Genesis · chapter 44 · verse 34
Genesis 44:34 in Hindi
क्योंकि लड़के के बिना संग रहे मैं क्योंकर अपने पिता के पास जा सकूंगा; ऐसा न हो कि मेरे पिता पर जो दु:ख पड़ेगा वह मुझे देखना पड़े॥
Kyonki ladake ke binaa sang rahe maim kyonkar apane pitaa ke paas jaa sakoongaa; aisaa na ho ki mere pitaa par jo du:kh padegaa vah mujhe dekhanaa pade
Genesis 44:34 in English
- King James Version (KJV)
- For how shall I go up to my father, and the lad [be] not with me? lest peradventure I see the evil that shall come on my father.
- World English Bible (WEB)
- For how will I go up to my father, if the boy isn’t with me?—lest I see the evil that will come on my father.”
- American Standard Version (ASV)
- For how shall I go up to my father, if the lad be not with me? lest I see the evil that shall come on my father.
- Bible in Basic English (BBE)
- For how may I go back to my father without the boy, and see the evil which will come on my father?
- Darby Translation (DBY)
- for how should I go up to my father if the lad were not with me? — lest I see the evil that would come on my father.
- Webster's Bible (WBS)
- For how shall I return to my father, and the lad [be] not with me? lest perhaps I see the evil that shall come on my father.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for how do I go up unto my father, and the youth not with me? lest I look on the evil which doth find my father.'
Read in context
- 32फिर तेरा दास अपने पिता के यहां यह कहके इस लड़के का जामिन हुआ है, कि यदि मैं इस को तेरे पास न पहुंचा दूं, तब तो मैं सदा के लिये तेरा अपराधी ठहरूंगा।
- 33सो अब तेरा दास इस लड़के की सन्ती अपने प्रभु का दास हो कर रहने की आज्ञा पाए, और यह लड़का अपने भाइयों के संग जाने दिया जाए।
- 34क्योंकि लड़के के बिना संग रहे मैं क्योंकर अपने पिता के पास जा सकूंगा; ऐसा न हो कि मेरे पिता पर जो दु:ख पड़ेगा वह मुझे देखना पड़े॥
Cross references
- Esther 8:6 एस्तेर 8:6क्योंकि मैं अपने जाति के लोगों पर पड़नेवाली उस विपत्ति को किस रीति से देख सकूंगी? और मैं अपने भाइयों के विनाश को क्योंकर देख सकूंगी?
- Psalm 116:3 भजन संहिता 116:3मृत्यु की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं; मैं अधोलोक की सकेती में पड़ा था; मुझे संकट और शोक भोगना पड़ा।
- 1 Samuel 2:33–34 1 शमूएल 2:33–34मैं तेरे कुल के सब किसी से तो अपनी वेदी की सेवा न छीनूंगा, परन्तु तौभी तेरी आंखें देखती रह जाएंगी, और तेरा मन शोकित होगा, और तेरे घर की बढ़ती सब अपनी पूरी जवानी ही में मर मिटेंगें। और मेरी इस बात का चिन्ह वह विपत्ति होगी जो होप्नी और पीनहास नाम तेरे दोनों पुत्रों पर पड़ेगी; अर्थात् वे दोनो के दोनों एक ही दिन मर जाएंगे।
- Job 31:29 अय्यूब 31:29यदि मैं अपने बैरी के नाश से आनन्दित होता, वा जब उस पर विपत्ति पड़ी तब उस पर हंसा होता;
- Psalm 119:143 भजन संहिता 119:143मैं संकट और सकेती में फंसा हूं, परन्तु मैं तेरी आज्ञाओं से सुखी हूं।
- 2 Chronicles 34:28 2 इतिहास 34:28सुन, मैं तुझे तेरे पुरखाओं के संग ऐसा मिलाऊंगा कि तू शांति से अपनी कब्र को पहुंचाया जायगा; और जो विपत्ति मैं इस स्थान पर, और इसके निवासियों पर डालना चाहता हूँ, उस में से तुझे अपनी आंखों से कुछ भी देखना न पड़ेगा। तब उन लोगों ने लौटकर राजा को यही सन्देश दिया।
- Exodus 18:8 निर्गमन 18:8वहां मूसा ने अपने ससुर से वर्णन किया, कि यहोवा ने इस्त्राएलियों के निमित्त फिरौन और मिस्त्रियों से क्या क्या किया, और इस्त्राएलियों ने मार्ग में क्या क्या कष्ट उठाया, फिर यहोवा उन्हें कैसे कैसे छुड़ाता आया है।
- Jeremiah 52:10–11 यिर्मयाह 52:10–11बाबुल के राजा ने सिदकिरयाह के पुत्रों को उसके साम्हने घात किया, और यहूदा के सारे हाकिमों को भी रिबला में घात किया। फिर बाबुल के राजा ने सिदकिरयाह की आंखों को फुड़वा डाला, और उसको बेड़ियों से जकड़कर बाबुल तक ले गया, और उसको बन्दीगृह में डाल दिया। सो वह मृत्यु के दिन तक वहीं रहा।