Habakkuk · chapter 1 · verse 2
Habakkuk 1:2 in Hindi
हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख "उपद्रव", "उपद्रव" चिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा?
He yahovaa maim kab tak teree dohaaee detaa rahoongaa, aur too na sunegaa? Maim kab tak tere sammukh "upadrava", "upadrava" chillaataa rahoongaa? Kyaa too uddhaar naheem karegaa?
Habakkuk 1:2 in English
- King James Version (KJV)
- O LORD, how long shall I cry, and thou wilt not hear! [even] cry out unto thee [of] violence, and thou wilt not save!
- World English Bible (WEB)
- LORD, how long will I cry, and you will not hear? I cry out to you “Violence!” and will you not save?
- American Standard Version (ASV)
- O Jehovah, how long shall I cry, and thou wilt not hear? I cry out unto thee of violence, and thou wilt not save.
- Bible in Basic English (BBE)
- How long, O Lord, will your ears be shut to my voice? I make an outcry to you about violent behaviour, but you do not send salvation.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah, how long shall I cry and thou wilt not hear? I cry out unto thee, Violence! and thou dost not save.
- Webster's Bible (WBS)
- O LORD, how long shall I cry, and thou wilt not hear! [even] cry out to thee [of] violence, and thou wilt not save!
- Young's Literal Translation (YLT)
- Till when, O Jehovah, have I cried, And Thou dost not hear? I cry unto Thee — 'Violence,' and Thou dost not save.
Read in context
- 1भारी वचन जिसको हबक्कूक नबी ने दर्शन में पाया।।
- 2हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख "उपद्रव", "उपद्रव" चिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा?
- 3तू मुझे अनर्थ काम क्यों दिखाता है? और क्या कारण है कि तू उत्पात को देखता ही रहता है? मेरे साम्हने लूट- पाट और उपद्रव होते रहते हैं; और झगड़ा हुआ करता है और वादविवाद बढ़ता जाता है।
- 4इसलिये व्यवस्था ढीली हो गई और न्याय कभी नहीं प्रगट होता। दुष्ट लोग धर्मी को घेर लेते हैं; सो न्याय का खून हो रहा है।।
Cross references
- Psalm 22:1–2 भजन संहिता 22:1–2हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायत करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता।
- Psalm 13:1–2 भजन संहिता 13:1–2हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?
- Lamentations 3:8 विलापगीत 3:8मैं चिल्ला चिल्लाके दोहाई देता हूँ, तौभी वह मेरी प्रार्थता नहीं सुनता;
- Jeremiah 14:9 यिर्मयाह 14:9तू क्यों एक विस्मित पुरूष या ऐसे वीर के समान है जो बचा न सके? तौभी हे यहोवा तू हमारे बीच में है, और हम तेरे कहलाते हैं; इसलिये हमको न तज।
- Psalm 94:3 भजन संहिता 94:3हे यहोवा, दुष्ट लोग कब तक, दुष्ट लोग कब तक डींग मारते रहेंगे?
- Revelation 6:10 प्रकाशितवाक्य 6:10और उन्हों ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे स्वामी, हे पवित्रा, और सत्य; तू कब तक न्याय न करेगा? और पृथ्वी के रहनेवालों से हमारे लोहू का पलटा कब तक न लेगा?
- Psalm 74:9–10 भजन संहिता 74:9–10हम को हमारे निशान नहीं देख पड़ते; अब कोई नबी नहीं रहा, न हमारे बीच कोई जानता है कि कब तक यह दशा रहेगी। हे परमेश्वर द्रोही कब तक नामधराई करता रहेगा? क्या शत्रु, तेरे नाम की निन्दा सदा करता रहेगा?