Genesis · chapter 24 · verse 67
Genesis 24:67 in Hindi
तब इसहाक रिबका को अपनी माता सारा के तम्बू में ले आया, और उसको ब्याहकर उस से प्रेम किया: और इसहाक को माता की मृत्यु के पश्चात् शान्ति हुई।।
Tab isahaak ribakaa ko apanee maataa saaraa ke tamboo mem le aayaa, aur usako byaahakar us se prem kiyaa: aur isahaak ko maataa kee mrutyu ke pashchaat shaanti huee..
Genesis 24:67 in English
- King James Version (KJV)
- And Isaac brought her into his mother Sarah’s tent, and took Rebekah, and she became his wife; and he loved her: and Isaac was comforted after his mother’s [death].
- World English Bible (WEB)
- Isaac brought her into his mother Sarah’s tent, and took Rebekah, and she became his wife. He loved her. So Isaac was comforted after his mother’s death.
- American Standard Version (ASV)
- And Isaac brought her into his mother Sarah’s tent, and took Rebekah, and she became his wife; and he loved her. And Isaac was comforted after his mother’s death.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Isaac took Rebekah into his tent and she became his wife; and in his love for her, Isaac was comforted after his father's death.
- Darby Translation (DBY)
- And Isaac led her into his mother Sarah's tent; and he took Rebecca, and she became his wife, and he loved her. And Isaac was comforted after [the death of] his mother.
- Webster's Bible (WBS)
- And Isaac brought her into his mother Sarah's tent, and took Rebekah, and she became his wife; and he loved her: and Isaac was comforted after his mother's [death].
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Isaac bringeth her in unto the tent of Sarah his mother, and he taketh Rebekah, and she becometh his wife, and he loveth her, and Isaac is comforted after [the death of] his mother.
Read in context
- 65तब उस ने दास से पूछा, जो पुरूष मैदान पर हम से मिलने को चला आता है, सो कौन है? दास ने कहा, वह तो मेरा स्वामी है। तब रिबका ने घूंघट लेकर अपने मुंह को ढ़ाप लिया।
- 66और दास ने इसहाक से अपना सारा वृत्तान्त वर्णन किया।
- 67तब इसहाक रिबका को अपनी माता सारा के तम्बू में ले आया, और उसको ब्याहकर उस से प्रेम किया: और इसहाक को माता की मृत्यु के पश्चात् शान्ति हुई।।
Cross references
- Song of Solomon 8:2 श्रेष्ठगीत 8:2मैं तुझ को अपनी माता के घर ले चलती, और वह मुझ को सिखाती, और मैं तुझे मसाला मिला हुआ दाखमघु, और अपने अनारों का रस पिलाती।
- Ephesians 5:22–33 इफिसियों 5:22–33हे पत्नियों, अपने अपने पति के ऐसे अधीन रहो, जैसे प्रभु के। क्योंकि पति पत्नी का सिर है जैसे कि मसीह कलीसिया का सिर है; और आप ही देह का उद्धारकर्ता है। पर जैसे कलीसिया मसही के आधीन है, वैसे ही पत्नियां भी हर बात में अपने अपने पति के आधीन रहें। हे पतियों, अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखो, जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम करके अपने आप को उसके लिये दे दिया। कि उस को वचन के द्वारा जल के स्नान से शुद्ध करके पवित्रा बनाए। और उसे एक ऐसी तेजस्वी कलीसिया बनाकर अपने मास खड़ी करे, जिस में न कलंक, न झुर्री, न कोई ऐसी वस्तु हो, बरन पवित्रा और निर्दोष हो। इसी प्रकार उचित है, कि पति अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखता है, वह अपने आप से प्रेम रखता है। क्योंकि किसी ने कभी अपने शरीर से बैर नहीं रखा बरन उसका पालन- पोषण करता है, जैसा मसीह भी कलीसिया के साथ करता है इसलिये कि हम उस की देह के अंग हैं। इस कारण मनुष्य माता पिता को छोड़कर अपनी पत्नी से मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे। यह भेद तो बड़ा है; पर मैं मसीह और कलीसिया के विषय में कहता हूं। पर तुम में से हर एक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।।
