Ezekiel · chapter 16 · verse 63
Ezekiel 16:63 in Hindi
जिस से तू स्मरण करके लज्जित हो, और लज्जा के मारे फिर कभी मुंह न खोले। यह उस समय होगा, जब मैं तेरे सब कामों को ढांपूंगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।
Jis se too smaran karake lajjit ho, aur lajjaa ke maare phir kabhee munh na khole. Yah us samay hogaa, jab maim tere sab kaamom ko dhaampoongaa, prabhu yahovaa kee yahee vaanee hai.
Ezekiel 16:63 in English
- King James Version (KJV)
- That thou mayest remember, and be confounded, and never open thy mouth any more because of thy shame, when I am pacified toward thee for all that thou hast done, saith the Lord GOD.
- World English Bible (WEB)
- that you may remember, and be confounded, and never open your mouth any more because of your shame, when I have forgiven you all that you have done,” says the Lord GOD.’”
- American Standard Version (ASV)
- that thou mayest remember, and be confounded, and never open thy mouth any more, because of thy shame, when I have forgiven thee all that thou hast done, saith the Lord Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- So that, at the memory of these things, you may be at a loss, never opening your mouth because of your shame; when you have my forgiveness for all you have done, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- that thou mayest remember, and be ashamed, and no more open thy mouth because of thy confusion, when I forgive thee all that thou hast done, saith the Lord Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- That thou mayest remember, and be confounded, and never open thy mouth any more because of thy shame, when I am pacified towards thee for all that thou hast done, saith the Lord GOD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- So that thou dost remember, And thou hast been ashamed, And there is not to thee any more an opening of the mouth because of thy shame, In My receiving atonement for thee, For all that thou hast done, An affirmation of the Lord Jehovah!'
Read in context
- 61और जब तू अपनी बहिनों को अर्थात् अपनी बड़ी और छोटी बहिनों को ग्रहण करे, तब तू अपना चालचलन स्मरण करके लज्जित होगी; और मैं उन्हें तेरी पुत्रियां ठहरा दूंगा; परन्तु यह तेरी वाचा के अनुसार न करूंगा।
- 62मैं तेरे साथ अपनी वाचा स्थिर करूंगा, और तब तू जान लेगी कि मैं यहोवा हूँ,
- 63जिस से तू स्मरण करके लज्जित हो, और लज्जा के मारे फिर कभी मुंह न खोले। यह उस समय होगा, जब मैं तेरे सब कामों को ढांपूंगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।
Cross references
- Psalm 39:9 भजन संहिता 39:9मैं गूंगा बन गया और मुंह न खोला; क्योंकि यह काम तू ही ने किया है।
- Romans 3:19 रोमियों 3:19हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
- Ezekiel 36:31–32 यहेजकेल 36:31–32तब तुम अपने बुरे चालचलन और अपने कामों को जो अच्छे नहीं थे, स्मरण करके अपने अधर्म और घिनौने कामों के कारण अपने आप से घृणा करोगे। परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, तुम जान जो कि मैं इसको तुम्हारे निमित्त नहीं करता। हे इस्राएल के घराने अपने चालचलन के विषय में लज्जित हो और तुम्हारा मुख काला हो जाए।
- Job 40:4–5 अय्यूब 40:4–5देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ। एक बार तो मैं कह चुका, परन्तु और कुछ न कहूंगो हां दो बार भी मैं कह चुका, परन्तु अब कुछ और आगे न बढ़ूंगा।
- Titus 3:3–7 तीतुस 3:3–7क्योंकि हम भी पहिले, निर्बुद्धि, और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और रंग रंग के अभिलाषाओं और सुखविलास के दासत्व में थे, और बैरभाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे। पर जब हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की कृपा, और मनुष्यों पर उसकी प्रीति प्रगट हुई। तो उस ने हमारा उद्धार किया: और यह धर्म के कामों के कारण नहीं, जो हम ने आप किए, पर अपनी दया के अनुसार, नए जन्म के स्नान, और पवित्रा आत्मा के हमें नया बनाने के द्वारा हुआ। जिसे उस ने हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के द्वारा हम पर अधिकाई से उंडेला। जिस से हम उसके अनुग्रह से धर्मी ठहरकर, अनन्त जीवन की आशा के अनुसार वारिस बनें।
- Daniel 9:7–8 दानिय्येल 9:7–8हे प्रभु, तू धर्मी है, परन्तु हम लोगों को आज के दिन लज्जित होना पड़ता है, अर्थात् यरूशलेम के निवासी आदि सब यहूदी, क्या समीप क्या दूर के सब इस्राएली लोग जिन्हें तू ने उस विश्वासघात के कारण जो उन्होें ने तेरा किया था, देश देश में बरबस कर दिया है, उन सभों को लज्जित होना पड़ता है। हे यहोवा हम लोगों ने अपने राजाओं, हाकिमों और पूर्वजों समेत तेरे विरूद्ध पाप किया है, इस कारण हम को लज्जित होना पड़ता है।
- Romans 9:19–20 रोमियों 9:19–20सो तू मुझ से कहेगा, वह फिर क्यों दोष लगाता है? कौन उस की इच्छा का साम्हना करता हैं? हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?
- Romans 3:27 रोमियों 3:27तो घमण्ड करना कहां रहा? उस की तो जगह ही नहीं: कौन सी व्यवस्था के कारण से? क्या कर्मों की व्यवस्था से? नहीं, बरन विश्वास की व्यवस्था के कारण।
- Ezra 9:6 एज्रा 9:6हे मेरे परमेश्वर! मुझे तेरी ओर अपना मुंह उठाते लाज आती है, और हे मेरे परमेश्वर! मेरा मुंह काला है; क्योंकि हम लोगों के अधर्म के काम हमारे सिर पर बढ़ गए हैं, और हमारा दोष बढते आकाश तक पहुंचा है
- Ezekiel 16:61 यहेजकेल 16:61और जब तू अपनी बहिनों को अर्थात् अपनी बड़ी और छोटी बहिनों को ग्रहण करे, तब तू अपना चालचलन स्मरण करके लज्जित होगी; और मैं उन्हें तेरी पुत्रियां ठहरा दूंगा; परन्तु यह तेरी वाचा के अनुसार न करूंगा।
- Romans 2:1 रोमियों 2:1सो हे दोष लगानेवाले, तू कोई क्यों न हो; तू निरूत्तर है! क्योंकि जिस बात में तू दूसरे पर दोष लगाता है, उसी बात में अपने आप को भी दोषी ठहराता है, इसलिये कि तू जो दोष लगाता है, आप ही वही काम करता है।
- Romans 5:1–2 रोमियों 5:1–2से जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें।