Habakkuk · chapter 1 · verse 4
Habakkuk 1:4 in Hindi
इसलिये व्यवस्था ढीली हो गई और न्याय कभी नहीं प्रगट होता। दुष्ट लोग धर्मी को घेर लेते हैं; सो न्याय का खून हो रहा है।।
Isaliye vyavasthaa dheelee ho gaee aur nyaay kabhee naheem pragat hotaa. Dusht log dharmee ko gher lete haim; so nyaay kaa khoon ho rahaa hai..
Habakkuk 1:4 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore the law is slacked, and judgment doth never go forth: for the wicked doth compass about the righteous; therefore wrong judgment proceedeth.
- World English Bible (WEB)
- Therefore the law is paralyzed, and justice never prevails; for the wicked surround the righteous; therefore justice comes out perverted.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore the law is slacked, and justice doth never go forth; for the wicked doth compass about the righteous; therefore justice goeth forth perverted.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason the law is feeble and decisions are not effected: for the upright man is circled round by evil-doers; because of which right is twisted.
- Darby Translation (DBY)
- Therefore the law is powerless, and justice doth never go forth; for the wicked encompasseth the righteous; therefore judgment goeth forth perverted.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore the law is slackened, and judgment doth never go forth: for the wicked doth encompass the righteous; therefore wrong judgment proceedeth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Therefore doth law cease, And judgment doth not go forth for ever, For the wicked is compassing the righteous, Therefore wrong judgment goeth forth.
Read in context
- 2हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख "उपद्रव", "उपद्रव" चिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा?
- 3तू मुझे अनर्थ काम क्यों दिखाता है? और क्या कारण है कि तू उत्पात को देखता ही रहता है? मेरे साम्हने लूट- पाट और उपद्रव होते रहते हैं; और झगड़ा हुआ करता है और वादविवाद बढ़ता जाता है।
- 4इसलिये व्यवस्था ढीली हो गई और न्याय कभी नहीं प्रगट होता। दुष्ट लोग धर्मी को घेर लेते हैं; सो न्याय का खून हो रहा है।।
- 5अन्यजातियों की ओर चित्त लगाकर देखो, और बहुत ही चकित हो। क्योंकि मैं तुम्हारे ही दिनों में ऐसा काम करने पर हूं कि जब वह तुम को बताया जाए तो तुम उसकी प्रतीति न करोगे।
- 6देखो, मैं कसदियों को उभारने पर हूं, वे क्रूर और उतावली करनेवाली जाति हैं, जो पराए वासस्थानों के अधिकारी होने के लिये पृथ्वी भर में फैल गए हैं।
Cross references
- Job 21:7 अय्यूब 21:7क्या कारण है कि दुष्ट लोग जीवित रहते हैं, वरन बूढ़े भी हो जाते, और उनका धन बढ़ता जाता है?
- Psalm 119:126 भजन संहिता 119:126वह समय आया है, कि यहोवा काम करे, क्योंकि लोगों ने तेरी व्यवस्था को तोड़ दिया है।
- Isaiah 1:21–23 यशायाह 1:21–23जो नगरी सती थी सो क्योंकर व्यभिचारिन हो गई! वह न्याय से भरी थी और उस में धर्म पाया जाता था, परन्तु अब उस में हत्यारे ही पाए जाते हैं। तेरी चान्दी घातु का मैल हो गई, तेरे दाखमधु में पानी मिल गया है। तेरे हाकिम हठीले और चोरों से मिले हैं। वे सब के सब घूस खानेवाले और भेंट के लालची हैं। वे अनाथ का न्याय नहीं करते, और न विधवा का मुक मा अपने पास आने देते हैं।
- Psalm 94:20–21 भजन संहिता 94:20–21क्या तेरे और दुष्टों के सिंसाहन के बीच सन्धि होगी, जो कानून की आड़ में उत्पात मचाते हैं? वे धर्मी का प्राण लेने को दल बान्धते हैं, और निर्दोष को प्राणदण्ड देते हैं।
- Jeremiah 12:1 यिर्मयाह 12:1हे यहोवा, यदि मैं तुझ से मुक़ मा लड़ूं, तौभी तू धम है; मुझे अपने साथ इस विषय पर वादविवाद करने दे। दुष्टों की चाल क्यों सफंल होती है? क्या कारण है कि विश्वासघाती बहुत सुख से रहते हैं?
