Genesis · chapter 43 · verse 21
Genesis 43:21 in Hindi
तब हम ने सराय में पहुंचकर अपने बोरों को खोला, तो क्या देखा, कि एक एक जन का पूरा पूरा रूपया उसके बोरे के मुंह में रखा है; इसलिये हम उसको अपने साथ फिर लेते आए हैं।
Tab ham ne saraay mem pahunchakar apane borom ko kholaa, to kyaa dekhaa, ki ek ek jan kaa pooraa pooraa roopayaa usake bore ke munh mem rakhaa hai; isaliye ham usako apane saath phir lete aae hain.
Genesis 43:21 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, when we came to the inn, that we opened our sacks, and, behold, [every] man’s money [was] in the mouth of his sack, our money in full weight: and we have brought it again in our hand.
- World English Bible (WEB)
- When we came to the lodging place, we opened our sacks, and behold, each man’s money was in the mouth of his sack, our money in full weight. We have brought it back in our hand.
- American Standard Version (ASV)
- and it came to pass, when we came to the lodging-place, that we opened our sacks, and, behold, every man’s money was in the mouth of his sack, our money in full weight: and we have brought it again in our hand.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when we came to our night's resting-place, on opening our bags we saw that every man's money was in the mouth of his bag, all our money in full weight: and we have it with us to give it back;
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass when we came to the inn, that we opened our sacks, and behold, [every] man's money was in the mouth of his sack, our money according to its weight; and we have brought it again in our hand.
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, when we came to the inn, that we opened our sacks, and behold, [every] man's money [was] in the mouth of his sack, our money in full weight: and we have brought it again in our hand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and it cometh to pass, when we have come in unto the lodging-place, and open our bags, that lo, each one's money [is] in the mouth of his bag, our money in its weight, and we bring it back in our hand;
Read in context
- 19तब वे यूसुफ के घर के अधिकारी के निकट जाकर घर के द्वार पर इस प्रकार कहने लगे,
- 20कि हे हमारे प्रभु, जब हम पहिली बार अन्न मोल लेने को आए थे,
- 21तब हम ने सराय में पहुंचकर अपने बोरों को खोला, तो क्या देखा, कि एक एक जन का पूरा पूरा रूपया उसके बोरे के मुंह में रखा है; इसलिये हम उसको अपने साथ फिर लेते आए हैं।
- 22और दूसरा रूपया भी भोजनवस्तु मोल लेने के लिये लाए हैं; हम नहीं जानते कि हमारा रूपया हमारे बोरों में किस ने रख दिया था।
- 23उस ने कहा, तुम्हारा कुशल हो, मत डरो: तुम्हारा परमेश्वर, जो तुम्हारे पिता का भी परमेश्वर है, उसी ने तुम को तुम्हारे बोरों में धन दिया होगा, तुम्हारा रूपया तो मुझ को मिल गया था: फिर उस ने शिमोन को निकालकर उनके संग कर दिया।
Cross references
- Genesis 43:12 उत्पत्ति 43:12फिर अपने अपने साथ दूना रूपया ले जाओ; और जो रूपया तुम्हारे बोरों के मुंह पर रखकर फेर दिया गया था, उसको भी लेते जाओ; कदाचित् यह भूल से हुआ हो।
- 1 Peter 2:12 1 पतरस 2:12अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जानकर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देखकर; उन्हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।।
- 1 Peter 3:16 1 पतरस 3:16और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में वे जो तुम्हारे मसीही अच्छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्जित हों।
- Romans 13:8 रोमियों 13:8आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदान न हो; क्योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है।
- Genesis 43:15 उत्पत्ति 43:15तब उन मनुष्यों ने वह भेंट, और दूना रूपया, और बिन्यामीन को भी संग लिया, और चल दिए और मि में पहुंचकर यूसुफ के साम्हने खड़े हुए।
- Hebrews 13:18 इब्रानियों 13:18हमारे लिये प्रार्थना करते रहो, क्योंकि हमें भरोसा है, कि हमारा विवेक शुद्ध है; और हम सब बातों में अच्छी चाल चलना चाहते हैं।
- Romans 12:17 रोमियों 12:17बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो।
- Hebrews 13:5 इब्रानियों 13:5तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।
- Genesis 42:27–35 उत्पत्ति 42:27–35फिर उनके पीछे जो दुर्बल और कुडौल गायें निकलीं, और जो सात छूछी और पुरवाई से मुरझाई हुई बालें निकाली, वे अकाल के सात वर्ष होंगे। यह वही बात है, जो मैं फिरौन से कह चुका हूं, कि परमेश्वर जो काम किया चाहता है, उसे उस ने फिरौन को दिखाया है। सुन, सारे मि देश में सात वर्ष तो बहुतायत की उपज के होंगे। उनके पश्चात् सात वर्ष अकाल के आयेंगे, और सारे मि देश में लोग इस सारी उपज को भूल जायेंगे; और अकाल से देश का नाश होगा। और सुकाल (बहुतायत की उपज) देश में फिर स्मरण न रहेगा क्योंकि अकाल अत्यन्त भयंकर होगा। और फिरौन ने जो यह स्वप्न दो बार देखा है इसका भेद यही है, कि यह बात परमेश्वर की ओर से नियुक्त हो चुकी है, और परमेश्वर इसे शीघ्र ही पूरा करेगा। इसलिये अब फिरौन किसी समझदार और बुद्धिमान् पुरूष को ढूंढ़ करके उसे मि देश पर प्रधानमंत्री ठहराए। फिरौन यह करे, कि देश पर अधिकारियों को नियुक्त करे, और जब तक सुकाल के सात वर्ष रहें तब तक वह मि देश की उपज का पंचमांश लिया करे। और वे इन अच्छे वर्षों में सब प्रकार की भोजनवस्तु इकट्ठा करें, और नगर नगर में भण्डार घर भोजन के लिये फिरौन के वश में करके उसकी रक्षा करें।
Original words (Hebrew)
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- inn · H4411מָלוֹן mâlôwn
- opened · H6605פָּתַח pâthach
- sacks · H572אַמְתַּחַת ʼamtachath
- man’s · H376אִישׁ ʼîysh
- money · H3701כֶּסֶף keçeph
- mouth · H6310פֶּה peh
- sack · H572אַמְתַּחַת ʼamtachath
- money · H3701כֶּסֶף keçeph
- weight · H4948מִשְׁקָל mishqâl
- again · H7725שׁוּב shûwb
- hand · H3027יָד yâd