Matthew · chapter 17 · verse 6
Matthew 17:6 in Hindi
चेले यह सुनकर मुंह के बल गिर गए और अत्यन्त डर गए।
Chele yah sunakar munh ke bal gir gae aur atyant dar gae.
Matthew 17:6 in English
- King James Version (KJV)
- And when the disciples heard [it], they fell on their face, and were sore afraid.
- World English Bible (WEB)
- When the disciples heard it, they fell on their faces, and were very afraid.
- American Standard Version (ASV)
- And when the disciples heard it, they fell on their face, and were sore afraid.
- Bible in Basic English (BBE)
- And at these words the disciples went down on their faces in great fear.
- Darby Translation (DBY)
- And the disciples hearing [it] fell upon their faces, and were greatly terrified.
- Webster's Bible (WBS)
- And when the disciples heard [it] , they fell on their face, and were in great fear.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the disciples having heard, did fall upon their face, and were exceedingly afraid,
Read in context
- 4इस पर पतरस ने यीशु से कहा, हे प्रभु, हमारा यहां रहना अच्छा है; इच्छा हो तो यहां तीन मण्डप बनाऊं; एक तेरे लिये, एक मूसा के लिये, और एक एलिरयाह के लिये।
- 5वह बोल ही रहा था, कि देखो, एक उजले बादल ने उन्हें छा लिया, और देखो; उस बादल में से यह शब्द निकला, कि यह मेरा प्रिय पुत्रा है, जिस से मैं प्रसन्न हूं: इस की सुनो।
- 6चेले यह सुनकर मुंह के बल गिर गए और अत्यन्त डर गए।
- 7यीशु ने पास आकर उन्हें छूआ, और कहा, उठो; डरो मत।
- 8तब उन्हों ने अपनी आंखे उठाकर यीशु को छोड़ और किसी को न देखा।
Cross references
- Acts 26:14 प्रेरितों के काम 26:14और जब हम सब भूमि पर गिर पड़े, तो मैं ने इब्रानी भाषा में, मुझ से यह कहते हुए यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? पैने पर लात मारना तेरे लिये कठिन है।
- 2 Peter 1:18 2 पतरस 1:18और जब हम उसके साथ पवित्रा पहाड़ पर थे, तो स्वर्ग से यही वाणी आते सुना।
- Judges 13:20 न्यायियों 13:20अर्थात् जब लौ उस वेदी पर से आकाश की ओर उठ रही थी, तब यहोवा का दूत उस वेदी की लौ में होकर मानोह और उसकी पत्नी के देखते देखते चढ़ गया; तब वे भूमि पर मुंह के बल गिरे।
- Leviticus 9:24 लैव्यव्यवस्था 9:24और यहोवा के साम्हने से आग निकलकर चरबी सहित होमबलि को वेदी पर भस्म कर दिया; इसे देखकर जनता ने जय जयकार का नारा मारा, और अपने अपने मुंह के बल गिरकर दण्डवत किया।।
- Ezekiel 3:23 यहेजकेल 3:23तब मैं उठकर मैदान में गया, और वहां क्या देखा, कि यहोवा का प्रताप जैसा मुझे कबार नदी के तीर पर, वैसा ही यहां भी दिखाई पड़ता है; और मैं मुंह के बल गिर पड़ा।
- Daniel 8:17 दानिय्येल 8:17तब जहां मैं खड़ा था, वहां वह मेरे निकट आया; औश्र उसके आते ही मैं घबरा गया, और मुंह के बल गिर पड़ा। तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, उन देखी हुई बातों को समझ ले, क्योंकि उसका अर्थ अन्त ही के समय में फलेगा।।
- Ezekiel 43:3 यहेजकेल 43:3और यह दर्शन उस दर्शन के तुल्य था, जो मैं ने उसे नगर के नाश करने को आते समय देखा था; और उस दर्शन के समान, जो मैं ने कबार नदी के तीर पर देखा था; और मैं मुंह के बल गिर पड़ा।
- 1 Chronicles 21:16 1 इतिहास 21:16और दाऊद ने आंखें उठाकर देखा, कि यहोवा का दूत हाथ में खींची हुई और यरूशलेम के ऊपर बढ़ाई हुई एक तलवार लिये हुए आकाश के बीच खड़ा है, तब दाऊद और पुरनिये टाट पहिने हुए मुंह के बल गिरे।
- Daniel 10:16–17 दानिय्येल 10:16–17तब मनुष्य के सन्तान के समान किसी ने मेरे ओंठ छुए, और मैं मुंह खोलकर बालने लगा। और जो मेरे साम्हने खड़ा था, उस से मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु, दर्शन की बातों के कारण मुझ को पीड़ा सी उठी, और मुझ में कुछ भी बल नहीं रहा। सो प्रभु का दास, अपने प्रभु के साथ क्योंकर बातें कर सके? क्योंकि मेरी देह में ने तो कुछ बल रहा, और न कुछ सांस ही रह गई।।
- Acts 22:7 प्रेरितों के काम 22:7और मैं भूमि पर गिर पड़ा: और यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? मैं ने उत्तर दिया, कि हे प्रभु, तू कौन है?
- Judges 13:22 न्यायियों 13:22तब मानोह ने अपनी पत्नी से कहा, हम निश्चय मर जाएंगे, क्योंकि हम ने परमेश्वर का दर्शन पाया है।
- Daniel 10:7–9 दानिय्येल 10:7–9उसको केवल मुझ दानिरयेल ही ने देखा, और मेरे संगी मनुष्यों को उसका कुछ भी दर्शन न हुआ; परन्तु वे बहुत ही थरथराने लगे, और छिपने के लिये भाग गए। तब मैं अकेला रहकर यह अद्भुत दर्शन देखता रहा, इस से मेरा बल जाता रहा; मैं भयातुर हो गया, और मुझ में कुछ भी बल न रहा। तौभी मैं ने उस पुरूष के वचनों का शब्द सुना, और जब वह मुझे सुन पड़ा तब मैं मुंह के बल गिर गया और गहरी नींद में भूमि पर औंधे मुंह पड़ा रहा।।