Ephesians · chapter 4 · verse 15
Ephesians 4:15 in Hindi
बरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जा सिर है, अर्थात् मसीह में बढ़ते जाएं।
Baran prem mem sachchaaee se chalate hue, sab baatom mem us mem jaa sir hai, arthaat maseeh mem badhate jaaen.
Ephesians 4:15 in English
- King James Version (KJV)
- But speaking the truth in love, may grow up into him in all things, which is the head, [even] Christ:
- World English Bible (WEB)
- but speaking truth in love, we may grow up in all things into him who is the head, Christ,
- American Standard Version (ASV)
- but speaking truth in love, may grow up in all things into him, who is the head, [even] Christ;
- Bible in Basic English (BBE)
- But saying true words in love, may come to full growth in him, who is the head, even Christ;
- Darby Translation (DBY)
- but, holding the truth in love, we may grow up to him in all things, who is the head, the Christ:
- Webster's Bible (WBS)
- But speaking the truth in love, may grow up into him in all things, who is the head, [even] Christ:
- Young's Literal Translation (YLT)
- and, being true in love, we may increase to Him [in] all things, who is the head — the Christ;
Read in context
- 13जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्रा की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं।
- 14ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग- विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर- उधर घुमाए जाते हों।
- 15बरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जा सिर है, अर्थात् मसीह में बढ़ते जाएं।
- 16जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में हाता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।।
- 17इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो।
Cross references
- 1 John 3:18 1 यूहन्ना 3:18हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
- Ephesians 4:25 इफिसियों 4:25इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
- Zechariah 8:16 जकर्याह 8:16जो जो काम तुम्हें करना चाहिये, वे ये हैं: एक दूसरे के साथ सत्य बोला करना, अपनी कचहरियों में सच्चाई का और मेलमिलाप की नीति का न्याय करना,
- 1 Peter 1:22 1 पतरस 1:22सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।
- 2 Peter 3:18 2 पतरस 3:18पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।।
- 1 Peter 2:2 1 पतरस 2:2नये जन्में हुए बच्चों की नाई निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
- Romans 12:9 रोमियों 12:9प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
- Ephesians 1:22 इफिसियों 1:22और सब कुछ उसके पांवों तले कर दिया: और उसे सब वस्तुओं पर शिरोमणि ठहराकर कलीसिया को दे दिया।
- Ephesians 2:21 इफिसियों 2:21जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्रा मन्दिर बनती जाती है।
- Psalm 32:2 भजन संहिता 32:2क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
- John 1:47 यूहन्ना 1:47यीशु ने नतनएल को अपनी ओर आते देखकर उसके विषय में कहा, देखो, यह सचमुच इस्त्राएली है: इस में कपट नहीं।
- Judges 16:15 न्यायियों 16:15तब दलीला ने उस से कहा, तेरा मन तो मुझ से नहीं लगा, फिर तू क्यों कहता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं? तू ने ये तीनों बार मुझ से छल किया, और मुझे नहीं बताया कि तेरे बड़े बल का भेद क्या है।