Genesis · chapter 47 · verse 25
Genesis 47:25 in Hindi
उन्हों ने कहा, तू ने हमको बचा लिया है: हमारे प्रभु के अनुग्रह की दृष्टि हम पर बनी रहे, और हम फिरौन के दास होकर रहेंगे।
Unhom ne kahaa, too ne hamako bachaa liyaa hai: hamaare prabhu ke anugrah kee drushti ham par banee rahe, aur ham phiraun ke daas hokar rahenge.
Genesis 47:25 in English
- King James Version (KJV)
- And they said, Thou hast saved our lives: let us find grace in the sight of my lord, and we will be Pharaoh’s servants.
- World English Bible (WEB)
- They said, “You have saved our lives! Let us find favor in the sight of my lord, and we will be Pharaoh’s servants.”
- American Standard Version (ASV)
- And they said, Thou hast saved our lives: let us find favor in the sight of my lord, and we will be Pharaoh’s servants.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they said to him, Truly you have kept us from death; may we have grace in your eyes, and we will be Pharaoh's servants.
- Darby Translation (DBY)
- And they said, Thou hast saved us alive. Let us find favour in the eyes of my lord, and we will be Pharaoh's bondmen.
- Webster's Bible (WBS)
- And they said, Thou hast saved our lives: let us find grace in the sight of my lord, and we will be Pharaoh's servants.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they say, 'Thou hast revived us; we find grace in the eyes of my lord, and have been servants to Pharaoh;'
Read in context
- 23तब यूसुफ ने प्रजा के लोगों से कहा, सुनो, मैं ने आज के दिन तुम को और तुम्हारी भूमि को भी फिरौन के लिये मोल लिया है; देखो, तुम्हारे लिये यहां बीज है, इसे भूमि में बोओ।
- 24और जो कुछ उपजे उसका पंचमांश फिरौन को देना, बाकी चार अंश तुम्हारे रहेंगे, कि तुम उसे अपने खेतों मंे बोओ, और अपने अपने बालबच्चों और घर के और लोगों समेत खाया करो।
- 25उन्हों ने कहा, तू ने हमको बचा लिया है: हमारे प्रभु के अनुग्रह की दृष्टि हम पर बनी रहे, और हम फिरौन के दास होकर रहेंगे।
- 26सो यूसुफ ने मि की भूमि के विषय में ऐसा नियम ठहराया, जो आज के दिन तक चला आता है, कि पंचमांश फिरौन को मिला करे; केवल याजकों ही की भूमि फिरौन की नहीं हुई।
- 27और इस्राएली मि के गोशेन देश में रहने लगे; और वहां की भूमि को अपने वश में कर लिया, और फूले- फले, और अत्यन्त बढ़ गए।।
Cross references
- Genesis 33:15 उत्पत्ति 33:15एसाव ने कहा, तो अपने संगवालों में से मैं कई एक तेरे साथ छोड़ जाऊं। उस ने कहा, यह क्यों? इतना ही बहुत है, कि मेरे प्रभु की अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे।
- Ruth 2:13 रूत 2:13उस ने कहा, हे मेरे प्रभु, तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे, क्योंकि यद्यपि मैं तेरी दासियों में से किसी के भी बराबर नहीं हूं, तौभी तू ने अपनी दासी के मन में पैठनेवाली बातें कहकर मुझे शान्ति दी है।
- Genesis 18:3 उत्पत्ति 18:3हे प्रभु, यदि मुझ पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि है तो मैं बिनती करता हूं, कि अपने दास के पास से चले न जाना।
- Proverbs 11:26–27 नीतिवचन 11:26–27जो अपना अनाज रख छोड़ता है, उसकी लोग शाप देते हैं, परन्तु जो उसे बेच देता है, उसको आशीर्वाद दिया जाता है। जो यत्न से भलाई करता है वह औरों की प्रसन्नता खोजता है, परन्तु जो दूसरे की बुराई का खोजी होता है, उसी पर बुराई आ पड़ती है।
- Genesis 50:20 उत्पत्ति 50:20यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था; परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं।
- Genesis 41:45 उत्पत्ति 41:45और फिरौन ने यूसुफ का नाम सापन त्पानेह रखा। और ओन नगर के याजक पोतीपेरा की बेटी आसनत से उसका ब्याह करा दिया। और यूसुफ मि के सारे देश में दौरा करने लगा।
- Genesis 45:6–8 उत्पत्ति 45:6–8क्योंकि अब दो वर्ष से इस देश में अकाल है; और अब पांच वर्ष और ऐसे ही होंगे, कि उन में न तो हल चलेगा और न अन्न काटा जाएगा। सो परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे आगे इसी लिये भेजा, कि तुम पृथ्वी पर जीवित रहो, और तुम्हारे प्राणों के बचने से तुम्हारा वंश बढ़े। इस रीति अब मुझ को यहां पर भेजनेवाले तुम नहीं, परमेश्वर ही ठहरा: और उसी ने मुझे फिरौन का पिता सा, और उसके सारे घर का स्वामी, और सारे मि देश का प्रभु ठहरा दिया है।
- Genesis 6:19 उत्पत्ति 6:19और सब जीवित प्राणियों में से, तू एक एक जाति के दो दो, अर्थात् एक नर और एक मादा जहाज में ले जाकर, अपने साथ जीवित रखना।