Genesis · chapter 6 · verse 21
Genesis 6:21 in Hindi
और भांति भांति का भोज्य पदार्थ जो खाया जाता है, उनको तू लेकर अपने पास इकट्ठा कर रखना सो तेरे और उनके भोजन के लिये होगा।
Aur bhaanti bhaanti kaa bhojy padaarth jo khaayaa jaataa hai, unako too lekar apane paas ikatthaa kar rakhanaa so tere aur unake bhojan ke liye hogaa.
Genesis 6:21 in English
- King James Version (KJV)
- And take thou unto thee of all food that is eaten, and thou shalt gather [it] to thee; and it shall be for food for thee, and for them.
- World English Bible (WEB)
- Take with you some of all food that is eaten, and gather it to yourself; and it will be for food for you, and for them.”
- American Standard Version (ASV)
- And take thou unto thee of all food that is eaten, and gather it to thee; and it shall be for food for thee, and for them.
- Bible in Basic English (BBE)
- And make a store of every sort of food for yourself and them.
- Darby Translation (DBY)
- And take thou of all food that is eaten, and gather [it] to thee, that it may be for food for thee and for them.
- Webster's Bible (WBS)
- And take thou to thee of all food that is eaten, and thou shalt gather [it] to thee; and it shall be for food for thee, and for them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And thou, take to thyself of all food that is eaten; and thou hast gathered unto thyself, and it hath been to thee and to them for food.'
Read in context
- 19और सब जीवित प्राणियों में से, तू एक एक जाति के दो दो, अर्थात् एक नर और एक मादा जहाज में ले जाकर, अपने साथ जीवित रखना।
- 20एक एक जाति के पक्षी, और एक एक जाति के पशु, और एक एक जाति के भूमि पर रेंगनेवाले, सब में से दो दो तेरे पास आएंगे, कि तू उनको जीवित रखे।
- 21और भांति भांति का भोज्य पदार्थ जो खाया जाता है, उनको तू लेकर अपने पास इकट्ठा कर रखना सो तेरे और उनके भोजन के लिये होगा।
- 22परमेश्वर की इस आज्ञा के अनुसार नूह ने किया।
Cross references
- Psalm 136:25 भजन संहिता 136:25वह सब प्राणियों को आहार देता है, उसकी करूणा सदा की है।
- Genesis 1:29–30 उत्पत्ति 1:29–30फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीजवाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीजवाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं: और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले जन्तु हैं, जिन में जीवन के प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैं ने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं; और वैसा ही हो गया।
- Psalm 145:16 भजन संहिता 145:16तू अपनी मुट्ठी खोलकर, सब प्राणियों को आहार से तृप्त करता है।
- Psalm 104:27–28 भजन संहिता 104:27–28इन सब को तेरा ही आसरा है, कि तू उनका आहार समय पर दिया करे। तू उन्हें देता हे, वे चुन लेते हैं; तू अपनी मुट्ठी खोलता है और वे उत्तम पदार्थों से तृप्त होते हैं।
- Matthew 6:26 मत्ती 6:26आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।
- Job 40:20 अय्यूब 40:20निश्चय पहाड़ों पर उसका चारा मिलता है, जहां और सब वनपशु कालोल करते हैं।
- Psalm 147:9 भजन संहिता 147:9वह पशुओं को और कौवे के बच्चों को जो पुकारते हैं, आहार देता है।
- Job 38:41 अय्यूब 38:41फिर जब कौवे के बच्चे ईश्वर की दोहाई देते हुए निराहार उड़ते फिरते हैं, तब उनको आहार कौन देता है?
- Psalm 35:6 भजन संहिता 35:6उनका मार्ग अन्धियारा और फिसलाहा हो, और यहोवा का दूत उनको खदेड़ता जाए।।