Ecclesiastes · chapter 6 · verse 10
Ecclesiastes 6:10 in Hindi
जो कुछ हुआ है उसका नाम युग के आरम्भ से रखा गया है, और यह प्रगट है कि वह आदमी है, कि वह उस से जो उस से अधिक शक्तिमान है झगड़ा नहीं कर सकता है।
Jo kuchh huaa hai usakaa naam yug ke aarambh se rakhaa gayaa hai, aur yah pragat hai ki vah aadamee hai, ki vah us se jo us se adhik shaktimaan hai jhagadaa naheem kar sakataa hai.
Ecclesiastes 6:10 in English
- King James Version (KJV)
- That which hath been is named already, and it is known that it [is] man: neither may he contend with him that is mightier than he.
- World English Bible (WEB)
- Whatever has been, its name was given long ago; and it is known what man is; neither can he contend with him who is mightier than he.
- American Standard Version (ASV)
- Whatsoever hath been, the name thereof was given long ago; and it is known what man is; neither can he contend with him that is mightier than he.
- Bible in Basic English (BBE)
- That which is, has been named before, and of what man is there is knowledge. He has no power against one stronger than he.
- Darby Translation (DBY)
- That which is hath already been named; and what man is, is known, and that he cannot contend with him that is mightier than he.
- Webster's Bible (WBS)
- That which hath been is named already, and it is known that it [is] man: neither may he contend with him that is mightier than he.
- Young's Literal Translation (YLT)
- What [is] that which hath been? already is its name called, and it is known that it [is] man, and he is not able to contend with him who is stronger than he.
Read in context
- 8जो बुद्धिमान है वह मूर्ख से किस बात में बढ़कर है? और कंगाल जो यह जानता है कि इस जीवन में किस प्रकार से चलना चाहिये, वह भी उस से किस बात में बढ़कर है?
- 9आंखों से देख लेना मन की चंचलता से उत्तम है: यह भी व्यर्थ और मन का कुढना है।
- 10जो कुछ हुआ है उसका नाम युग के आरम्भ से रखा गया है, और यह प्रगट है कि वह आदमी है, कि वह उस से जो उस से अधिक शक्तिमान है झगड़ा नहीं कर सकता है।
- 11बहुत सी ऐसी बातें हैं जिनके कारण जीवन और भी व्यर्थ होता है तो फिर मनुष्य को क्या लाभ?
- 12क्योंकि मनुष्य के क्षणिक व्यर्थ जीवन में जो वह परछाई की नाई बिताता है कौन जानता है कि उसके लिये अच्छा क्या है? क्योंकि मनुष्य को कौन बता सकता है कि उसके बाद दुनिया में क्या होगा?
Cross references
- Job 9:32 अय्यूब 9:32क्योंकि वह मेरे तुल्य मनुष्य नहीं है कि मैं उस से वादविवाद कर सकूं, और हम दोनों एक दूसरे से मुक़ मा लड़ सकें।
- Isaiah 45:9–10 यशायाह 45:9–10हाय उस पर जो अपने रचनेवाले से झगड़ता है! वह तो मिट्टी के ठीकरों में से एक ठीकरा ही है! क्या मिट्टी कुम्हार से कहेगी, तू यह क्या करता है? क्या कारीगर का बनाया हुआ कार्य उसके विषय कहेगा कि उसके हाथ नहीं है? हाय उस पर जो अपने पिता से कहे, तू क्या जन्माता है? और मां से कहे, तू किस की माता है?
- Job 40:2 अय्यूब 40:2क्या जो बकवास करता है वह सर्वशक्तिमान से झगड़ा करे? जो ईश्वर से विवाद करता है वह इसका उत्तर दे।
- Job 33:13 अय्यूब 33:13तू उस से क्यों झगड़ता है? क्योंकि वह अपनी किसी बात का लेखा नहीं देता।
- Romans 9:19–20 रोमियों 9:19–20सो तू मुझ से कहेगा, वह फिर क्यों दोष लगाता है? कौन उस की इच्छा का साम्हना करता हैं? हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?
- Genesis 3:17–19 उत्पत्ति 3:17–19और आदम से उस ने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मै ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा: और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा; और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।
- Ecclesiastes 3:15 सभोपदेशक 3:15जो कुछ हुआ वह इस से पहिले भी हो चुका; जो होनेवाला है, वह हो भी चुका है; और परमेश्वर बीती हुई बात को फिर पूछता है।
- Jeremiah 49:19 यिर्मयाह 49:19देखो, वह सिंह की नाई यरदन के आस पास के घने जंगलों से सदा की चराई पर चढ़ेगा, और मैं उनको उसके साम्हने से झट भगा दूंगा; तब जिसको मैं चुन लूं, उसको उन पर अधिकारी ठहराऊंगा। मेरे तुल्य कौन है? और कौन मुझ पर मुक़ मा चलाएगा? वह चरवाहा कहां है जो मेरा साम्हना कर सकेगा?
- Psalm 82:6–7 भजन संहिता 82:6–7मैं ने कहा था कि तुम ईश्वर हो, और सब के सब परमप्रधान के पुत्रा हो; तौभी तुम मनुष्यों की नाई मरोगे, और किसी प्रधान के समान गिर जाओगे।।
- Psalm 39:6 भजन संहिता 39:6सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
- Ecclesiastes 1:9–11 सभोपदेशक 1:9–11जो कुछ हुआ था, वही फिर होगा, और जो कुछ बन चुका है वही फिर बनाया जाएगा; और सूर्य के नीचे कोई बात नई नहीं है। क्या ऐसी कोई बात है जिसके विषय में लोग कह सकें कि देख यह नई है? यह तो प्राचीन युगों में वर्तमान थी। प्राचीन बातों का कुछ स्मरण नहीं रहा, और होनेवाली बातों का भी स्मरण उनके बाद होनेवालों को न रहेगा।।
- Job 14:1–4 अय्यूब 14:1–4मनुष्य जो स्त्री से उत्मन्न होता है, वह थेड़े दिनों का और दुख से भरा रहता है। वह फूल की नाई खिलता, फिर तोड़ा जाता हे; वह छाया की रीति पर ढल जाता, और कहीं ठहरता नहीं। फिर क्या तू ऐसे पर दृष्टि लगाता है? क्या तू मुझे अपने साथ कचहरी में घसीटता है? अशुठ्ठ वस्तु से शुठ्ठ वस्तु को कौन निकाल सकता है? कोई नहीं।