- Ezekiel 9:9 यहेजकेल 9:9तब उस ने मुझ से कहा, इस्राएल और यहूदा के घरानों का अधर्म अत्यन्त ही अधिक है, यहां तक कि देश हत्या से और नगर अन्याय से भर गया है; क्योंकि वे कहते हें कि यहोवा ने पृथ्वी को त्याग दिया और यहोवा कुछ नहीं देखता।
- Isaiah 59:13–15 यशायाह 59:13–15हम ने यहोवा का अपराध किया है, हम उस से मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अन्धेर करने लगे और उलट फेर की बातें कहीं, हम ने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं। न्याय तो पीछे हटाया गया और धर्म दूर खड़ा रह गया; सच्चाई बाजार में गिर पड़ी और सिधाई प्रवेश नहीं करने पाती। हां, सच्चाई खोई, और जो बुराई से भागता है सो शिकार हो जाता है।। यह देखकर यहोवा ने बुरा माना, क्योंकि न्याय जाता रहा,
- Isaiah 5:20 यशायाह 5:20हाय उन पर जो बुरे को भला और भले को बुरा कहते, जो अंधियारे को उजियाला और उजियाले को अंधियारा ठहराते, और कडुवे को मीठा और मीठे को कड़वा करके मानते हैं!
- Hosea 10:4 होशे 10:4वे बातें बनाते और झूठी शपथ खाकर वाचा बान्धते हैं; इस कारण खेत की रेघारियों में धतूरे की नाईं दण्ड फूले फलेगा।
- Deuteronomy 16:19 व्यवस्थाविवरण 16:19तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है।
- Psalm 58:1–2 भजन संहिता 58:1–2हे मनुष्यों, क्या तुम सचमुच धर्म की बात बोलते हो? और हे मनुष्यवंशियों क्या तुम सीधाई से न्याय करते हो? नहीं, तुम मन ही मन में कुटिल काम करते हो; तुम देश भर में उपद्रव करते जाते हो।।
- Ezekiel 22:25–30 यहेजकेल 22:25–30तेरे भविष्यद्वक्ताओं ने तुझ में राजद्रोह की गोष्ठी की, उन्हों ने गरजनेवाले सिंह की नाई अहेर पकड़ा और प्राणियों को खा डाला है; वे रखे हुए अनमोल धन को छीन लेते हैं, और तुझ में बहुत स्त्रियों को विधवा कर दिया हे। उसके याजकों ने मेरी व्यवस्था का अर्थ खींचखांचकर लगाया है, और मेरी पवित्रा वस्तुओं को अपवित्रा किया है; उन्हों ने पवित्रान्अपवित्रा का कुछ भेद नहीं माना, और न औरों को शुद्ध- अशुद्ध का भेद सिखाया है, और वे मेरे विश्रामदिनों के विषय में निश्चिन्त रहते हैं, जिस से मैं उनके बीच अपवित्रा ठहरता हूँ। उसके प्रधान हुंड़ारों की नाई अहेर पकड़ते, और अन्याय से लाभ उठाने के लिये हत्या करते हैं और प्राण घात करने को तत्पर रहते हैं। और उसके भविष्यद्वक्ता उनके लिये कच्ची लेसाई करते हैं, उनका दर्शन पाना मिध्या है; यहोवा के बिना कुछ कहे भी वे यह कहकर झूठी भावी बताते हैं कि "प्रभु यहोवा यों कहता है"। देश के साधारण लोग भी अन्धेर करते और पराया धन छीनते हैं, वे दीन दरिद्र को पीसते और न्याय की चिन्ता छोड़कर परदेशी पर अन्धेेर करते हैं। और मैं ने उन में ऐसा मनुष्य ढूंढ़ना चाहा जो बाड़े को सुधारे और देश के निमित्त नाके में मेरे साम्हने ऐसा खड़ा हो कि मुझे उसको नाश न करना पड़े, परन्तु ऐसा कोई न मिला।
Original words (Hebrew)
- law · H8451תּוֹרָה tôwrâh
- slacked · H6313פּוּג pûwg
- judgment · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ
- never · H5331נֶצַח netsach
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- wicked · H7563רָשָׁע râshâʻ
- compass · H3803כָּתַר kâthar
- righteous · H6662צַדִּיק tsaddîyq
- wrong · H6127עָקַל ʻâqal
- judgment · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ
- proceedeth · H3318יָצָא yâtsâʼ