Exodus · chapter 40 · verse 6
Exodus 40:6 in Hindi
और मिलापवाले तम्बू के निवास के द्वार के साम्हने होमवेदी को रखना।
Aur milaapavaale tamboo ke nivaas ke dvaar ke saamhane homavedee ko rakhanaa.
Exodus 40:6 in English
- King James Version (KJV)
- And thou shalt set the altar of the burnt offering before the door of the tabernacle of the tent of the congregation.
- World English Bible (WEB)
- “You shall set the altar of burnt offering before the door of the tabernacle of the Tent of Meeting.
- American Standard Version (ASV)
- And thou shalt set the altar of burnt-offering before the door of the tabernacle of the tent of meeting.
- Bible in Basic English (BBE)
- And put the altar of burned offerings before the doorway of the House of the Tent of meeting.
- Darby Translation (DBY)
- And thou shalt set the altar of burnt-offering before the entrance of the tabernacle of the tent of meeting.
- Webster's Bible (WBS)
- And thou shalt set the altar of the, burnt-offering before the door of the tabernacle of the tent of the congregation.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and hast put the altar of the burnt-offering before the opening of the tabernacle of the tent of meeting,
Read in context
- 4और मेज़ को भीतर ले जाकर जो कुछ उस पर सजाना है उसे सजवा देना;
- 5और साक्षीपत्रा के सन्दूक के साम्हने सोने की वेदी को जो धूप के लिये है उसे रखना, और निवास के द्वार के पर्दे को लगा देना।
- 6और मिलापवाले तम्बू के निवास के द्वार के साम्हने होमवेदी को रखना।
- 7और मिलापवाले तम्बू और वेदी के बीच होदी को रखके उस में जल भरना।
- 8और चारों ओर के आंगन की कनात को खड़ा करना, और उस आंगन के द्वार पर पर्दे को लटका देना।
Cross references
- Exodus 40:29 निर्गमन 40:29और मिलापवाले तम्बू के निवास के द्वार पर होमबलि और अन्नबलि को चढ़ाया; जिस प्रकार यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।
- Hebrews 13:10 इब्रानियों 13:10हमारी एक ऐसी वेदी है, जिस पर से खाने का अधिकार उन लोगों को नहीं, जो तम्बू की सेवा करते हैं।
- Ephesians 1:6–7 इफिसियों 1:6–7कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया। हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
- Exodus 38:1–7 निर्गमन 38:1–7फिर उस ने बबूल की लकड़ी की होमबलि भी बनाई; उसकी लम्बाई पांच हाथ और चौड़ाई पांच हाथ की थी; इस प्रकार से वह चौकोर बनी, और ऊंचाई तीन हाथ की थी। और उस ने उसके चारों कोनों पर उसके चार सींग बनाए, वे उसके साथ बिना जोड़ के बने; और उस ने उसको पीतल से मढ़ा। और उस ने वेदी का सारा सामान, अर्थात् उसकी हांड़ियों, फावड़ियों, कटोरों, कांटों, और करछों को बनाया। उसका सारा सामान उस ने पीतल का बनाया। और वेदी के लिये उसके चारों ओर की कंगनी के तले उस ने पीतल की जाली की एक झंझरी बनाई, वह नीचे से वेदी की ऊंचाई के मध्य तक पहुंची। और उस ने पीतल की झंझरी के चारों कोनों के लिये चार कड़े ढाले, जो डण्डों के खानों का काम दें। फिर उस ने डण्डों को बबूल की लकड़ी का बनाया, और पीतल से मढ़ा। तब उस ने डण्डों को वेदी की अलंगों के कड़ों में वेदी के उठाने के लिये डाल दिया। वेदी को उस ने तख्तों से खोखली बनाया।।
- 1 John 4:9–10 1 यूहन्ना 4:9–10जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्रा को जगत में भेजा है, कि हम उसे द्वारा जीवन पाएं। प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उस ने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्चित्त के लिये अपने पुत्रा को भेजा।
- Exodus 27:1–8 निर्गमन 27:1–8फिर वेदी को बबूल की लकड़ी की, पांच हाथ लम्बी और पांच हाथ चौड़ी बनवाना; वेदी चौकोर हो, और उसकी ऊंचाई तीन हाथ की हो। और उसके चारों कोनों पर चार सींग बनवाना; वे उस समेत एक ही टुकडे के हों, और उसे पीतल से मढ़वाना। और उसकी राख उठाने के पात्रा, और फावड़ियां, और कटोरे, और कांटे, और अंगीठियां बनवाना; उसका कुल सामान पीतल का बनवाना। और उसके पीतल की जाली एक झंझरी बनवाना; और उसके चारों सिरों में पीतल के चार कड़े लगवाना। और उस झंझरी को वेदी के चारों ओर की कंगनी के नीचे ऐसे लगवाना, कि वह वेदी की ऊंचाई के मध्य तक पहुंचे। और वेदी के लिये बबूल की लकड़ी के डण्डे बनवाना, और उन्हें पीतल से मढ़वाना। और डंडे कड़ों में डाले जाएं, कि जब जब वेदी उठाई जाए तब वे उसकी दोनों अलंगों पर रहें। वेदी को तख्तों से खोखली बनवाना; जैसी वह इस पर्वत पर तुझे दिखाई गई है वैसी ही बनाई जाए।।
- 1 John 2:2 1 यूहन्ना 2:2और वही हमारे पापों का प्रायश्चित्त है: और केवल हमारे ही नहीं, बरन सारे जगत के पापों का भी।