Genesis · chapter 35 · verse 1
Genesis 35:1 in Hindi
तब परमेश्वर ने याकूब से कहा, यहां से कूच करके बेतेल को जा, और वहीं रह: और वहां ईश्वर के लिये वेदी बना, जिस ने तुझे उस समय दर्शन दिया, जब तू अपने भाई एसाव के डर से भागा जाता था।
Tab parameshvar ne yaakoob se kahaa, yahaam se kooch karake betel ko jaa, aur vaheem rah: aur vahaam eeshvar ke liye vedee banaa, jis ne tujhe us samay darshan diyaa, jab too apane bhaaee esaav ke dar se bhaagaa jaataa thaa.
Genesis 35:1 in English
- King James Version (KJV)
- And God said unto Jacob, Arise, go up to Beth-el, and dwell there: and make there an altar unto God, that appeared unto thee when thou fleddest from the face of Esau thy brother.
- World English Bible (WEB)
- God said to Jacob, “Arise, go up to Bethel, and live there. Make there an altar to God, who appeared to you when you fled from the face of Esau your brother.”
- American Standard Version (ASV)
- And God said unto Jacob, Arise, go up to Beth-el, and dwell there: and make there an altar unto God, who appeared unto thee when thou fleddest from the face of Esau thy brother.
- Bible in Basic English (BBE)
- And God said to Jacob, Go up now to Beth-el and make your living-place there: and put up an altar there to the God who came to you when you were in flight from your brother Esau.
- Darby Translation (DBY)
- And God said to Jacob, Arise, go up to Bethel, and dwell there, and make there an altar unto the God that appeared unto thee when thou fleddest from the face of Esau thy brother.
- Webster's Bible (WBS)
- And God said to Jacob, Arise, go up to Beth-el, and dwell there: and make there an altar to God, who appeared to thee when thou fleddest from the face of Esau thy brother.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And God saith unto Jacob, 'Rise, go up to Bethel, and dwell there, and make there an altar to God, who appeared unto thee in thy fleeing from the face of Esau thy brother.'
Read in context
- 1तब परमेश्वर ने याकूब से कहा, यहां से कूच करके बेतेल को जा, और वहीं रह: और वहां ईश्वर के लिये वेदी बना, जिस ने तुझे उस समय दर्शन दिया, जब तू अपने भाई एसाव के डर से भागा जाता था।
- 2तब याकूब ने अपने घराने से, और उन सब से भी जो उसके संग थे, कहा, तुम्हारे बीच में जो पराए देवता हैं, उन्हें निकाल फेंको; और अपने अपने को शुद्ध करो, और अपने वस्त्रा बदल डालो;
- 3और आओ, हम यहां से कूच करके बेतेल को जाएं; वहां मैं ईश्वर के लिये एक वेदी बनाऊंगा, जिस ने संकट के दिन मेरी सुन ली, और जिस मार्ग से मैं चलता था, उस में मेरे संग रहा।
Cross references
- Genesis 31:13 उत्पत्ति 31:13मैं उस बेतेल का ईश्वर हूं, जहां तू ने एक खम्भे पर तेल डाल दिया, और मेरी मन्नत मानी थी: अब चल, इस देश से निकलकर अपनी जन्मभूमि को लौट जा।
- Hosea 12:4 होशे 12:4वह दूत से लड़ा, और जीत भी गया, वह रोया और उस ने गिड़गिड़ाकर बिनती की। बेतेल में वह उसको मिला, और वहीं उस ने हम से बातें की।
- Psalm 91:15 भजन संहिता 91:15जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचाकर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा।
- Genesis 31:3 उत्पत्ति 31:3तब यहोवा ने याकूब से कहा, अपने पितरों के देश और अपनी जन्मभूमि को लौट जा, और मैं तेरे संग रहूंगा।
