Psalms · chapter 105 · verse 16
Psalm 105:16 in Hindi
फिर उस ने उस देश में अकाल भेजा, और अन्न के सब आधार को दूर कर दिया।
Phir us ne us desh mem akaal bhejaa, aur ann ke sab aadhaar ko door kar diyaa.
Psalm 105:16 in English
- King James Version (KJV)
- Moreover he called for a famine upon the land: he brake the whole staff of bread.
- World English Bible (WEB)
- He called for a famine on the land. He destroyed the food supplies.
- American Standard Version (ASV)
- And he called for a famine upon the land; He brake the whole staff of bread.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he took away all food from the land, so that the people were without bread.
- Darby Translation (DBY)
- And he called for a famine upon the land; he broke the whole staff of bread.
- Webster's Bible (WBS)
- Moreover he called for a famine upon the land: he broke the whole staff of bread.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He calleth a famine on the land, The whole staff of bread He hath broken.
Read in context
- 14परन्तु उस ने किसी मनुष्य को उन पर अन्धेर करने न दिया; और वह राजाओं को उनके निमित्त यह धमकी देता था,
- 15कि मेरे अभिषिक्तों को मत छुओं, और न मेरे नबियों की हानि करो!
- 16फिर उस ने उस देश में अकाल भेजा, और अन्न के सब आधार को दूर कर दिया।
- 17उस ने यूसुफ नाम एक पुरूष को उन से पहिले भेजा था, जो दास होने के लिये बेचा गया था।
- 18लोंगों ने उसके पैरों में बेड़ियां डालकर उसे दु:ख दिया; वह लोहे की सांकलों से जकड़ा गया;
Cross references
- Ezekiel 4:16 यहेजकेल 4:16फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं यरूशलेम में अन्नरूपी आधार को दूर करूंगा; सो वहां के लोग तौल तोलकर और चिन्ता कर करके रोटी खाया करेंगे; और माप मापकर और विस्मित हो होकर पानी पिया करेंगे।
- Isaiah 3:1 यशायाह 3:1सुनों, प्रभु सेनाओं का यहोवा यरूशलेम और यहूदा का सब प्रकार का सहारा और सिरहाना अर्थात् अन्न का सारा आधार, और जल का सारा आधार दूर कर देगा;
- Genesis 41:54 उत्पत्ति 41:54और यूसुफ के कहने के अनुसार सात वर्षों के लिये अकाल आरम्भ हो गया। और सब देशों में अकाल पड़ने लगा; परन्तु सारे मि देश में अन्न था।
- Leviticus 26:26 लैव्यव्यवस्था 26:26और जब मैं तुम्हारे लिये अन्न के आधार को दूर कर डालूंगा, तब दस स्त्रियां तुम्हारी रोटी एक ही तंदूर में पकाकर तौल तौलकर बांट देंगी; और तुम खाकर भी तृप्त न होगे।।
- Acts 7:11 प्रेरितों के काम 7:11तब मिसर और कनान के सारे देश में अकाल पडा; जिस से भारी क्लेश हुआ, और हमारे बाप दादों को अन्न नहीं मिलता था।
- 2 Kings 8:1 2 राजा 8:1जिस स्त्री के बेटे को एलीशा ने जिलाया था, उस से उस ने कहा था कि अपने घराने समेत यहां से जाकर जहां कहीं तू रह सके वहां रह; क्योंकि यहोवा की इच्छा है कि अकाल पड़े, और वह इस देश में सात वर्ष तक बना रहेगा।
- Psalm 104:15 भजन संहिता 104:15और दाखमधु जिस से मनुष्य का मन आनन्दित होता है, और तेल जिस से उसका मुख चमकता है, और अन्न जिस से वह सम्भल जाता है।
- Genesis 47:13 उत्पत्ति 47:13और उस सारे देश में खाने को कुछ न रहा; क्योंकि अकाल बहुत भारी था, और अकाल के कारण मि और कनान दोनों देश नाश हो गए।
- Haggai 1:10–11 हाग्गै 1:10–11इस कारण आकाश से ओस गिरना और पृथ्वी से अन्न उपजना दोनों बन्द हैं। और मेरी आज्ञा से पृथ्वी और पहाड़ों पर, और अन्न और नये दाखमधु पर और ताजे तेल पर, और जो कुछ भूमि से उपजता है उस पर, और मनुष्यों और घरैलू पशुओं पर, और उनके परिश्रम की सारी कमाई पर भी अकाल पड़ा है।।
- Haggai 2:17 हाग्गै 2:17मैं ने तुम्हारी सारी खेती को लू और गरूई और ओलों से मारा, तौभी तुम मेरी ओर न फिरे, यहोवा की यही वाणी है।
- Amos 7:1–4 आमोस 7:1–4परमेश्वर यहोवा ने मुझे यह दिखाया, और मैं क्या देखता हूं कि उस ने पिछली घास के उगने के आरम्भ मे टिडि्डयां उत्पन्न की; और वह राजा की कटनी के बाद की पिछली घास थीं। जब वे घास खा चुकीं, तब मैं ने कहा, हे परमेश्वर यहोवा, क्षमा कर! नहीं तो याकूब कैसे स्थिर रह सकेगा? वह कितना निर्बल है! इसके विषय में यहोवा पछताया, और उस से कहा, ऐसी बात अब न होगी।। परमेश्वर यहोवा ने मुझे यह दिखाया: और क्या देखता हूं कि परमेश्वर यहोवा ने आग के द्वारा मुक मा लड़ने को पुकारा, और उस आग से महासागर सूख गया, और देश भी भस्म हुआ चाहता था।
- Genesis 41:25–32 उत्पत्ति 41:25–32तब यूसुफ ने फिरौन से कहा, फिरौन का स्वप्न एक ही है, परमेश्वर जो काम किया चाहता है, उसको उस ने फिरौन को जताया है। वे सात अच्छी अच्छी गायें सात वर्ष हैं; और वे सात अच्छी अच्छी बालें भी सात वर्ष हैं; स्वप्न एक ही है। फिर उनके पीछे जो दुर्बल और कुडौल गायें निकलीं, और जो सात छूछी और पुरवाई से मुरझाई हुई बालें निकाली, वे अकाल के सात वर्ष होंगे। यह वही बात है, जो मैं फिरौन से कह चुका हूं, कि परमेश्वर जो काम किया चाहता है, उसे उस ने फिरौन को दिखाया है। सुन, सारे मि देश में सात वर्ष तो बहुतायत की उपज के होंगे। उनके पश्चात् सात वर्ष अकाल के आयेंगे, और सारे मि देश में लोग इस सारी उपज को भूल जायेंगे; और अकाल से देश का नाश होगा। और सुकाल (बहुतायत की उपज) देश में फिर स्मरण न रहेगा क्योंकि अकाल अत्यन्त भयंकर होगा। और फिरौन ने जो यह स्वप्न दो बार देखा है इसका भेद यही है, कि यह बात परमेश्वर की ओर से नियुक्त हो चुकी है, और परमेश्वर इसे शीघ्र ही पूरा करेगा।