Psalms · chapter 116 · verse 3
Psalm 116:3 in Hindi
मृत्यु की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं; मैं अधोलोक की सकेती में पड़ा था; मुझे संकट और शोक भोगना पड़ा।
Mrutyu kee rassiyaam mere chaarom or theem; maim adholok kee saketee mem padaa thaa; mujhe sankat aur shok bhoganaa padaa.
Psalm 116:3 in English
- King James Version (KJV)
- The sorrows of death compassed me, and the pains of hell gat hold upon me: I found trouble and sorrow.
- World English Bible (WEB)
- The cords of death surrounded me, the pains of Sheol got a hold of me. I found trouble and sorrow.
- American Standard Version (ASV)
- The cords of death compassed me, And the pains of Sheol gat hold upon me: I found trouble and sorrow.
- Bible in Basic English (BBE)
- The nets of death were round me, and the pains of the underworld had me in their grip; I was full of trouble and sorrow.
- Darby Translation (DBY)
- The bands of death encompassed me, and the anguish of Sheol took hold of me; I found trouble and sorrow:
- Webster's Bible (WBS)
- The sorrows of death encompassed me, and the pains of hell came upon me: I found trouble and sorrow.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Compassed me have cords of death, And straits of Sheol have found me, Distress and sorrow I find.
Read in context
- 1मैं प्रेम रखता हूं, इसलिये कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है।
- 2उस ने जो मेरी ओर कान लगाया है, इसलिये मैं जीवन भर उसको पुकारा करूंगा।
- 3मृत्यु की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं; मैं अधोलोक की सकेती में पड़ा था; मुझे संकट और शोक भोगना पड़ा।
- 4तब मैं ने यहोवा से प्रार्थना की, कि हे यहोवा बिनती सुनकर मेरे प्राण को बचा ले!
- 5यहोवा अनुग्रहकारी और धर्मी है; और हमारा परमेश्वर दया करनेवाला है।
Cross references
- Psalm 38:6 भजन संहिता 38:6मैं बहुत दुखी हूं और झूक गया हूं; दिन भर मैं शौक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं।
- Psalm 18:4–6 भजन संहिता 18:4–6मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया; पाताल की रस्सियां मेरे चारो ओर थीं, और मृत्यु के फन्दे मुझ पर आए थे। अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा; मैं ने अपने परमेश्वर को दोहाई दी। और उस ने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।।
- Psalm 88:6–7 भजन संहिता 88:6–7तू ने मुझे गड़हे के तल ही में, अन्धेरे और गहिरे स्थान में रखा है। तेरी जलजलाहट मुझी पर बनी हुई है, और तू ने अपने सब तरंगों से मुझे दु:ख दिया है;
- Psalm 32:3–4 भजन संहिता 32:3–4जब मैं चुप रहा तक दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई। क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई।।
- Luke 22:44 लूका 22:44और वह अत्यन्त संकट में व्याकुल होकर और भी हृदय वेदना से प्रार्थना करने लगा; और उसका पसीना मानो लोहू की बड़ी बड़ी बून्दों की नाई भूमि पर गिर रहा था।
- Jonah 2:2–3 योना 2:2–3मैं ने संकट में पड़े हुए यहोवा की दोहाई दी, और उस ने मेरी सुन ली है; अधोलोक के उदर में से मैं चिल्ला उठा, और तू ने मेरी सुन ली। तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी भड़काई हुई सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं।
- Hebrews 5:7 इब्रानियों 5:7उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।
- Isaiah 53:3–4 यशायाह 53:3–4वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।। निश्चय उस ने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा- कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा।
- Mark 14:33–36 मरकुस 14:33–36और वह पतरस और याकूब और यूहन्ना को अपने साथ ले गया: और बहुत ही अधीर, और व्याकुल होने लगा। और उन से कहा; मेरा मन बहुत उदास है, यहां तक कि मैं मरने पर हूं: तुम यहां ठहरो, और जागते रहो। और वह थोड़ा आगे बढ़ा, और भूमि पर गिरकर प्रार्थना करने लगा, कि यदि हो सके तो यह घड़ी मुझ पर से टल जाए। और कहा, हे अब्बा, हे पिता, तुझ से सब कुछ हो सकता है; इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले: तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, पर जो तू चाहता है वही हो।