Galatians · chapter 3 · verse 10
Galatians 3:10 in Hindi
सो जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब स्त्राप के आधीन हैं, क्योंकि लिखा है, कि जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह स्त्रापित है।
So jitane log vyavasthaa ke kaamom par bharosaa rakhate haim, ve sab straap ke aadheen haim, kyonki likhaa hai, ki jo koee vyavasthaa kee pustak mem likhee huee sab baatom ke karane mem sthir naheem rahataa, vah straapit hai.
Galatians 3:10 in English
- King James Version (KJV)
- For as many as are of the works of the law are under the curse: for it is written, Cursed [is] every one that continueth not in all things which are written in the book of the law to do them.
- World English Bible (WEB)
- For as many as are of the works of the law are under a curse. For it is written, “Cursed is everyone who doesn’t continue in all things that are written in the book of the law, to do them.”
- American Standard Version (ASV)
- For as many as are of the works of the law are under a curse: for it is written, Cursed is every one who continueth not in all things that are written in the book of the law, to do them.
- Bible in Basic English (BBE)
- For all who are of the works of the law are under a curse: because it is said in the Writings, A curse is on everyone who does not keep on doing all the things which are ordered in the book of the law.
- Darby Translation (DBY)
- For as many as are on the principle of works of law are under curse. For it is written, Cursed is every one who does not continue in all things which [are] written in the book of the law to do them;
- Webster's Bible (WBS)
- For as many as are of the works of the law, are under the curse: for it is written, Accursed [is] every one that continueth not in all things which are written in the book of the law to do them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for as many as are of works of law are under a curse, for it hath been written, 'Cursed [is] every one who is not remaining in all things that have been written in the Book of the Law — to do them,'
Read in context
- 8और पवित्राशास्त्रा ने पहिले ही से यह जानकर, कि परमेश्वर अन्यजातियों को विश्वास से धर्मी ठहराएगा, पहिले हीे से इब्राहीम को यह सुसमाचार सुना दिया, कि तुझ में सब जातियां आशीष पाएंगी।
- 9तो जो विश्वास करनेवाले हैं, वे विश्वासी इब्राहीम के साथ आशीष पाते हैं।
- 10सो जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब स्त्राप के आधीन हैं, क्योंकि लिखा है, कि जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह स्त्रापित है।
- 11पर यह बात प्रगट है, कि व्यवस्था के द्वारा परमेश्वर के यहां कोई धर्मी नहीं ठहरता क्योंकि धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा।
- 12पर व्यवस्था का विश्वास से कुछ सम्बन्ध नहीं; पर जो उन को मानेगा, वह उन के कारण जीवित रहेगा।
Cross references
- Deuteronomy 27:26 व्यवस्थाविवरण 27:26शापित हो वह जो इस व्यवस्था के वचनों को मानकर पूरा न करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- Romans 8:7 रोमियों 8:7क्योंकि शरीर पर मन लगाना तो परमेश्वर से बैर रखना है, क्योंकि न तो परमेश्वर की व्यवस्था के अधीन है, और न हो सकता है।
- Romans 3:19–20 रोमियों 3:19–20हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे। क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
- Deuteronomy 11:26–28 व्यवस्थाविवरण 11:26–28सुनो, मैं आज के दिन तुम्हारे आगे आशीष और शाप दोनों रख देता हूं। अर्थात् यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा की इन आज्ञाओं को जो मैं आज तुम्हे सुनाता हूं मानो, तो तुम पर आशीष होगी, और यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं को नहीं मानोगे, और जिस मार्ग की आज्ञा मैं आज सुनाता हूं उसे तजकर दूसरे देवताओं के पीछे हो लोगे जिन्हें तुम नहीं जानते हो, तो तुम पर शाप पडेग़ा।
- James 2:9–11 याकूब 2:9–11पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है। क्योंकि जो कोई सारी व्यवस्था का पालन करता है परन्तु एक ही बात में चूक जाए तो वह सब बातों मे दोषी ठहरा। इसलिये कि जिस ने यह कहा, कि तू व्यभिचार न करना उसी ने यह भी कहा, कि तू हत्या न करना इसलिये यदि तू ने व्यभिचार तो नहीं किया, पर हत्या की तौभी तू व्यवस्था का उलंघन करने वाला ठहरा।
- Jeremiah 11:3 यिर्मयाह 11:3उन से कहो, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, स्रापित है वह मनुष्य, जो इस वाचा के वचन न माने
- Romans 4:15 रोमियों 4:15व्यवस्था तो क्रोध उपजाती है और जहां व्यवस्था नहीं वहां उसका टालना भी नहीं।
- Galatians 2:16 गलातियों 2:16तौभी यह जानकर कि मनुष्य व्यवस्था के कामों से नहीं, पर केवल यीशु मसीह पर विश्वास करने के द्वारा धर्मी ठहरता है, हम ने आप भी मसीह यीशु पर विश्वास किया, कि हम व्यवस्था के कामों से नहीं पर मसीह पर विश्वास करने से धर्मी ठहरें; इसलिये कि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी धर्मी न ठहरेगा।
- Romans 6:23 रोमियों 6:23क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का बरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्त जीवन है।।
- Romans 7:9–13 रोमियों 7:9–13मैं तो व्यवस्था बिना पहिले जीवित था, परन्तु जब आज्ञा आई, तो पाप जी गया, और मैं मर गया। और वही आज्ञा जो जीवन के लिये थी; मेरे लिये मृत्यु का कारण ठहरी। क्योंकि पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझै बहकाया, और उसी के द्वारा मुझे मार भी डाला। इसलिये व्यवस्था पवित्रा है, और आज्ञा भी ठीक और अच्छी है। तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं! परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करनेवाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो, और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे।
- Ezekiel 18:4 यहेजकेल 18:4देखो, सभों के प्राण तो मेरे हैं; जैसा पिता का प्राण, वैसा ही पुत्रा का भी प्राण है; दोनों मेरे ही हैं। इसलिये जो प्राणी पाप करे वही मर जाएगा।
- Luke 18:9–13 लूका 18:9–13और उस ने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्छ जानते थे, यह दृष्टान्त कहा। कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेनेवाला। फरीसी खड़ा होकर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों की नाई अन्धेर करनेवाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेनेवाले के समान हूं। मैं सप्ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं। परन्तु चुंगी लेनेवाले ने दूर खड़े होकर, स्वर्ग की ओर आंख उठाना भी न चाहा, बरन अपनी छाती पीट- पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- as · G3745ὅσος hósos
- are · G1526εἰσί eisí
- of · G1537ἐκ ek
- works · G2041ἔργον érgon
- law · G3551νόμος nómos
- are · G1526εἰσί eisí
- under · G5259ὑπό hypó
- curse · G2671κατάρα katára
- for · G1063γάρ gár
- written · G1125γράφω gráphō
- Cursed · G1944ἐπικατάρατος epikatáratos
- one · G3956πᾶς pâs
- that · G3739ὅς hós
- continueth · G1696ἐμμένω emménō
- not · G3756οὐ ou
- in · G1722ἐν en
- things · G3956πᾶς pâs
- which · G3588ὁ ho
- written · G1125γράφω gráphō
- in · G1722ἐν en
- book · G975βιβλίον biblíon
- law · G3551νόμος nómos
- do · G4160ποιέω poiéō
- them · G846αὐτός autós