- Genesis 35:7 उत्पत्ति 35:7वहां उस ने एक वेदी बनाई, और उस स्थान का नाम एलबेतेल रखा; क्योंकि जब वह अपने भाई के डर से भागा जाता था तब परमेश्वर उस पर वहीं प्रगट हुआ था।
- Deuteronomy 32:36 व्यवस्थाविवरण 32:36क्योंकि जब यहोवा देखेगा कि मेरी प्रजा की शक्ति जाती रही, और क्या बन्धुआ और क्या स्वाधीन, उन में कोई बचा नहीं रहा, तब यहोवा अपने लोगों का न्याय करेगा, और अपने दासों के विषय में तरस खाएगा।।
- Psalm 47:4 भजन संहिता 47:4वह हमारे लिये उत्तम भाग चुन लेगा, जो उसके प्रिय याकूब के घमण्ड का कारण है।।
- Exodus 2:15 निर्गमन 2:15जब फिरौन ने यह बात सुनी तब मूसा को घात करने की युक्ति की। तब मूसा फिरौन के साम्हने से भागा, और मिद्यान देश में जाकर रहने लगा; और वह वहां एक कुएं के पास बैठ गया।
- Genesis 13:3–4 उत्पत्ति 13:3–4फिर वह दक्खिन देश से चलकर, बेतेल के पास उसी स्थान को पहुंचा, जहां उसका तम्बू पहले पड़ा था, जो बेतेल और ऐ के बीच में है। यह स्थान उस वेदी का है, जिसे उस ने पहले बनाई थी, और वहां अब्राम ने फिर यहोवा से प्रार्थना की।
- Genesis 16:8 उत्पत्ति 16:8हे सारै की लौंडी हाजिरा, तू कहां से आती और कहां को जाती है? उस ने कहा, मैं अपनी स्वामिनी सारै के साम्हने से भग आई हूं।
- Genesis 28:10–22 उत्पत्ति 28:10–22सो याकूब बेर्शेबा से निकलकर हारान की ओर चला। और उस ने किसी स्थान में पहुंचकर रात वहीं बिताने का विचार किया, क्योंकि सूर्य अस्त हो गया था; सो उस ने उस स्थान के पत्थरों में से एक पत्थर ले अपना तकिया बनाकर रखा, और उसी स्थान में सो गया। तब उस ने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं। और यहोवा उसके ऊपर खड़ा होकर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा। और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे। और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा। तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था। और भय खाकर उस ने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा। भोर को याकूब तड़के उठा, और अपने तकिए का पत्थर लेकर उसका खम्भा खड़ा किया, और उसके सिरे पर तेल डाल दिया। और उस ने उस स्थान का नाम बेतेल रखा; पर उस नगर का नाम पहिले लूज था। और याकूब ने यह मन्नत मानी, कि यदि परमेश्वर मेरे संग रहकर इस यात्रा में मेरी रक्षा करे, और मुझे खाने के लिये रोटी, और पहिनने के लिये कपड़ा दे, और मैं अपने पिता के घर में कुशल क्षेम से लौट आऊं: तो यहोवा मेरा परमेश्वर ठहरेगा। और यह पत्थर, जिसका मैं ने खम्भा खड़ा किया है, परमेश्वर का भवन ठहरेगा: और जो कुछ तू मुझे दे उसका दशमांश मैं अवश्य ही तुझे दिया करूंगा।।
- Genesis 12:8 उत्पत्ति 12:8फिर वहां से कूच करके, वह उस पहाड़ पर आया, जो बेतेल के पूर्व की ओर है; और अपना तम्बू उस स्थान में खड़ा किया जिसकी पच्छिम की ओर तो बेतेल, और पूर्व की ओर ऐ है; और वहां भी उस ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई: और यहोवा से प्रार्थना की
Original words (Hebrew)
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Jacob · H3290יַעֲקֹב Yaʻăqôb
- Arise · H6965קוּם qûwm
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- Beth-el · H1008בֵּית־אֵל Bêyth-ʼÊl
- dwell · H3427יָשַׁב yâshab
- make · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- altar · H4196מִזְבֵּחַ mizbêach
- God · H410אֵל ʼêl
- appeared · H7200רָאָה râʼâh
- fleddest · H1272בָּרַח bârach
- face · H6440פָּנִים pânîym
- Esau · H6215עֵשָׂו ʻÊsâv
- brother · H251אָח ʼâch