Job · chapter 31 · verse 29
Job 31:29 in Hindi
यदि मैं अपने बैरी के नाश से आनन्दित होता, वा जब उस पर विपत्ति पड़ी तब उस पर हंसा होता;
Yadi maim apane bairee ke naash se aanandit hotaa, vaa jab us par vipatti padee tab us par hansaa hotaa;
Job 31:29 in English
- King James Version (KJV)
- If I rejoiced at the destruction of him that hated me, or lifted up myself when evil found him:
- World English Bible (WEB)
- “If I have rejoiced at the destruction of him who hated me, or lifted up myself when evil found him
- American Standard Version (ASV)
- If I have rejoiced at the destruction of him that hated me, Or lifted up myself when evil found him
- Bible in Basic English (BBE)
- If I was glad at the trouble of my hater, and gave cries of joy when evil overtook him;
- Darby Translation (DBY)
- If I rejoiced at the destruction of him that hated me, and exulted when evil befell him;
- Webster's Bible (WBS)
- If I have rejoiced at the destruction of him that hated me, or have lifted up myself when evil found him:
- Young's Literal Translation (YLT)
- If I rejoice at the ruin of my hater, And stirred up myself when evil found him,
Read in context
- 27मैं मन ही मन मोहित हो गया होता, और अपने मुंह से अपना हाथ चूम लिया होता;
- 28तो यह भी न्यायियों से दणड पाने के योग्य अधर्म का काम होता; क्योंकि ऐसा करके मैं ने सर्वश्रेष्ठ ईश्वर का इनकार किया होता।
- 29यदि मैं अपने बैरी के नाश से आनन्दित होता, वा जब उस पर विपत्ति पड़ी तब उस पर हंसा होता;
- 30(परन्तु मैं ने न तो उसकी शाप देते हुए, और न उसके प्राणदणड की प्रार्थना करते हुए अपने मुंह से पाप किया है);
- 31यदि मेरे डेरे के रहनेवालों ने यह न कहा होता, कि ऐसा कोई कहां मिलेगा, जो इसके यहां का मांस खाकर तृप्त न हुआ हो?
Cross references
- Proverbs 24:17–18 नीतिवचन 24:17–18जब तेरा शत्रु गिर जाए तब तू आनन्दित न हो, और जब वह ठोकर खाए, तब तेरा मन मगन न हो। कहीं ऐसा न हो कि यहोवा यह देखकर अप्रसन्न हो और अपना क्रोध उस पर से हटा ले।।
- Proverbs 17:5 नीतिवचन 17:5जो निर्धन को ठट्ठों में उड़ाता है, वह उसके कर्त्ता की निन्दा करता है; और जो किसी की विपत्ति पर हंसता, वह निर्दोष नहीं ठहरेगा।
- Obadiah 1:12 ओबद्याह 1:12परन्तु तुझे उचित न था कि तू अपने भाई के दिन में, अर्थात् उसकी विपत्ति के दिन में उसकी ओर देखता रहता, और यहूदियों के नाश होने के दिन उनके ऊपर आनन्द करता, और उनके संकट के दिन बड़ा बोल बोलता।
- Psalm 35:13–14 भजन संहिता 35:13–14जब वे रोगी थे तब तो मैं टाट पहिने रहा, और उपवास कर करके दु:ख उठाता रहा; और मेरी प्रार्थना का फल मेरी गोद में लौट आया। मैं ऐसा भाव रखता था कि मानो वे मेरे संगी वा भाई हैं; जैसा कोई माता के लिये विलाप करता हो, वैसा ही मैं ने शोक का पहिरावा पहिने हुए सिर झुकाकर शोक किया।।
- Psalm 35:25–26 भजन संहिता 35:25–26वे मन में न कहने पाएं, कि आहा! हमारी तो इच्छा पूरी हुई! वह यह न कहें कि हम उसे निगल गए हैं।। जो मेरी हाति से आनन्दित होते हैं उनके मुंह लज्जा के मारे एक साथ काले हों! जो मेरे विरूद्ध बड़ाई मारते हैं वह लज्जा और अनादर से ढ़ंप जाएं!
- 2 Samuel 16:5–8 2 शमूएल 16:5–8जब दाऊद राजा बहूरीम तक पहुंचा, तब शाऊल का एक कुटुम्बी वहां से निकला, वह गेरा का पुत्रा शिमी नाम का था; और वह कोसता हुआ चला आया। और दाऊद पर, और दाऊद राजा के सब कर्मचारियों पर पत्थर फेंकने लगा; और शूरवीरों समेत सब लोग उसकी दाहिनी बाई दोनों ओर थे। और शिमी कोसता हुआ यों बकता गया, कि दूर हो खूनी, दूर हो ओछे, निकल जा, निकल जा! यहोवा ने तुझ से शाऊल के घराने के खून का पूरा पलटा लिया है, जिसके स्थान पर तू राजा बना है; यहोवा ने राज्य को तेरे पुत्रा अबशालोम के हाथ कर दिया है। और इसलिये कि तू खूनी है, तू अपनी बुराई में आप फंस गया।
- 2 Samuel 4:10–11 2 शमूएल 4:10–11जब किसी ने यह जानकर, कि मैं शुभ समाचार देता हूं, सिकलग में मुझ को शाऊल के मरने का समाचार दिया, तब मैं ने उसको पकड़कर घात कराया; अर्थात् उसको समाचार का यही बदला मिला। फिर जब दुष्ट मनुष्यों ने एक निर्दोष मनुष्य को उसी के घर में, वरन उसकी चारपाई ही पर घात किया, तो मैं अब अवश्य ही उसके खून का पलटा तुम से लूंगा, और तुम्हें धरती पर से नष्ट कर डालूंगा।
- 2 Samuel 1:12 2 शमूएल 1:12और वे शाऊल, और उसके पुत्रा योनातन, और यहोवा की प्रजा, और इस्राएल के घराने के लिये छाती पीटने और रोने लगे, और सांझ तक कुछ न खाया, इस कारण कि वे तलवार से मारे गए थे।