Genesis · chapter 41 · verse 57
Genesis 41:57 in Hindi
सो सारी पृथ्वी के लोग मि में अन्न मोल लेने के लिये यूसुफ के पास आने लगे, क्योंकि सारी पृथ्वी पर भयंकर अकाल था।
So saaree pruthvee ke log mi mem ann mol lene ke liye yoosuph ke paas aane lage, kyonki saaree pruthvee par bhayankar akaal thaa.
Genesis 41:57 in English
- King James Version (KJV)
- And all countries came into Egypt to Joseph for to buy [corn;] because that the famine was [so] sore in all lands.
- World English Bible (WEB)
- All countries came into Egypt, to Joseph, to buy grain, because the famine was severe in all the earth.
- American Standard Version (ASV)
- And all countries came into Egypt to Joseph to buy grain, because the famine was sore in all the earth.
- Bible in Basic English (BBE)
- And all lands sent to Egypt, to Joseph, to get grain, for the need was great over all the earth.
- Darby Translation (DBY)
- And all countries came into Egypt to Joseph, to buy [grain], because the famine was grievous on the whole earth.
- Webster's Bible (WBS)
- And all countries came into Egypt to Joseph to buy [corn]; because the famine was distressing in all lands.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and all the earth hath come to Egypt, to buy, unto Joseph, for the famine was severe in all the earth.
Read in context
- 55जब मि का सारा देश भूखों मरने लगा; तब प्रजा फिरोन से चिल्ला चिल्लाकर रोटी मांगने लगी: और वह सब मिस्त्रियों से कहा करता था, यूसुफ के पास जाओ: और जो कुछ वह तुम से कहे, वही करो।
- 56सो जब अकाल सारी पृथ्वी पर फैल गया, और मि देश में काल का भयंकर रूप हो गया, तब यूसुफ सब भण्डारों को खोल खोलके मिस्त्रियों के हाथ अन्न बेचने लगा।
- 57सो सारी पृथ्वी के लोग मि में अन्न मोल लेने के लिये यूसुफ के पास आने लगे, क्योंकि सारी पृथ्वी पर भयंकर अकाल था।
Cross references
- Genesis 41:56 उत्पत्ति 41:56सो जब अकाल सारी पृथ्वी पर फैल गया, और मि देश में काल का भयंकर रूप हो गया, तब यूसुफ सब भण्डारों को खोल खोलके मिस्त्रियों के हाथ अन्न बेचने लगा।
- Genesis 41:54 उत्पत्ति 41:54और यूसुफ के कहने के अनुसार सात वर्षों के लिये अकाल आरम्भ हो गया। और सब देशों में अकाल पड़ने लगा; परन्तु सारे मि देश में अन्न था।
- Genesis 42:1 उत्पत्ति 42:1पूरे दो बरस के बीतने पर फिरौन ने यह स्वप्न देखा, कि वह नील नदी के किनारे पर खड़ा है।
- Genesis 42:5 उत्पत्ति 42:5और वह फिर सो गया और दूसरा स्वप्न देखा, कि एक डंठी में से सात मोटी और अच्छी अच्छी बालें निकलीं।
- Psalm 105:16–17 भजन संहिता 105:16–17फिर उस ने उस देश में अकाल भेजा, और अन्न के सब आधार को दूर कर दिया। उस ने यूसुफ नाम एक पुरूष को उन से पहिले भेजा था, जो दास होने के लिये बेचा गया था।
- Genesis 50:20 उत्पत्ति 50:20यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था; परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं।
- Deuteronomy 9:28 व्यवस्थाविवरण 9:28जिस से ऐसा न हो कि जिस देश से तू हम को निकालकर ले आया है, वहां से लोग कहने लगें, कि यहोवा उन्हें उस देश में जिसके देश का वचन उनको दिया था नहीं पहुंचा सका, और उन से बैर भी रखता था, इसी कारण उस ने उन्हें जंगल में निकालकर मार डाला है।