Genesis · chapter 25 · verse 34
Genesis 25:34 in Hindi
इस पर याकूब ने एसाव को रोटी और पकाई हुई मसूर की दाल दी; और उस ने खाया पिया, तब उठकर चला गया। यों एसाव ने अपना पहिलौठे का अधिकार तुच्छ जाना।।
Is par yaakoob ne esaav ko rotee aur pakaaee huee masoor kee daal dee; aur us ne khaayaa piyaa, tab uthakar chalaa gayaa. Yom esaav ne apanaa pahilauthe kaa adhikaar tuchchh jaanaa..
Genesis 25:34 in English
- King James Version (KJV)
- Then Jacob gave Esau bread and pottage of lentiles; and he did eat and drink, and rose up, and went his way: thus Esau despised [his] birthright.
- World English Bible (WEB)
- Jacob gave Esau bread and lentil stew. He ate and drank, rose up, and went his way. So Esau despised his birthright.
- American Standard Version (ASV)
- And Jacob gave Esau bread and pottage of lentils; and he did eat and drink, and rose up, and went his way: so Esau despised his birthright.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Jacob gave him bread and soup; and he took food and drink and went away, caring little for his birthright.
- Darby Translation (DBY)
- And Jacob gave Esau bread and the dish of lentils; and he ate and drank, and rose up and went away. Thus Esau despised the birthright.
- Webster's Bible (WBS)
- Then Jacob gave Esau bread and pottage of lentiles; and he ate and drank, and rose and went his way: thus Esau despised [his] birth-right.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Jacob hath given to Esau bread and pottage of lentiles, and he eateth, and drinketh, and riseth, and goeth; and Esau despiseth the birthright.
Read in context
- 32एसाव ने कहा, देख, मै तो अभी मरने पर हूं: सो पहिलौठे के अधिकार से मेरा क्या लाभ होगा?
- 33याकूब ने कहा, मुझ से अभी शपथ खा: सो उस ने उस से शपथ खाई: और अपना पहिलौठे का अधिकार याकूब के हाथ बेच डाला।
- 34इस पर याकूब ने एसाव को रोटी और पकाई हुई मसूर की दाल दी; और उस ने खाया पिया, तब उठकर चला गया। यों एसाव ने अपना पहिलौठे का अधिकार तुच्छ जाना।।
Cross references
- Hebrews 12:16–17 इब्रानियों 12:16–17ऐसा न हो, कि कोई जन व्यभिचारी, या एसाव की नाई अधर्मी हो, जिस न एक बार के भोजन के बदले अपने पहिलौठे होने का पद बेच डाला। तुम जानते तो हो, कि बाद को जब उस ने आशीष पानी चाही, तो अयोग्य गिना गया, और आंसू बहा बहाकर खोजने पर भी मन फिराव का अवसर उसे न मिला।।
- Philippians 3:18–19 फिलिप्पियों 3:18–19क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार किया है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं। उन का अन्त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्जा की बातों पर घमण्ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
- Matthew 26:15 मत्ती 26:15यदि मैं उसे तुम्हारे हाथ पकड़वा दूं, तो मुझे क्या दोगे? उन्हों ने उसे तीस चान्दी के सिक्के तौलकर दे दिए।
- 1 Corinthians 15:32 1 कुरिन्थियों 15:32यदि मैं मनुष्य की रीति पर इफिसुस में बन- पशुओं से लड़ा, तो मुझे क्या लाभ हुआ? यदि मुर्दे जिलाए नहीं जाएंगे, तो आओ, खाए- पीए, क्योंकि कल तो मर ही जाएंगे।
- Isaiah 22:13 यशायाह 22:13परन्तु क्या देखा कि हर्ष और आनन्द मनाया जा रहा है, गाय- बैल का घात और भेड़- बकरी का वध किया जा रहा है, मांस खाया और दाखमधु पीया जा रहा है। और कहते हैं, आओ खाएं- पीएं, क्योंकि कल तो हमें मरना है।
- Luke 14:18–20 लूका 14:18–20पर वे सब के सब क्षमा मांगने लगे, पहिले ने उस से कहा, मैं ने खेत मोल लिया है; और अवश्य है कि उसे देखूं: मैं तुझ से बिनती करता हूं, मुझे क्षमा करा दे। दूसरे ने कहा, मैं ने पांच जोड़े बैल मोल लिए हैं: और उन्हें परखने जाता हूं: मैं तुझ से बिनती करता हूं, मुझे क्षमा करा दे। एक और ने कहा; मै ने ब्याह किया है, इसलिये मैं नहीं आ सकता।
- Matthew 22:5 मत्ती 22:5परन्तु वे बेपरवाई करके चल दिए: कोई अपने खेत को, कोई अपने ब्योपार को।
- Acts 13:41 प्रेरितों के काम 13:41तुम प्र भी आ पड़े कि हे निन्दा करनेवालो, देखो, और चकित हो, और मिट जाओ; क्योंकि मैं तुम्हारे दिनों में एक काम करता हूं; ऐसा काम, कि यदि कोई तुम से उसकी चर्चा करे, तो तुम कभी प्रतीति न करोगे।।
- Psalm 106:24 भजन संहिता 106:24उन्हों ने मनभावने देश को निकम्मा जाना, और उसके वचन की प्रतीति न की।
- Zechariah 11:13 जकर्याह 11:13तब यहोवा ने मुझ से कहा, इन्हें कुम्हार के आगे फेंक दे, यह क्या ही भारी दाम है जो उन्हों ने मेरा ठहराया है? तब मैं ने चान्दी के उन तीस टुकड़ों को लेकर यहोवा के घर में कुम्हार के आगे फेंक दिया।
- Ecclesiastes 8:15 सभोपदेशक 8:15तब मैं ने आनन्द को सराहा, क्योंकि सूर्य के नीचे मनुष्य के लिये खाने- पीने और आनन्द करने को छोड़ और कुछ भी अच्छा नहीं, क्योंकि यही उसके जीवन भर जो परमेश्वर उसके लिये धरती पर ठहराए, उसके परिश्रम में उसके संग बना रहेगा।।
Original words (Hebrew)
- Jacob · H3290יַעֲקֹב Yaʻăqôb
- gave · H5414נָתַן nâthan
- Esau · H6215עֵשָׂו ʻÊsâv
- bread · H3899לֶחֶם lechem
- pottage · H5138נָזִיד nâzîyd
- lentiles · H5742עָדָשׁ ʻâdâsh
- eat · H398אָכַל ʼâkal
- drink · H8354שָׁתָה shâthâh
- up · H6965קוּם qûwm
- way · H3212יָלַךְ yâlak
- Esau · H6215עֵשָׂו ʻÊsâv
- despised · H959בָּזָה bâzâh
- birthright · H1062בְּכוֹרָה bᵉkôwrâh