिये रखा हो,
Cross references
- 1 John 2:16 1 यूहन्ना 2:16क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है।
- Habakkuk 2:13 हबक्कूक 2:13देखो, क्या सेनाओं के यहोवा की ओर से यह नहीं होता कि देश देश के लोग परिश्रम तो करते हैं परन्तु वे आग का कौर होते हैं; और राज्य- राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ही ठहरता है?
- Psalm 119:36–37 भजन संहिता 119:36–37मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे। मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला।
- Proverbs 23:5 नीतिवचन 23:5क्या तू अपनी दृष्टि उस वस्तु पर लगाएगा, जो है ही नहीं? वह उकाब पक्षी की नाईं पंख लगाकर, नि:सन्देह आकाश की ओर उड़ जाता है।
- Ecclesiastes 6:9 सभोपदेशक 6:9आंखों से देख लेना मन की चंचलता से उत्तम है: यह भी व्यर्थ और मन का कुढना है।
- 1 Kings 5:13–16 1 राजा 5:13–16और राजा सुलैमान ने पूरे इस्राएल में से तीन हज़ार पुरुष बेगार लगाए, और उन्हें लबानोन पहाड़ पर पारी पारी करके, महीने महीने दस हज़ार भेज दिया करता था और एक महीना तो वे लबानोन पर, और दो महीने घर पर रहा करते थे; और बेगारियों के ऊपर अदोनीराम ठहराया गया। और सुलैमान के सत्तर हज़ार बोझ ढोने वाले और पहाड़ पर अस्सी हज़ार वृक्ष काटने वाले और पत्थर निकालने वाले थे। इन को छोड़ सुलैमान के तीन हज़ार तीन सौ मुखिये थे, जो काम करने वालों के ऊपर थे।
- Genesis 12:16 उत्पत्ति 12:16और उस ने उसके कारण अब्राम की भलाई की; सो उसको भेड़- बकरी, गाय- बैल, दास- दासियां, गदहे- गदहियां, और ऊंट मिले।
- Genesis 13:5–7 उत्पत्ति 13:5–7और लूत के पास भी, जो अब्राम के साथ चलता था, भेड़- बकरी, गाय- बैल, और तम्बू थे। सो उस देश में उन दोनों की समाई न हो सकी कि वे इकट्ठे रहें: क्योंकि उनके पास बहुत धन था इसलिये वे इकट्ठे न रह सके। सो अब्राम, और लूत की भेड़- बकरी, और गाय- बैल के चरवाहों के बीच में झगड़ा हुआ: और उस समय कनानी, और परिज्जी लोग, उस देश में रहते थे।
- Joshua 7:21–25 यहोशू 7:21–25कि जब मुझे लूट में शिनार देश का एक सुन्दर ओढ़ना, और दो सौ शेकेल चांदी, और पचास शेकेल सोने की एक ईट देख पड़ी, तब मैं ने उनका लालच करके उन्हें रख लिया; वे मेरे डेरे के भीतर भूमि में गड़े हैं, और सब के नीचे चांदी है। तब यहोशू ने दूत भेजे, और वे उस डेरे में दौड़े गए; और क्या देखा, कि वे वस्तुएं उसके डेरे में गड़ी हैं, और सब के नीचे चांदी है। उनको उन्हों ने डेरे में से निकालकर यहोशू और सब इस्राएलियों के पास लाकर यहोवा के साम्हने रख दिया। तब सब इस्राएलियों समेत यहोशू जेरहवंशी आकान को, और उस चांदी और ओढ़ने और सोने की ईंट को, और उसके बेटे- बेटियों को, और उसके बैलों, गदहों और भेड़- बकरियों को, और उसके डेरे को, निदान जो कुछ उसका था उन सब को आकोर नाम तराई में ले गया। तब यहोशू ने उस से कहा, तू ने हमें क्यों कष्ट दिया है? आज के दिन यहोवा तुझी को कष्ट देगा। तब सब इस्राएलियों ने उसको पत्थरवाह किया; और उनको आग में डालकर जलाया, और उनके ऊपर पत्थर डाल दिए।
- Ecclesiastes 11:9 सभोपदेशक 11:9हे जवान, अपनी जवानी में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों के मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आंखों की दृष्टि के अनुसार चल। परन्तु यह जान रख कि इन सब बातों के विषय में परमेश्वर तेरा न्याय करेगा।।
- Genesis 13:2 उत्पत्ति 13:2अब्राम भेड़- बकरी, गाय- बैल, और सोने- रूपे का बड़ा धनी था।
- Nehemiah 5:17–18 नहेमायाह 5:17–18फिर मेरी मेज पर खानेवाले एक सौ पचास यहूदी और हाकिम और वे भी थे, जो चारों ओर की अन्यजातियों में से हमारे पास आए थे। और जो प्रतिदिन के लिये तैयार किया जाता था वह एक बैल, छे अच्छी अच्छी भेड़ें व बकरियां थीं, और मेरे लिये चिड़ियें भी तैयार की जाती थीं; दस दस दिन के बाद भांति भांति का बहुत दाखमधु भी तैयार किया जाता था; परन्तु तौभी मैं ने अधिपति के हक का भोज नहीं लिया,