Genesis · chapter 28 · verse 17
Genesis 28:17 in Hindi
और भय खाकर उस ने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा।
Aur bhay khaakar us ne kahaa, yah sthaan kyaa hee bhayaanak hai! Yah to parameshvar ke bhavan ko chhod aur kuchh naheem ho sakataa; varan yah svarg kaa phaatak hee hogaa.
Genesis 28:17 in English
- King James Version (KJV)
- And he was afraid, and said, How dreadful [is] this place! this [is] none other but the house of God, and this [is] the gate of heaven.
- World English Bible (WEB)
- He was afraid, and said, “How awesome this place is! This is none other than God’s house, and this is the gate of heaven.”
- American Standard Version (ASV)
- And he was afraid, and said, How dreadful is this place! this is none other than the house of God, and this is the gate of heaven.
- Bible in Basic English (BBE)
- And fear came on him, and he said, This is a holy place; this is nothing less than the house of God and the doorway of heaven.
- Darby Translation (DBY)
- And he was afraid, and said, How dreadful is this place! this is none other but the house of God, and this is the gate of heaven.
- Webster's Bible (WBS)
- And he was afraid, and said, How dreadful [is] this place! this [is] no other but the house of God, and this [is] the gate of heaven.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he feareth, and saith, 'How fearful [is] this place; this is nothing but a house of God, and this a gate of the heavens.'
Read in context
- 15और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
- 16तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था।
- 17और भय खाकर उस ने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा।
- 18भोर को याकूब तड़के उठा, और अपने तकिए का पत्थर लेकर उसका खम्भा खड़ा किया, और उसके सिरे पर तेल डाल दिया।
- 19और उस ने उस स्थान का नाम बेतेल रखा; पर उस नगर का नाम पहिले लूज था।
Cross references
- 1 Timothy 3:15 1 तीमुथियुस 3:15कि यदि मेरे आने में देर हो तो तू जान ले, कि परमेश्वर का घर, जो जीवते परमेश्वर की कलीसिया है, और जो सत्य का खंभा, और नेव है; उस में कैसा बर्ताव करना चाहिए।
- Genesis 35:1–13 उत्पत्ति 35:1–13तब परमेश्वर ने याकूब से कहा, यहां से कूच करके बेतेल को जा, और वहीं रह: और वहां ईश्वर के लिये वेदी बना, जिस ने तुझे उस समय दर्शन दिया, जब तू अपने भाई एसाव के डर से भागा जाता था। तब याकूब ने अपने घराने से, और उन सब से भी जो उसके संग थे, कहा, तुम्हारे बीच में जो पराए देवता हैं, उन्हें निकाल फेंको; और अपने अपने को शुद्ध करो, और अपने वस्त्रा बदल डालो; और आओ, हम यहां से कूच करके बेतेल को जाएं; वहां मैं ईश्वर के लिये एक वेदी बनाऊंगा, जिस ने संकट के दिन मेरी सुन ली, और जिस मार्ग से मैं चलता था, उस में मेरे संग रहा। सो जितने पराए देवता उनके पास थे, और जितने कुण्डल उनके कानों में थे, उन सभों को उन्हों ने याकूब को दिया; और उस ने उनको उस सिन्दूर वृक्ष के नीचे, जो शकेम के पास है, गाड़ दिया। तब उन्हों ने कूच किया: और उनके चारों ओर के नगर निवासियों के मन में परमेश्वर की ओर से ऐसा भय समा गया, कि उन्हों ने याकूब के पुत्रों का पीछा न किया। सो याकूब उन सब समेत, जो उसके संग थे, कनान देश के लूज नगर को आया। वह नगर बेतेल भी कहलाता है। वहां उस ने एक वेदी बनाई, और उस स्थान का नाम एलबेतेल रखा; क्योंकि जब वह अपने भाई के डर से भागा जाता था तब परमेश्वर उस पर वहीं प्रगट हुआ था। और रिबका की दूध पिलानेहारी धाय दबोरा मर गई, और बेतेल के नीचे सिन्दूर वृक्ष के तले उसको मिट्टी दी गई, और उस सिन्दूर वृक्ष का नाम अल्लोनबक्कूत रखा गया।। फिर याकूब के प नराम से आने के पश्चात् परमेश्वर ने दूसरी बार उसको दर्शन देकर आशीष दी। और परमेश्वर ने उस से कहा, अब तक तो तेरा नाम याकूब रहा है; पर आगे को तेरा नाम याकूब न रहेगा, तू इस्राएल कहलाएगा: फिर परमेश्वर ने उस से कहा, मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर हूं: तू फूले- फले और बढ़े; और तुझ से एक जाति वरन जातियों की एक मण्डली भी उत्पन्न होगी, और तेरे वंश में राजा उत्पन्न होंगे। और जो देश मैं ने इब्राहीम और इसहाक को दिया है, वही देश तुझे देता हूं, और तेरे पीछे तेरे वंश को भी दूंगा। तब परमेश्वर उस स्थान में, जहां उस ने याकूब से बातें की, उनके पास से ऊपर चढ़ गया।
- Ecclesiastes 5:1 सभोपदेशक 5:1जब तू परमेश्वर के भवन में जाए, तब सावधानी से चलना; सुनने के लिये समीप जाना मूर्खों के बलिदान चढ़ाने से अच्छा है; क्योंकि वे नहीं जानते कि बुरा करते हैं।
- Exodus 3:6 निर्गमन 3:6फिर उस ने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढ़ाप लिया।
- Genesis 28:22 उत्पत्ति 28:22और यह पत्थर, जिसका मैं ने खम्भा खड़ा किया है, परमेश्वर का भवन ठहरेगा: और जो कुछ तू मुझे दे उसका दशमांश मैं अवश्य ही तुझे दिया करूंगा।।
- 2 Chronicles 5:14 2 इतिहास 5:14और बादल के कारण याजक लोग सेवा- टहल करने को खड़े न रह सके, क्योंकि यहोवा का तेज परमेश्वर के भवन में भर गया था।
- Judges 13:22 न्यायियों 13:22तब मानोह ने अपनी पत्नी से कहा, हम निश्चय मर जाएंगे, क्योंकि हम ने परमेश्वर का दर्शन पाया है।
- Luke 2:9 लूका 2:9और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।
- 1 Peter 4:17 1 पतरस 4:17क्योंकि वह समय आ पहुंचा है, कि पहिले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए, और जब कि न्याय का आरम्भ हम ही से होगा तो उन का क्या अन्त होगा जो परमेश्वर के सुसमाचार को नहीं मानते?
- Revelation 1:17 प्रकाशितवाक्य 1:17जब मै ने उसे देखा, तो उसके पैरों पर मुर्दा सा गिर पड़ा और उस ने मुझ पर अपना दहिना हाथ रखकर यह कहा, कि मत डर; मैं प्रथम और अन्तिम और जीवता हूं।
- Hebrews 10:21 इब्रानियों 10:21और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
- Matthew 17:6 मत्ती 17:6चेले यह सुनकर मुंह के बल गिर गए और अत्यन्त डर गए।