Genesis · chapter 47 · verse 23
Genesis 47:23 in Hindi
तब यूसुफ ने प्रजा के लोगों से कहा, सुनो, मैं ने आज के दिन तुम को और तुम्हारी भूमि को भी फिरौन के लिये मोल लिया है; देखो, तुम्हारे लिये यहां बीज है, इसे भूमि में बोओ।
Tab yoosuph ne prajaa ke logom se kahaa, suno, maim ne aaj ke din tum ko aur tumhaaree bhoomi ko bhee phiraun ke liye mol liyaa hai; dekho, tumhaare liye yahaam beej hai, ise bhoomi mem boo.
Genesis 47:23 in English
- King James Version (KJV)
- Then Joseph said unto the people, Behold, I have bought you this day and your land for Pharaoh: lo, [here is] seed for you, and ye shall sow the land.
- World English Bible (WEB)
- Then Joseph said to the people, “Behold, I have bought you and your land today for Pharaoh. Behold, here is seed for you, and you shall sow the land.
- American Standard Version (ASV)
- Then Joseph said unto the people, Behold, I have bought you this day and your land for Pharaoh: lo, here is seed for you, and ye shall sow the land.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Joseph said to the people, I have made you and your land this day the property of Pharaoh; here is seed for you to put in your fields.
- Darby Translation (DBY)
- And Joseph said to the people, Behold, I have bought you this day and your land for Pharaoh: lo, here is seed for you, and sow the land.
- Webster's Bible (WBS)
- Then Joseph said to the people, Behold, I have bought you this day and your land for Pharaoh: lo, [here is] seed for you, and ye shall sow the land.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Joseph saith unto the people, 'Lo, I have bought you to-day and your ground for Pharaoh; lo, seed for you, and ye have sown the ground,
Read in context
- 21और एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक सारे मि देश में जो प्रजा रहती थी, उसको उस ने नगरों में लाकर बसा दिया।
- 22पर याजकों की भूमि तो उस ने न मोल ली: क्योंकि याजकों के लिये फिरौन की ओर से नित्य भोजन का बन्दोबस्त था, और नित्य जो भोजन फिरौन उनको देता था वही वे खाते थे; इस कारण उनको अपनी भूमि बेचनी न पड़ी।
- 23तब यूसुफ ने प्रजा के लोगों से कहा, सुनो, मैं ने आज के दिन तुम को और तुम्हारी भूमि को भी फिरौन के लिये मोल लिया है; देखो, तुम्हारे लिये यहां बीज है, इसे भूमि में बोओ।
- 24और जो कुछ उपजे उसका पंचमांश फिरौन को देना, बाकी चार अंश तुम्हारे रहेंगे, कि तुम उसे अपने खेतों मंे बोओ, और अपने अपने बालबच्चों और घर के और लोगों समेत खाया करो।
- 25उन्हों ने कहा, तू ने हमको बचा लिया है: हमारे प्रभु के अनुग्रह की दृष्टि हम पर बनी रहे, और हम फिरौन के दास होकर रहेंगे।
Cross references
- Genesis 45:6 उत्पत्ति 45:6क्योंकि अब दो वर्ष से इस देश में अकाल है; और अब पांच वर्ष और ऐसे ही होंगे, कि उन में न तो हल चलेगा और न अन्न काटा जाएगा।
- Psalm 41:1 भजन संहिता 41:1क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है! विपत्ति के दिन यहोवा उसको बचाएगा।
- Proverbs 12:11 नीतिवचन 12:11जो अपनी भूमि को जोतता, वह पेट भर खाता है, परन्तु जो निकम्मों की संगति करता, वह निर्बुद्धि ठहरता है।
- Isaiah 55:10 यशायाह 55:10जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोलनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है,
- Matthew 24:45 मत्ती 24:45सो वह विश्वासयोग्य और बुद्धिमान दास कौन है, जिसे स्वामी ने अपने नौकर चाकरों पर सरदार ठहराया, कि समय पर उन्हें भोजन दे?
- Psalm 112:5 भजन संहिता 112:5जो पुरूष अनुग्रह करता और उधार देता है, उसका कल्याण होता है, वह न्याय में अपने मुक में को जीतेगा।
- Proverbs 11:26 नीतिवचन 11:26जो अपना अनाज रख छोड़ता है, उसकी लोग शाप देते हैं, परन्तु जो उसे बेच देता है, उसको आशीर्वाद दिया जाता है।
- Ecclesiastes 11:6 सभोपदेशक 11:6भोर को अपना बीज बो, और सांझ को भी अपना हाथ न रोक; क्योंकि तू नहीं जानता कि कौन सुफल होगा, यह वा वह वा दोनों के दोनों अच्छे निकलेंगे।
- 2 Corinthians 9:10 2 कुरिन्थियों 9:10सो जो बोनेवाले को बीज, और भोजन के लिये रोटी देता है वह तुम्हें बीज देगा, और उसे फलवन्त करेगा; और तुम्हारे धर्म के फलों को बढ़ाएगा।
- Genesis 41:27 उत्पत्ति 41:27फिर उनके पीछे जो दुर्बल और कुडौल गायें निकलीं, और जो सात छूछी और पुरवाई से मुरझाई हुई बालें निकाली, वे अकाल के सात वर्ष होंगे।
- Psalm 107:36–37 भजन संहिता 107:36–37और वहां वह भूखों को बसाता है, कि वे बसने के लिये नगर तैयार करें; और खेती करें, और दाख की बारियां लगाएं, और भांति भांति के फल उपजा लें।
- Proverbs 13:23 नीतिवचन 13:23निर्बल लोगों को खेती बारी से बहुत भोजनवस्तु मिलती है, परन्तु ऐसे लोग भी हैं जो अन्याय के कारण मिट जाते हैं।