Genesis · chapter 4 · verse 11
Genesis 4:11 in Hindi
इसलिये अब भूमि जिस ने तेरे भाई का लोहू तेरे हाथ से पीने के लिये अपना मुंह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है।
Isaliye ab bhoomi jis ne tere bhaaee kaa lohoo tere haath se peene ke liye apanaa munh kholaa hai, usakee or se too shaapit hai.
Genesis 4:11 in English
- King James Version (KJV)
- And now [art] thou cursed from the earth, which hath opened her mouth to receive thy brother’s blood from thy hand;
- World English Bible (WEB)
- Now you are cursed because of the ground, which has opened its mouth to receive your brother’s blood from your hand.
- American Standard Version (ASV)
- And now cursed art thou from the ground, which hath opened its mouth to receive thy brother’s blood from thy hand;
- Bible in Basic English (BBE)
- And now you are cursed from the earth, whose mouth is open to take your brother's blood from your hand;
- Darby Translation (DBY)
- And now be thou cursed from the ground, which hath opened its mouth to receive thy brother's blood from thy hand.
- Webster's Bible (WBS)
- And now [art] thou cursed from the earth, which hath opened her mouth to receive thy brother's blood from thy hand;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and now, cursed [art] thou from the ground, which hath opened her mouth to receive the blood of thy brother from thy hand;
Read in context
- 9तब यहोवा ने कैन से पूछा, तेरा भाई हाबिल कहां है? उस ने कहा मालूम नहीं: क्या मै अपने भाई का रखवाला हूं?
- 10उस ने कहा, तू ने क्या किया है? तेरे भाई का लोहू भूमि में से मेरी ओर चिल्लाकर मेरी दोहाई दे रहा है!
- 11इसलिये अब भूमि जिस ने तेरे भाई का लोहू तेरे हाथ से पीने के लिये अपना मुंह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है।
- 12चाहे तू भूमि पर खेती करे, तौभी उसकी पूरी उपज फिर तुझे न मिलेगी, और तू पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा होगा।
- 13तब कैन ने यहोवा से कहा, मेरा दण्ड सहने से बाहर है।
Cross references
- Galatians 3:10 गलातियों 3:10सो जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब स्त्राप के आधीन हैं, क्योंकि लिखा है, कि जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह स्त्रापित है।
- Job 16:18 अय्यूब 16:18हे पृथ्वी, तू मेरे लोहू को न ढांपना, और मेरी दोहाई कहीं न रूके।
- Deuteronomy 28:15–20 व्यवस्थाविवरण 28:15–20परन्तु यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की बात न सुने, और उसकी सारी आज्ञाओं और विधियों के पालने में जो मैं आज सुनाता हूं चौकसी नहीं करेगा, तो ये सब शाप तुझ पर आ पड़ेंगे। अर्थात् शापित हो तू नगर में, शापित हो तू खेत में। शापित हो तेरी टोकरी और तेरी कठौती। शापित हो तेरी सन्तान, और भूमि की उपज, और गायों और भेड़- बकरियों के बच्चे। शापित हो तू भीतर आते समय, और शापित हो तू बाहर जाते समय। फिर जिस जिस काम में तू हाथ लगाए, उस में यहोवा तब तक तुझ को शाप देता, और भयातुरं करता, और धमकी देता रहेगा, जब तक तू मिट न जाए, और शीघ्र नष्ट न हो जाए; यह इस कारण होगा कि तू यहोवा को त्यागकर दुष्ट काम करेगा।
- Genesis 3:14 उत्पत्ति 3:14तब यहोवा परमेश्वर ने सर्प से कहा, तू ने जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पशुओं, और सब बनैले पशुओं से अधिक शापित है; तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मिट्टी चाटता रहेगा:
- Job 31:38–40 अय्यूब 31:38–40यदि मेरी भूमि मेरे विरूद्ध दोहाई देती हो, और उसकी रेघारियां मिलकर रोती हों; यदि मैं ने अपनी भूमि की उपज बिना मजूरी दिए खई, वा उसके मालिक का प्राण लिया हो; तो गेहूं के बदले झड़बेड़ी, और जव के बदले जंगली घास उगें! अरयूब के वचन पूरे हुए हैं।
- Genesis 4:14 उत्पत्ति 4:14देख, तू ने आज के दिन मुझे भूमि पर से निकाला है और मै तेरी दृष्टि की आड़ मे रहूंगा और पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा रहूंगा; और जो कोई मुझे पाएगा, मुझे घात करेगा।
- Deuteronomy 29:19–21 व्यवस्थाविवरण 29:19–21और ऐसा मनुष्य इस शाप के वचन सुनकर अपने को आशीर्वाद के योग्य माने, और यह सोचे कि चाहे मैं अपने मन के हठ पर चलूं, और तृप्त होकर प्यास को मिटा डालूं, तौभी मेरा कुशल होगा। यहोवा उसका पाप क्षमा नहीं करेगा, वरन यहोवा के कोप और जलन का धुंआ उसको छा लेगा, और जितने शाप इस पुस्तक में लिखें हैं वे सब उस पर आ पड़ेंगे, और यहोवा उसका नाम धरती पर से मिटा देगा। और व्यवस्था की इस पुस्तक में जिस वाचा की चर्चा है उसके सब शापों के अनुसार यहोवा उसको इस्राएल के सब गोत्रों में से हानि के लिये अलग करेगा।
- Revelation 12:16 प्रकाशितवाक्य 12:16परन्तु पृथ्वी ने उस स्त्री की सहायता की, और अपना मुंह खोलकर उस नदी को जो अजगर ने अपने मुंह से बहाई थी, पी लिया।
- Isaiah 26:21 यशायाह 26:21क्योंकि देखो, यहोवा पृथ्वी निवासियों को अधर्म का दण्ड देने के लिये अपने स्थान से चला आता है, और पृथ्वी अपना खून प्रगट करेगी और घात किए हुओं को और अधिक न छिपा रखेगी।।
- Deuteronomy 27:16–26 व्यवस्थाविवरण 27:16–26शापित हो वह जो अपने पिता वा माता को तुच्छ जाने। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी दूसरे के सिवाने को हटाए। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अन्धे को मार्ग से भटका दे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो परेदशी, अनाथ, वा विधवा का न्याय बिगाड़े। तब सब लोग कहें आमीन।। शापित हो वह जो अपनी सौतेली माता से कुकर्म करे, क्योंकि वह अपने पिता का ओढ़ना उघारता है। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी प्रकार के पशु से कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अपनी बहिन, चाहे सगी हो चाहे सौतेली, उस से कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अपनी सास के संग कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी को छिपकर मारे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो निर्दोष जन के मार डालने के लिये धन ले। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो इस व्यवस्था के वचनों को मानकर पूरा न करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।