- Isaiah 54:1–5 यशायाह 54:1–5हे बांझ तू जो पुत्रहीन है जयजयकार कर; तू जिसे जन्माने की पीड़े नहीं हुई, गला खोल कर जयजयकार कर और पुकार! क्योंकि त्यागी हुई के लड़के सुहागिन के लड़कों से अधिक होंगे, यहोवा का यही वचन है। अपने तम्बू का स्थान चौड़ा कर, और तेरे डेरे के पट लम्बे किए जाएं; हाथ मत रोक, रस्सियों को लम्बी और खूंटों को दृढ़ कर। क्योंकि तू दाहिने-बाएं फैलेगी, और तेरा वंश जाति-जाति का अधिकारी होगा और उजड़े हुए नगरों को फिर से बसाएगा॥ मत डर, क्योंकि तेरी आशा फिर नहीं टूटेगी; मत घबरा, क्योंकि तू फिर लज्जित न होगी और तुझ पर सियाही न छाएगी; क्योंकि तू अपनी जवानी की लज्जा भूल जाएगी, और, अपने विधवापन की नामधराई को फिर स्मरण न करेगी। क्योकि तेरा कर्त्ता तेरा पति है, उसका नाम सेनाओं का यहोवा है; और इस्राएल का पवित्र तेरा छुड़ाने वाला है, वह सारी पृथ्वी का भी परमेश्वर कहलाएगा।
- Genesis 37:35 उत्पत्ति 37:35और उसके सब बेटे- बेटियों ने उसको शान्ति देने का यत्न किया; पर उसको शान्ति न मिली; और वह यही कहता रहा, मैं तो विलाप करता हुआ अपने पुत्रा के पास अधोलोक में उतर जाऊंगा। इस प्रकार उसका पिता उसके लिये रोता ही रहा।
- Genesis 18:6 उत्पत्ति 18:6सो इब्राहीम ने तम्बू में सारा के पास फुर्ती से जाकर कहा, तीन सआ मैदा फुर्ती से गून्ध, और फुलके बना।
- 1 Thessalonians 4:13 1 थिस्सलुनीकियों 4:13हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्हें आशा नहीं।
- Genesis 18:9–10 उत्पत्ति 18:9–10उन्हों ने उस से पूछा, तेरी पत्नी सारा कहां है? उस ने कहा, वह तो तम्बू में है। उस ने कहा मैं वसन्त ऋतु में निश्चय तेरे पास फिर आऊंगा; और तब तेरी पत्नी सारा के एक पुत्रा उत्पन्न होगा। और सारा तम्बू के द्वार पर जो इब्राहीम के पीछे था सुन रही थी।
- Genesis 25:20 उत्पत्ति 25:20और इसहाक ने चालीस वर्ष का होकर रिबका को, जो प नराम के वासी, अरामी बतूएल की बेटी, और अरामी लाबान की बहिन भी, ब्याह लिया।
- 2 Corinthians 11:1–2 2 कुरिन्थियों 11:1–2यदि तुम मेरी थोड़ी मूर्खता सह लेते तो क्या ही भला होता; हां, मेरी सह भी लेते हो। क्योंकि मैं तुम्हारे विषय मे ईश्वरीय धुन लगाए रहता हूं, इसलिये कि मैं ने एक ही पुरूष से तुम्हारी बात लगाई है, कि तुम्हें पवित्रा कुंवारी की नाई मसीह को सौंप दूं।
- Genesis 29:18 उत्पत्ति 29:18सो याकूब ने, जो राहेल से प्रीति रखता था, कहा, मैं तेरी छोटी बेटी राहेल के लिये सात बरस तेरी सेवा करूंगा।
- Genesis 38:12 उत्पत्ति 38:12बहुत समय के बीतने पर यहूदा की पत्नी जो शूआ की बेटी थी सो मर गई; फिर यहूदा शोक से छूटकर अपने मित्रा हीरा अदुल्लामवासी समेत अपनी भेड़- बकरियों का ऊन कतराने के लिये तिम्नाथ को गया।
- Genesis 23:1–2 उत्पत्ति 23:1–2सारा तो एक सौ सत्ताईस बरस की अवस्था को पहुंची; और जब सारा की इतनी अवस्था हुई; तब वह किर्यतर्बा में मर गई। यह तो कनान देश में है, और हेब्रोन भी कहलाता है: सो इब्राहीम सारा के लिये रोने पीटने को वंहा गया।
Original words (Hebrew)
- Isaac · H3327יִצְחָק Yitschâq
- her · H935בּוֹא bôwʼ
- mother · H517אֵם ʼêm
- Sarah’s · H8283שָׂרָה Sârâh
- tent · H168אֹהֶל ʼôhel
- took · H3947לָקַח lâqach
- Rebekah · H7259רִבְקָה Ribqâh
- wife · H802אִשָּׁה ʼishshâh
- loved · H157אָהַב ʼâhab
- Isaac · H3327יִצְחָק Yitschâq
- comforted · H5162נָחַם nâcham
- after · H310אַחַר ʼachar
- mother’s · H517אֵם ʼêm