Ecclesiastes · chapter 7 · verse 5
Ecclesiastes 7:5 in Hindi
मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है।
Moorkhom ke geet sunane se buddhimaan kee ghudakee sunanaa uttam hai.
Ecclesiastes 7:5 in English
- King James Version (KJV)
- [It is] better to hear the rebuke of the wise, than for a man to hear the song of fools.
- World English Bible (WEB)
- It is better to hear the rebuke of the wise than for a man to hear the song of fools.
- American Standard Version (ASV)
- It is better to hear the rebuke of the wise, than for a man to hear the song of fools.
- Bible in Basic English (BBE)
- It is better to take note of the protest of the wise, than for a man to give ear to the song of the foolish.
- Darby Translation (DBY)
- It is better for a man to hear the rebuke of the wise, than to hear the song of fools.
- Webster's Bible (WBS)
- [It is] better to hear the rebuke of the wise, than for a man to hear the song of fools.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Better to hear a rebuke of a wise man, Than [for] a man to hear a song of fools,
Read in context
- 3हंसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुंह पर के शोक से मन सुधरता है।
- 4बुद्धिमानों का मन शोक करनेवालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करनेवालों के घर लगा रहता है।
- 5मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है।
- 6क्योंकि मूर्ख की हंसी हांडी के नीचे जलते हुए कांटो ही चरचराहट के समान होती है; यह भी व्यर्थ है।
- 7निश्चय अन्धेर से बुद्धिमान बावला हो जाता है; और घूस से बुद्धि नाश होती है।
Cross references
- Proverbs 15:31–32 नीतिवचन 15:31–32जो जीवनदायी डांट कान लगाकर सुनता है, वह बुद्धिमानों के संग ठिकाना पाता है। जो शिक्षा को सुनी- अनसुनी करता, वह अपने प्राण को तुच्छ जानता है, परन्तु जो डांट को सुनता, वह बुद्धि प्राप्त करता है।
- Psalm 141:5 भजन संहिता 141:5धर्मी मुझ को मारे तो यह कुपा मानी जाएगी, और वह मुझे ताड़ना दे, तो यह मेरे सिर पर का लेत ठहरेगा; मेरा सिर उस से इन्कार न करेगा।। लोगों के बुरे काम करने पर भी मैं प्रार्थना में लवलीन रहूंगा।
- Revelation 3:19 प्रकाशितवाक्य 3:19मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा।
- Proverbs 13:18 नीतिवचन 13:18जो शिक्षा को सुनी- अनसुनी करता वह निर्धन होता और अपमान पाता है, परन्तु जो डांट को मानता, उसकी महिमा होती है।
- Proverbs 9:8 नीतिवचन 9:8ठट्ठा करनेवाले को न डांट ऐसा न हो कि वह तुझ से बैर रखे, बुद्धिमान को डांट, वह तो तुझ से प्रेम रखेगा।
- Proverbs 17:10 नीतिवचन 17:10एक घुड़की समझनेवाले के मन में जितनी गड़ जाती है, उतना सौ बार मार खाना मूर्ख के मन में नहीं गड़ता।
- Proverbs 27:6 नीतिवचन 27:6जो घाव मित्रा के हाथ से लगें वह विश्वासयोग्य है परन्तु बैरी अधिक चुम्बन करता है।
- Psalm 69:12 भजन संहिता 69:12फाटक के पास बैठनेवाले मेरे विषय बातचीत करते हैं, और मदिरा पीनेवाले मुझ पर लगता हुआ गीत गाते हैं।
- Proverbs 13:13 नीतिवचन 13:13जो वचन को तुच्छ जानता, वह नाश हो जाता है, परन्तु आज्ञा के डरवैये को अच्छा फल मिलता है।