Exodus · chapter 22 · verse 27
Exodus 22:27 in Hindi
क्योंकि वह उसका एक ही ओढ़ना है, उसकी देह का वही अकेला वस्त्रा होगा फिर वह किसे ओढ़कर सोएगा? तोभी जब वह मेरी दोहाई देगा तब मैं उसकी सुनूंगा, क्योंकि मैं तो करूणामय हूं।।
Kyonki vah usakaa ek hee odhanaa hai, usakee deh kaa vahee akelaa vastraa hogaa phir vah kise odhakar soegaa? Tobhee jab vah meree dohaaee degaa tab maim usakee sunoongaa, kyonki maim to karoonaamay hoon..
Exodus 22:27 in English
- King James Version (KJV)
- For that [is] his covering only, it [is] his raiment for his skin: wherein shall he sleep? and it shall come to pass, when he crieth unto me, that I will hear; for I [am] gracious.
- World English Bible (WEB)
- for that is his only covering, it is his garment for his skin. What would he sleep in? It will happen, when he cries to me, that I will hear, for I am gracious.
- American Standard Version (ASV)
- for that is his only covering, it is his garment for his skin: wherein shall he sleep? and it shall come to pass, when he crieth unto me, that I will hear; for I am gracious.
- Bible in Basic English (BBE)
- For it is the only thing he has for covering his skin; what is he to go to sleep in? and when his cry comes up to me, I will give ear, for my mercy is great.
- Darby Translation (DBY)
- for that is his only covering, his garment for his skin: on what shall he lie down? And it shall come to pass, when he crieth unto me, that I will hear; for I am gracious.
- Webster's Bible (WBS)
- For that [is] his only covering, it [is] his raiment for his skin: wherein shall he sleep? and it shall come to pass, when he crieth to me, that I will hear; for I [am] gracious.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for it alone is his covering, it [is] his garment for his skin; wherein doth he lie down? and it hath come to pass, when he doth cry unto Me, that I have heard, for I [am] gracious.
Read in context
- 25यदि तू मेरी प्रजा में से किसी दीन को जो तेरे पास रहता हो रूपए का ऋण दे, तो उस से महाजन की नाई ब्याज न लेना।
- 26यदि तू कभी अपने भाईबन्धु के वस्त्रा को बन्धक करके रख भी ले, तो सूर्य के अस्त होने तक उसको लौटा देना;
- 27क्योंकि वह उसका एक ही ओढ़ना है, उसकी देह का वही अकेला वस्त्रा होगा फिर वह किसे ओढ़कर सोएगा? तोभी जब वह मेरी दोहाई देगा तब मैं उसकी सुनूंगा, क्योंकि मैं तो करूणामय हूं।।
- 28परमेश्वर को श्राप न देना, और न अपने लोगों के प्रधान को श्राप देना।
- 29अपने खेतों की उपज और फलों के रस में से कुछ मुझे देने में विलम्ब न करना। अपने बेटों में से पहिलौठे को मुझे देना।
Cross references
- Exodus 34:6 निर्गमन 34:6और यहोवा उसके साम्हने होकर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य,
- Psalm 86:15 भजन संहिता 86:15परन्तु प्रभु दयालु और अनुग्रहकारी ईश्वर है, तू विलम्ब से कोप करनेवाला और अति करूणामय है।
- 2 Chronicles 30:9 2 इतिहास 30:9यदि तुम यहोवा की ओर फिरोगे तो जो तुम्हारे भाइयों और लड़केबालों को बन्धुआ बनाके ले गए हैं, वे उन पर दया करेंगे, और वे इस देश में लौट सकेंगे क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु है, और यदि तुम उसकी ओर फिरोगे तो वह अपना मुंह तुम से न मोड़ेगा।
- Psalm 34:6 भजन संहिता 34:6इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।।
- Exodus 22:23 निर्गमन 22:23यदि तुम ऐसों को किसी प्रकार का दु:ख दो, और वे कुछ भी मेरी दोहाई दें, तो मैं निश्चय उनकी दोहाई सुनूंगा;
- Psalm 136:10–11 भजन संहिता 136:10–11उस ने मिस्त्रियों के पहिलौठों को मारा, उसकी करूणा सदा की है।। और उनके बीच से इस्राएलियों को निकाला, उसकी करूणा सदा की है।
- Psalm 72:12 भजन संहिता 72:12क्योंकि वह दोहाई देनेवाले दरिद्र को, और दु:खी और असहाय मनुष्य का उद्धार करेगा।
- Isaiah 19:20 यशायाह 19:20वह मि देश में सेनाओं के यहोवा के लिये चिन्ह और साक्षी ठहरेगा; और जब वे अंधेर करनेवाले के कारण यहोवा की दोहाई देंगे, तब वह उनके पास एक उद्धारकर्ता और रक्षक भेजेगा, और उन्हें मुक्त करेगा।
- Exodus 2:23–24 निर्गमन 2:23–24बहुत दिनों के बीतने पर मि का राजा मर गया। और इस्राएली कठिन सेवा के कारण लम्बी लम्बी सांस लेकर आहें भरने लगे, और पुकार उठे, और उनकी दोहाई जो कठिन सेवा के कारण हुई वह परमेश्वर तक पहुंची। और परमेश्वर ने उनका कराहना सुनकर अपनी वाचा को, जो उस ने इब्राहीम, और इसहाक, और याकूब के साथ बान्धी थी, स्मरण किया।