Ephesians · chapter 3 · verse 21
Ephesians 3:21 in Hindi
कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
Kaleesiyaa mem, aur maseeh yeeshu mem, us kee mahimaa peedhee se peedhee tak yugaanuyug hotee rahe. Aameen..
Ephesians 3:21 in English
- King James Version (KJV)
- Unto him [be] glory in the church by Christ Jesus throughout all ages, world without end. Amen.
- World English Bible (WEB)
- to him be the glory in the assembly and in Christ Jesus to all generations, forever and ever. Amen.
- American Standard Version (ASV)
- unto him [be] the glory in the church and in Christ Jesus unto all generations for ever and ever. Amen.
- Bible in Basic English (BBE)
- To him be the glory in the church and in Christ Jesus to all generations for ever and ever. So be it.
- Darby Translation (DBY)
- to him be glory in the assembly in Christ Jesus unto all generations of the age of ages. Amen).
- Webster's Bible (WBS)
- To him [be] glory in the church by Christ Jesus throughout all ages, world without end. Amen.
- Young's Literal Translation (YLT)
- to Him [is] the glory in the assembly in Christ Jesus, to all the generations of the age of the ages. Amen.
Read in context
- 19और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।।
- 20अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कारर्य करता है,
- 21कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
Cross references
- Jude 1:25 यहूदा 1:25उस अद्वैत परमेश्वर हमारे उद्धारकर्ता की महिमा, और गौरव, और पराक्रम, और अधिकार, हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जैसा सनातन काल से है, अब भी हो और युगानुयुग रहे। आमीन।।
- Romans 11:36 रोमियों 11:36क्योंकि उस की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उस की महिमा युगानुयुग होती रहे: आमीन।।
- 2 Peter 3:18 2 पतरस 3:18पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- Revelation 7:12–17 प्रकाशितवाक्य 7:12–17हमारे परमेश्वर की स्तुति, ओर महिमा, और ज्ञान, और धन्यवाद, और आदर, और सामर्थ, और शक्ति युगानुयुग बनी रहें। आमीन। इस पर प्राचीनों में से एक ने मुझ से कहा; ये श्वेत वस्त्रा पहिने हुए कौन हैं? और कहां से आए हैं? मैं ने उस से कहा; हे स्वामी, तू ही जानता है: उस ने मुझ से कहा; ये वे हैं, जो उस बड़े क्लेश में से निकलकर आए हैं; इन्हों ने अपने अपने वस्त्रा मेम्ने के लोहू में धोकर श्वेत किए हैं। इसी कारण वे परमेश्वर के सिंहासन के साम्हने हैं, और उसके मन्दिर में दिन रात उस की सेवा करते हैं; और जो सिंहासन पर बैठा है, वह उन के ऊपर अपना तम्बू तानेगा। वे फिर भूखे और प्यासे न होंगे: ओर न उन पर धूप, न कोई तपन पड़ेगी। क्योंकि मेम्ना जो सिंहासन के बीच में है, उन की रखवाली करेगा; और उन्हें जीवन रूपी जल के सोतों के पास ले जाया करेगा, और परमेश्वर उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा।।
- 1 Peter 5:11 1 पतरस 5:11उसी का साम्राज्य युगानुयुग रहे। आमीन।।
- 1 Chronicles 29:11 1 इतिहास 29:11हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभों के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है।
- Philippians 4:20 फिलिप्पियों 4:20हमारे परमेश्वर और पिता की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- Isaiah 6:3 यशायाह 6:3और वे एक दूसरे से पुकार पुकारकर कह रहे थे: सेनाओं का यहोवा पवित्रा, पवित्रा, पवित्रा है; सारी पृथ्वी उसके तेज से भरपूर है।
- Psalm 72:19 भजन संहिता 72:19उसका महिमायुक्त नाम सर्वदा धन्य रहेगा; और सारी पृथ्वी उसकी महिमा से परिपूर्ण होगी। आमीन फिर आमीन।।
- Revelation 4:9–11 प्रकाशितवाक्य 4:9–11और जब वे प्राणी उस की जो सिंहासन पर बैठा है, और जो युगानुयुग जीवता है, महिमा और आदर और धन्यवाद करेंगे। तब चौबीसों प्राचीन सिंहासन पर बैठनेवाले के साम्हने गिर पड़ेंगे, और उसे जो युगानुयुग जीवता है प्रणाम करेंगे; और अपने अपने मुकुट सिंहासन के साम्हने यह कहते हुए डाल देंगे। कि हमारे प्रभु, और परमेश्वर, तू ही महिमा, और आदर, और सामर्थ के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएं सृजीं और वे तेरी ही इच्छा से थी, और सृजी गईं।।
- Romans 16:27 रोमियों 16:27उसी अद्वैत बुद्धिमान परमेश्वर की यीशु मसीह के द्वारा युगानुयुग महिमा होती रहे। आमीन।।
- Psalm 29:1–2 भजन संहिता 29:1–2हे परमेश्वर के पुत्रों यहोवा का, हां यहोवा की का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ को सराहो। यहोवा के नाम की महिमा करो; पवित्राता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो।